1 किलो CNG पर पंप मालिक को कितना मिलता है कमीशन? एक क्लिक समझ लें पूरा गणित
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच गैस को लेकर दुनिया को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, जिसमें सीएनजी भी शामिल थी. चलिए जानें कि एक सीएनजी पंप का मालिक एक किलो गैस बेचकर कितना कमीशन कमाता है.

भारत की सड़कों पर आजकल सीएनजी गाड़ियों की तादाद तेजी से बढ़ रही है. पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के बीच सीएनजी आम आदमी के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब अपनी गाड़ी की टंकी में सीएनजी भरवाते हैं, तो उस गैस को बेचने वाले पंप मालिक की जेब में कितना पैसा जाता है? सीएनजी स्टेशन का बिजनेस बाहर से जितना बड़ा दिखता है, इसके अंदर का मुनाफा उतना ही सधा हुआ है. आइए जानते हैं कि एक किलो सीएनजी की बिक्री पर पंप मालिकों को कितना कमीशन मिलता है.
कितना मिलता है एक किलो सीएनजी पर कमीशन?
देश के किसी भी सीएनजी स्टेशन के मुनाफे की बुनियाद तेल और गैस वितरण कंपनियों जैसे आईजीएल, एमजीएल, अडाणी गैस द्वारा तय किए गए डीलर मार्जिन पर टिकी होती है. अगर सीधे शब्दों में समझें, तो एक किलो सीएनजी बेचने पर पंप मालिक को औसतन तीन रुपये लेकर 6 रुपये तक का कमीशन मिलता है. यह मार्जिन हर शहर और अलग-अलग गैस कंपनियों की अपनी व्यावसायिक नीतियों के हिसाब से थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है. पहली नजर में यह रकम भले ही छोटी लगे, लेकिन जब इसे बड़े पैमाने पर देखा जाता है, तो यह मुनाफा काफी बड़ा हो जाता है.
रोजाना की बिक्री और ग्रॉस प्रॉफिट
सीएनजी पंप का पूरा का पूरा बिजनेस बिक्री की मात्रा यानी वॉल्यूम पर काम करता है. इसका सीधा मतलब यह है कि पंप से जितनी ज्यादा गैस की बिक्री होगी, कमाई का आंकड़ा भी उतना शानदार रहेगा. उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो अगर कोई सीएनजी पंप किसी व्यस्त शहर के बीचों-बीच या नेशनल हाईवे पर स्थित है, तो वहां रोजाना करीब 3000 से 5000 किलो सीएनजी की बिक्री आराम से हो जाती है. इस हिसाब से देखें तो एक पंप मालिक रोजाना ग्रॉस प्रॉफिट के रूप में 12,000 रुपये से लेकर 30,000 तक की कमाई आसानी से कर लेता है.
यह भी पढ़ें: Cheap Homes: इस देश में कौड़ियों के दाम मिलते हैं घर, कीमत सुनकर नहीं होगा यकीन
खर्चे काटने के बाद कितना मिलता है मुनाफा?
ग्रॉस प्रॉफिट पंप मालिकों की असली बचत नहीं होती है. एक सीएनजी स्टेशन को चौबीस घंटे चलाने के लिए कई तरह के बड़े खर्चे करने पड़ते हैं. इसमें सीएनजी कंप्रेसर चलाने के लिए आने वाला भारी-भरकम बिजली का बिल, वहां काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन और मशीनों के रख-रखाव का खर्चा भी शामिल होता है. इन सभी जरूरी खर्चों को काटने के बाद एक सीएनजी पंप मालिक हर महीने करीब एक लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमाता है.
यह भी पढ़ें: Malwa Canal Project: क्या है मालवा-कनाल प्रोजेक्ट जिसके लिए आपस में ही लड़ रहे हैं पंजाब और हरियाणा
























