कॉकरोच जनता पार्टी की तरह कौन-कौन सी बनीं अजीब-ओ-गरीब नाम वाली पार्टियां? देखें लिस्ट
सियासी गलियारों में अक्सर गंभीर आंदोलनों से पार्टियां निकलती हैं, लेकिन कई बार ऐसे नाम भी सामने आते हैं जो हैरान कर देते हैं. आइए जानें कि कॉकरोच जनता पार्टी की तरह और किन पार्टियों के नाम अजीब रहे.

- बिहार की 'लोक जनशक्ति' और 'विकासशील इंसान' पार्टियां भी जानी जाती हैं.
भारत में हर दिन किसी न किसी राजनीतिक संगठन या मोर्चे की सुगबुगाहट देखने को मिलती है. वैसे तो अमूमन राजनीतिक दलों की स्थापना किसी बड़े जमीनी आंदोलन, सामाजिक बदलाव या किसी गंभीर वैचारिक एजेंडे के तहत होती है. लेकिन पिछले दिनों 16 मई को सोशल मीडिया पर अचानक पैदा हुई 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया. कटाक्ष और व्यंग्य के सहारे शुरू हुए इस ऑनलाइन प्रोजेक्ट के बाद लोगों की दिलचस्पी ऐसे दलों में बढ़ गई है, जिनके नाम बेहद हैरान करने वाले हैं. देश के चुनावी इतिहास और चुनाव आयोग की सूची में कई ऐसे नाम दर्ज हैं, जिन्हें सुनकर पहली बार में यकीन करना मुश्किल हो जाता है.
भारतीय नई सोच समानता पार्टी
सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों और रेडिट जैसी मशहूर वेबसाइटों पर 'भारतीय नई सोच समानता पार्टी' का नाम भी खूब सुर्खियों में रहा. यह राजनीतिक दल खुद को पूरी तरह से आधुनिक सोच वाले युवाओं और सिविल सेवा यानी यूपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों की बुलंद आवाज के रूप में पेश करता है. युवाओं के करियर और परीक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाने का दावा करने वाली इस पार्टी का नाम और काम करने का डिजिटल तरीका पारंपरिक तौर पर चलने वाली पुरानी राजनीति से बिल्कुल जुदा है.
पब्लिक पॉलिटिकल पार्टी
चुनाव आयोग की फाइलों में एक और दिलचस्प नाम दर्ज है जिसे 'पब्लिक पॉलिटिकल पार्टी' के तौर पर जाना जाता है. इस पार्टी का नाम इतना साधारण और आम है कि पहली बार सुनने पर यह किसी असली राजनीतिक दल के बजाय किसी स्कूल या कॉलेज के बच्चों का कोई प्रोजेक्ट जैसा महसूस होता है. हालांकि, यह बाकायदा देश के निर्वाचन तंत्र का एक हिस्सा रही है. इस तरह के दल चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी तो दर्ज कराते हैं, लेकिन जागरूकता और बड़े संगठन के अभाव में इनका सफर सीमित रहता है.
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अखिल भारतीय गरीब पार्टी
गरीबी और वंचितों के हक की बात वैसे तो हर बड़ी राजनीतिक पार्टी अपने मंच से करती है, लेकिन देश में सीधे इसी नाम पर एक दल का गठन किया गया जिसे 'अखिल भारतीय गरीब पार्टी' कहा जाता है. इसका सीधा-सादा नाम ही इसकी मुख्य पहचान है. इस पार्टी का गठन मुख्य रूप से समाज के सबसे निचले पायदान पर रहने वाले वर्ग को एक विशेष प्रतिनिधित्व देने के इरादे से किया गया था. मगर, बड़े चुनावी संसाधनों की कमी के चलते इन छोटी पार्टियों का चुनावी असर हमेशा बहुत कम देखने को मिलता है.
अखिल भारतीय भ्रष्टाचार उन्मूलन
देश के चुनावी इतिहास में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने का दावा करने वाले संगठन भी पीछे नहीं रहे हैं. इसी मकसद के साथ एक दल का उदय हुआ जिसका नाम 'अखिल भारतीय भ्रष्टाचार उन्मूलन सेना' रखा गया था. इसका नाम सुनते ही ऐसा महसूस होता है कि यह किसी राजनीतिक दल के बजाय कोई कड़ा एंटी-करप्शन मिशन या सामाजिक संगठन हो. यह पार्टी भी भारत निर्वाचन आयोग की बेहद छोटी और गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों की आधिकारिक सूची में लंबे समय तक शामिल रही है.
अखिल भारतीय बेरोजगार पार्टी
देश में बढ़ती बेरोजगारी हमेशा से एक बहुत बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा रहा है, लेकिन इसी गंभीर समस्या को सीधे अपने नाम में शामिल कर एक दल चुनावी मैदान में उतर चुका है. इस दल का नाम है 'अखिल भारतीय बेरोजगार पार्टी' जो कि पूरी तरह ऑल इंडिया बेरोजगार पार्टी के तौर पर काम करती है. भारत में चुनाव आयोग के पास रजिस्टर्ड कई ऐसी छोटी और गुमनाम पार्टियां मौजूद हैं, जिनका गठन किसी खास और चुनिंदा मुद्दे पर फोकस करने के लिए ही किया गया था.
नेशनल पैरासिटिक फ्रंट
सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से उपजे राजनीतिक व्यंग्य के दौर में 'नेशनल पैरासिटिक फ्रंट' यानी परजीवी मोर्चा का नाम भी काफी चर्चा में रहा है. यह पूरी तरह से एक इंटरनेट सटायर पार्टी के रूप में सामने आई थी. इस मोर्चे को बनाने का असली मकसद देश के भीतर चल रही गंभीर राजनीतिक और सामाजिक बयानबाजी का खुलकर मजाक उड़ाना था. इस डिजिटल फ्रंट ने खुद को व्यवस्था और मौजूदा सरकारी सिस्टम के असली पीड़ितों की सच्ची आवाज के रूप में विज्ञापित किया था.
कॉकरोच जनता पार्टी
बीते 16 मई को सोशल मीडिया के पन्नों पर अचानक अवतरित होने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' यानी सीजेपी इन दिनों युवाओं की पहली पसंद बनी हुई है. हालांकि, यह कोई असली चुनावी पार्टी नहीं है, बल्कि देश की बेरोजगारी और सुस्त व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष करने वाला एक ऑनलाइन व्यंग्य आंदोलन है. इस डिजिटल दल ने अपनी टैगलाइन को 'वॉयस ऑफ द लेजी एंड अनएम्प्लॉयड' घोषित कर रखा है. अपने इसी अनोखे और मजाकिया अंदाज की बदौलत इस पेज को चंद दिनों में ही करोड़ों फॉलोअर्स हासिल हो गए हैं.
लोक जनशक्ति पार्टी
बिहार की मुख्यधारा की राजनीति में 'लोक जनशक्ति पार्टी' एक बहुत बड़ा और बेहद गंभीर नाम रहा है. इस पार्टी के नाम की सबसे खास बात यह है कि इसमें लोक, जन और शक्ति जैसे तीन भारी-भरकम और प्रभावी शब्दों को एक साथ जोड़ दिया गया है. स्वर्गीय रामविलास पासवान द्वारा स्थापित यह पार्टी बिहार की बड़ी दलित राजनीति का मुख्य चेहरा रही है. हालांकि, उनके निधन के बाद समय के चक्र के साथ यह पार्टी कई अलग-अलग हिस्सों में बंट गई, जिनमें एलजेपी (रामविलास) और आरएलजेपी मुख्य हैं.
विकासशील इंसान पार्टी
बिहार की सियासत से ही निकला एक और बेहद दिलचस्प नाम 'विकासशील इंसान पार्टी' का है, जिसे संक्षेप में लोग 'वीआईपी' कहकर बुलाते हैं. इस पार्टी का नाम सुनते ही पहली बार में कई लोग धोखा खा जाते हैं और इसे किसी राजनीतिक दल के बजाय किसी लग्जरी क्लब, महंगे होटल या कॉर्पोरेट ब्रांड से जोड़कर देखने लगते हैं. इस दल की शुरुआत बिहार के कद्दावर नेता मुकेश सहनी ने की थी, जो खुद को शान से 'सन ऑफ मल्लाह' कहते हैं और उनकी राजनीति मुख्य रूप से मछुआरा समुदाय पर केंद्रित है.
निषाद पार्टी
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मौजूदा समय में सक्रिय एक दल का नाम 'निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल' है. यह नाम आधिकारिक तौर पर इतना बड़ा और लंबा है कि आम बोलचाल में लोग इसे पूरा बोलने के बजाय सिर्फ 'निषाद पार्टी' के संक्षिप्त नाम से ही पुकारते हैं. इस दल के मुख्य संस्थापक संजय निषाद हैं. यह पार्टी उत्तर प्रदेश के भीतर मुख्य रूप से मछुआरा, कश्यप और निषाद समुदाय की राजनीति को धार देती है. साल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में यह पार्टी बीजेपी गठबंधन के साथ मिलकर काफी चर्चा में रही थी.
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