एक्सप्लोरर

दुनिया के इन देशों में पानी की एक बोतल से भी सस्ता है क्रूड ऑयल, कीमत सुनकर ही उड़ जाएंगे होश

Crude Oil vs Water Bottle Price: क्या कच्चे तेल से महंगी हो सकती है पानी की बोतल? आज हम आपको बताने वाले हैं ऐसे ही कुछ देशों के बारे में जहां पानी की बोतल से भी सस्ता है कच्चा तेल.

Crude Oil vs Water Bottle Price: जब भी हम कहीं घूमने जाते हैं तो सफर के दौरान कई बार पैक्ड पानी की बोतल खरीद ही लेते हैं. यह पानी की बोतल लगभग 20 रूपये की होती है, जो काफी कम है. अब हम आपसे कहें कि दुनिया के कुछ देशों में क्रूड ऑयल पानी से भी सस्ता मिलता है तो शायद आप इस बात को मानने से इंकार कर दें, लेकिन यह बिल्कुल सच है.

भारत में जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं और 100 के पार हैं तो वहीं दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां क्रूड ऑयल पानी से काफी सस्ता है. आइए आपको बताते हैं कि किन देशों में पानी से ज्यादा सस्ते दामों में मिलता है क्रूड ऑयल. 

कितनी है पानी की कीमत? 

भारत में आमतौर पर एक पानी की बोतल तकरीबन 20-30 रूपये की मिलती है. इसमें भी बात अगर रेल नीर की करें तो इसकी एक बोतल की कीमत 14 रूपये है, जबकि एक लीटर पैक्ड प्रीमियम ब्रांड पानी की बोतल 70 रुपये की बिकती है. इसलिए पानी की कीमत उसकी ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर भी निर्भर करती है.

क्या सच में पानी से सस्ता है क्रूड ऑयल? 

सबसे पहले तो यह समझ लें कि क्रूड ऑयल सीधे इस्तेमाल करने योग्य नहीं होता. इस तेल को कई स्तर पर रिफाइन और प्रोसस किया जाता है, जिससे इसकी लागत बढ़ जाती है. हालांकि, अगर हम एक बैरल क्रूड ऑयल की बात करें तो इसकी कीमत करीब 5414 रुपये है. बता दें, एक बैरल में 159 लीटर तेल होता है. इस मुताबिक, एक लीटर क्रूड ऑयल की कीमत करीब 34 रुपये होती है. जबकि भारत में सामान्य पानी की बोलत 20 रुपये है, वहीं ब्रांडेड पानी 70 रुपये/लीटर या इससे ज्यादा में बिकता है. 

किन देशों में क्रूड ऑयल से महंगा है पानी

दुनिया में कुछ देश ऐसे हैं जहां पानी की कीमत क्रूड ऑयल से भी ज्यादा है. इसमें पहला नाम सऊदी अरब का ही है, जहां पानी करीब 44 रुपये लीटर तक मिलता है. हालांकि, इसके लिए कोई तय मानक नहीं हैं. वहींअमेरिका के पड़ोसी वेनेजुअला में तेल का भंडार है, जहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत करीब 3 रुपये/लीटर है. फिलहाल सबसे सस्ता पेट्रोल अभी 2.43 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से लीबिया में बिक रहा है. 

इसे भी पढ़े : गांधी जी की जिंदगी में आई थीं ये 3 महिलाएं, जानें तीनों से कैसे थे उनके संबंध?

आंखों में सपने लिए, घर से हम चल तो दिए, जानें ये राहें अब ले जाएंगी कहां... कहने को तो ये सिंगर शान के गाने तन्हा दिल की शुरुआती लाइनें हैं, लेकिन दीपाली की जिंदगी पर बखूबी लागू होती हैं. पूरा नाम दीपाली बिष्ट, जो पहाड़ की खूबसूरत दुनिया से ताल्लुक रखती हैं. किसी जमाने में दीपाली के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ कंधे पर झोला टांगकर और हाथों में अखबार लेकर घूमने वाले लोग होते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी आंखों में इसी दुनिया का सितारा बनने के सपने पनपने लगे और वह भी पत्रकारिता की दुनिया में आ गईं. उन्होंने अपने इस सफर का पहला पड़ाव एबीपी न्यूज में डाला है, जहां वह ब्रेकिंग, जीके और यूटिलिटी के अलावा लाइफस्टाइल की खबरों से रोजाना रूबरू होती हैं. 

दिल्ली में स्कूलिंग करने वाली दीपाली ने 12वीं खत्म करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया और सत्यवती कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स में ग्रैजुएशन किया. ग्रैजुएशन के दौरान वह विश्वविद्यालय की डिबेटिंग सोसायटी का हिस्सा बनीं और अपनी काबिलियत दिखाते हुए कई डिबेट कॉम्पिटिशन में जीत हासिल की. 

साल 2024 में दीपाली की जिंदगी में नया मोड़ तब आया, जब उन्होंने गुलशन कुमार फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (नोएडा) से टीवी जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा की डिग्री हासिल की. उस दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, एडिटिंग, कंटेंट राइटिंग, रिसर्च और एंकरिंग की बारीकियां सीखीं. कॉलेज खत्म करने के बाद वह एबीपी नेटवर्क में बतौर कॉपीराइटर इंटर्न पत्रकारिता की दुनिया को करीब से समझ रही हैं. 

घर-परिवार और जॉब की तेज रफ्तार जिंदगी में अपने लिए सुकून के पल ढूंढना दीपाली को बेहद पसंद है. इन पलों में वह पोएट्री लिखकर, उपन्यास पढ़कर और पुराने गाने सुनकर जिंदगी की रूमानियत को महसूस करती हैं. इसके अलावा अपनी मां के साथ मिलकर कोरियन सीरीज देखना उनका शगल है. मस्ती करने में माहिर दीपाली को घुमक्कड़ी का भी शौक है और वह आपको दिल्ली के रंग-बिरंगे बाजारों में शॉपिंग करती नजर आ सकती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

China Protests : चीन में तानाशाही तो फिर वहां कैसे होते हैं सरकार के खिलाफ प्रदर्शन?
चीन में तानाशाही तो फिर वहां कैसे होते हैं सरकार के खिलाफ प्रदर्शन?
क्या होते हैं अजूबे? दुनिया में सात ही क्यों, 8 वां अब तक क्यों नहीं बन पाया
क्या होते हैं अजूबे? दुनिया में सात ही क्यों, 8 वां अब तक क्यों नहीं बन पाया
हिंदू धर्म ही नहीं, खुद पैगंबर मोहम्मद को भी नहीं पसंद था लहसुन प्याज- होश उड़ा देगी सच्चाई
पैगंबर मोहम्मद क्यों नहीं खाते थे लहसुन-प्याज? जानें यह सच
पाकिस्तान में कौन है नेता प्रतिपक्ष? राहुल गांधी के मुकाबले क्या है उनकी शिक्षा
पाकिस्तान में कौन है नेता प्रतिपक्ष? राहुल गांधी के मुकाबले क्या है उनकी शिक्षा

वीडियोज

गोरखपुर की लेडी नटवरलाल का करोड़ों वाला मायाजाल!
Pati Brahmachari:💔Isha-Suraj के बीच फिर आई Avni, तकरार के बीच पनपने लगा प्यार। #sbs
Bollywood News: बिग बॉस के टीज़र से मचा तहलका: क्या टीवी पर फिर दिखेगी 'करण-अर्जुन' की जोड़ी? ( 05.08.26 )
Jharkhand Job Protest: झारखंड नौकरी आंदोलन से घिरी सरकार! इस्तीफा देंगे हेमंत सोरेन? ABPLIVE
Mannat: Dhairya का खतरनाक खेल फेल, Mannat ने बचा लिया Vikrant को मौत के मुंह से!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मानसून सत्र का बढ़ेगा समय या बुलाया जाएगा विशेष सत्र? सरकार ने किया साफ
मानसून सत्र का बढ़ेगा समय या बुलाया जाएगा विशेष सत्र? सरकार ने किया साफ
'संप्रभुता का अपमान', शेख हसीना की PC से भड़क उठी बांग्लादेश सरकार
'संप्रभुता का अपमान', शेख हसीना की PC से भड़क उठी बांग्लादेश सरकार
यूपी चुनाव पर राहुल गांधी की बड़ी बैठक, बनाया ये खास मास्टर प्लान!
यूपी चुनाव पर राहुल गांधी की बड़ी बैठक, बनाया ये खास मास्टर प्लान!
वैभव सूर्यवंशी का भी होगा कांबली और शॉ जैसा हाल? दिग्गज के बयान से दुनिया हैरान 
वैभव सूर्यवंशी का भी होगा कांबली और शॉ जैसा हाल? दिग्गज के बयान से दुनिया हैरान 
ऋषभ पंत, संजू सैमसन या ईशान किशन, किसे मिलना चाहिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप में मौका? 
ऋषभ पंत, संजू सैमसन या ईशान किशन, किसे मिलना चाहिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप में मौका? 
Xप्लेन: विकसित भारत के ख्वाब के बीच कुपोषण ने 'दोहरी तस्वीर' कैसे बना दी?
विकसित भारत के ख्वाब के बीच कुपोषण ने 'दोहरी तस्वीर' कैसे बना दी?
'पाकिस्तान कर रहा यौम-ए-इस्तेहसाल की नौटंकी', भारत बोला- बंद करो प्रोपेगेंडा
'पाकिस्तान कर रहा यौम-ए-इस्तेहसाल की नौटंकी', भारत बोला- बंद करो प्रोपेगेंडा
परिसीमन बिल पर सरकार ने मांगा समर्थन तो अड़ गए राहुल गांधी, बोले- 'No, पहले...'
परिसीमन बिल पर सरकार ने मांगा समर्थन तो अड़े राहुल, बोले- 'पहले सदन में आएं गृहमंत्री'
Embed widget