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ग्रैप-3 तोड़ने पर कितनी लगती है पेनाल्टी और कितनी मिलती है सजा? जानें क्या हैं नियम

वाहनों को लेकर ग्रैप-3 नियमों का उल्लंघन भारी पड़ सकता है और जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानें कि इसके लिए कितना जुर्माना लग सकता है.

दिल्ली-एनसीआर की हवा हाल के दिनों में कुछ साफ होती नजर आई, लेकिन अभी भी प्रदूषण नियंत्रण के कड़े नियम लागू हैं. ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-3 नियमों का उल्लंघन करना अब भी भारी पड़ सकता है. सवाल यह है कि अगर कोई वाहन या निर्माण गतिविधि इन नियमों की सीमा पार करता है तो कितनी पेनाल्टी लगती है और सजा क्या हो सकती है. जानिए इसके नियम और कितना जुर्माना लगता है.

GRAP-3 क्या हैं नियम?

दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू है. इसके चौथे चरण की सबसे सख्त पाबंदियां हाल ही में हटा दी गई हैं, लेकिन स्टेज 1, 2 और 3 की पाबंदियां अब भी लागू हैं. 

स्टेज-3 में मुख्य तौर पर उन गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है जो हवा को सबसे ज्यादा प्रदूषित करती हैं. इसमें पुराने वाहनों, बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) प्रमाणपत्र वाले वाहनों, गैर-CNG बसों और निर्माण/मलबा जलाने जैसी गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण है.

वाहन उल्लंघन पर कितनी लगती है पेनाल्टी?

ग्रैप-3 नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना गंभीर है. पुराने वाहनों (BS-III पेट्रोल, BS-IV डीजल) के संचालन पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है. PUC प्रमाणपत्र न होने पर ₹10,000 का जुर्माना. इंटर-स्टेट बसें जो गैर-CNG, EV या BS-VI डीजल हैं, उन्हें दिल्ली में प्रवेश करने से रोका गया है.

हालांकि, कुछ अदालतों ने भारी जुर्माने पर सवाल उठाए हैं. उदाहरण के लिए, वाहन पर 20,000 रुपये जुर्माना लगाने वाले प्रावधान (सेक्शन 194, मोटर व्हीकल एक्ट) को चुनौती दी गई है. कुछ रूलिंग्स में सुझाव दिया गया कि अगर वाहन नियम के भार सीमा से अधिक नहीं है, तो सामान्य जुर्माना (500 रुपये) सेक्शन 177 के तहत लगाया जा सकता है. 

निर्माण और जलाने जैसी गतिविधियों पर पाबंदी

निर्माण और मलबा फेंकने/जला देने जैसी गतिविधियां भी GRAP-3 में प्रतिबंधित हैं. भूस्खलन, पाइलिंग, मिट्टी या कचरा जलाना जैसी गतिविधियों पर स्थानीय अधिकारियों द्वारा जुर्माना लगाया जाता है. इसका उद्देश्य हवा में धूल और धुआं फैलाने वाली गतिविधियों को रोकना है. पुलिस और संबंधित विभाग लगातार हॉटस्पॉट्स पर निगरानी रखते हैं और उल्लंघनकर्ताओं को चालान करते हैं.

कानूनी प्रक्रिया और सजा

GRAP-3 उल्लंघन के मामलों में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है. जुर्माना न चुकाने या बार-बार उल्लंघन करने पर वाहन मालिक को अदालत में पेश होना पड़ सकता है. ट्रैफिक पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण टीम और स्थानीय अधिकारियों का काम उल्लंघनों पर सख्त निगरानी और तत्काल कार्रवाई करना है. 

क्या सजा है और कितनी पेनाल्टी

सजा और पेनाल्टी इस प्रकार हैं-

BS-III पेट्रोल/BS-IV डीजल वाहन चलाने पर 20,000 रुपये.

PUC प्रमाणपत्र न होने पर 10,000 रुपये.

निर्माण या कचरा/लकड़ी/कोयला जलाने पर स्थानीय जुर्माना, जिसकी राशि स्थानीय अधिकारियों द्वारा तय की जाती है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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