International Cricket Pitch Cost: कितने रुपये में बनती है इंटरनेशनल मैच में यूज होने वाली पिच? रकम जानकर उड़ जाएंगे होश
International Cricket Pitch Cost: इंटरनेशनल क्रिकेट पिच बनाने में लाखों से करोड़ों रुपये खर्च होते हैं. ऐसे में चलिए आपको बताते है पिच तैयार करने की प्रक्रिया, समय और इसके पीछे की पूरी मेहनत.

International Cricket Pitch Cost: इस बार Women’s T20 World Cup 12 जून 2026 से 5 जुलाई तक चलेगी ये मैच इंग्लैंड में खेला जाएगा. इस टूर्नामेंट में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और पाकिस्तान जैसी बड़ी टीमें हिस्सा लेंगी. ऐसे में हर मैच में खिलाड़ियों के साथ-साथ पिच की भी बड़ी भूमिका रहने वाली है. इंग्लैंड के मैदानों में मौसम भी बड़ा रोल निभाता है. वहां कभी तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है तो कभी बल्लेबाज को रन बनाने में. यही कारण है कि ICC और होस्ट बोर्ड पिच तैयार करने में कोई कमी नहीं छोड़ते. एक छोटी सी गलती पूरे मैच का मजा खराब कर सकती है. ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि मैच में यूज होने वाली पिच को बनाने में कितना समय और कितनी रकम लगती होगी. टीवी पर हमें सिर्फ मैदान दिखाई देता है, लेकिन उस मैदान के बीच बनी 22 गज की पिच को तैयार करने में लाखों नहीं बल्कि कई बार करोड़ों रुपये तक खर्च हो जाते हैं. यही वजह है कि इंटरनेशनल मैच की पिच को क्रिकेट का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है.
एक इंटरनेशनल पिच बनाने में कितना खर्च आता है?
क्रिकेट एक्सपर्ट्स और कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसी बड़े स्टेडियम में इंटरनेशनल स्तर की पिच तैयार करने में करीब 50 लाख रुपये से लेकर 2 करोड़ रुपये तक का खर्च आ सकता है. अगर पूरा ग्राउंड, ड्रेनेज सिस्टम, खास मिट्टी, घास, रोलर मशीन और मेंटेनेंस को जोड़ दिया जाए तो रकम और भी बढ़ जाती है. ये इतना महंगा इसलिए क्योंकि, सिर्फ मिट्टी डाल देने से पिच तैयार नहीं होती. इसके लिए खास तरह की काली या लाल मिट्टी अलग-अलग राज्यों से मंगाई जाती है. कई बार मिट्टी को दूसरे देश से भी लाया जाता है. इसके बाद महीनों तक रोलिंग, पानी देना, घास काटना और पिच को सही सख्ती देना पड़ता है. यही कारण है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली पिच की कीमत आम लोगों को चौंका देती है.
अगर समय कि बात करें तो इंटरनेशनल क्रिकेट पिच तैयार करना एक दिन या एक हफ्ते का काम नहीं होता है. एक नई पिच को पूरी तरह तैयार होने में करीब 3 से 6 महीने का समय लग जाता है. अगर किसी पुराने मैदान को फिर से इंटरनेशनल मैच के लिए तैयार किया जा रहा हो तो इसमें और ज्यादा समय लग सकता है, कभी-कभी तो 6 से 12 महीने तक भी लग जाते हैं.
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क्यों लगता है इतना पैसा?
इंटरनेशनल मैच की पिच पूरी तरह बैलेंस होनी चाहिए. अगर पिच ज्यादा तेज हुई तो बल्लेबाज परेशान होंगे और अगर ज्यादा धीमी हुई तो मैच मजेदार नहीं रहेगा. पिच का पूरा असर खिलाड़ी के प्रदर्शन पर पड़ता है. इसलिए ग्राउंड स्टाफ हर छोटी चीज पर ध्यान देता है. पिच तैयार करने के लिए भारी रोलर मशीन, सुपर सोकर, कवर, घास काटने वाली मशीन और खास ड्रेनेज सिस्टम इस्तेमाल होता है. साथ ही बारिश होने पर भी पिच जल्दी सूख जाए, इसके लिए नीचे पाइप लाइन तक बिछाई जाती है. इसके अलावा पूरे साल ग्राउंड स्टाफ पिच की देखभाल करता है. यही वजह है कि बड़े टूर्नामेंट से पहले मैदानों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं.
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