एक्सप्लोरर

सिंधु नदी की वजह से भारत को कैसे मिला 'इंडिया' नाम, जानें क्या है इसका इतिहास?

India Name History: क्या आप जानते हैं कि भारत के इंडिया नाम के पीछे सिंधु नदी का एक बहुत बड़ा हाथ है. आइए जानते हैं क्या कहता है इतिहास.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • भारत नाम सिंधु नदी के संस्कृत शब्द सिंधु से आया।
  • फारसी प्रभाव से सिंधु 'हिंदू' बनी, यूनानी ने 'इंडिया' नाम दिया।
  • अंग्रेजों ने प्रचलित लैटिन शब्द 'इंडिया' को आधिकारिक नाम बनाया।

India Name History: इंडिया नाम का इतिहास काफी ज्यादा दिलचस्प है. यह हजारों साल पुराना है और इसका गहरा संबंध विशाल सिंधु नदी से है. सदियों के दौरान जब फारसी, यूनानी, रोमन और बाद में ब्रिटिश सभ्यताएं भारतीय उपमहाद्वीप के संपर्क में आईं तो इस नदी के मूल संस्कृत नाम में भाषाई बदलाव आए. प्राचीन भारतीय ग्रंथों में जो नाम सिंधु था वह धीरे-धीरे हिंदू, इंडोस और आखिरकार इंडिया बन गया. 

प्राचीन संस्कृत में सिंधु 

भारत के नाम की कहानी सिंधु शब्द से शुरू होती है, जिसका जिक्र दुनिया के सबसे पुरानी पवित्र ग्रंथों में से एक ऋग्वेद में मिलता है. संस्कृत में सिंधु का मतलब एक बड़ी नदी या फिर बहते पानी का बड़ा स्रोत था और यह नाम भारतीय महाद्वीप के उत्तर पश्चिमी हिस्से से बहने वाली महान नदी को दिया गया था. 

इस नदी के आसपास का इलाका बाद में दुनिया की शुरुआती शहरी सभ्यता में से एक सिंधु घाटी सभ्यता का घर बना. जिससे यह नदी इस क्षेत्र के इतिहास और पहचान का मुख्य केंद्र बन गई.

फारसी प्रभाव ने सिंधु को हिंदू में बदल दिया 

छठी शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान फारसी हखामनी साम्राज्य का विस्तार सिंधु नदी के आसपास के इलाकों तक हुआ. फारसी भाषा में कुछ शब्दों की शुरुआत में आने वाले "स" ध्वनि का उच्चारण अक्सर "ह" के रूप में किया जाता था. 

यही वजह है कि फारसी लोग सिंधु नदी को हिंदू या फिर हिंदुश कहने लगे. समय के साथ नदी के पार की जमीन को भी हिंद के नाम से जाना जाने लगा. इससे हिंदुस्तान शब्द का जन्म हुआ जो बाद में भारतीय उपमहाद्वीप की पहचान बन गया.

यूनानी इतिहासकारों ने इंडिया नाम दिया 

अगला बड़ा बदलाव चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में आया. उस वक्त सिकंदर महान और यूनानी लोग इस क्षेत्र में आए. फारसी उच्चारण को अपनाते हुए यूनानियों ने "ह" ध्वनि को हटा दिया और नदी को इंडोस या फिर इंडस कहना शुरू कर दिया. 
प्राचीन यूनानी इतिहासकारों ने सिंधु नदी के पूर्व में रहने वाले लोगों को और जमीन को इंडिया या फिर इंडिके कहना शुरू कर दिया. जैसे-जैसे यूनानी ज्ञान रोमन दुनिया में फैला इंडिया शब्द लैटिन भाषा में शामिल हो गया. रोमन विद्वान, व्यापारी और भूगोल शास्त्री भारतीय उपमहाद्वीप का जिक्र करते समय लगातार इसी नाम का इस्तेमाल करते थे.

अंग्रेजों ने इंडिया को आधिकारिक नाम बनाया 

जब अंग्रेजों ने उपमहाद्वीप पर अपना राज स्थापित किया तो उन्होंने आधिकारिक काम-काज के लिए हिंदुस्तान के बजाय पहले से प्रचलित लैटिन शब्द इंडिया को अपनाया. यह नाम अंग्रेजों के नक्शों, सरकारी रिकॉर्ड, कानूनी दस्तावेज और प्रशासनिक व्यवस्था में लगातार दिखाई देता रहा. आखिरकार अंग्रेजी में इंडिया देश का आधिकारिक नाम बन गया.

यह भी पढ़ेंः मोबाइल नहीं था तो टाइम पास कैसे करते थे मुगल, जानें क्या था उनके पसंदीदा खेल?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

दुनिया की सबसे नशीली शराब कौन सी, उसमें कितने % होता है अल्कोहल?
दुनिया की सबसे नशीली शराब कौन सी, उसमें कितने % होता है अल्कोहल?
क्या है ताजीर, जिसके तहत दोषियों को सजा सुनाता है सऊदी?
क्या है ताजीर, जिसके तहत दोषियों को सजा सुनाता है सऊदी?
भारत में सबसे पहला नोट कब छपा था, जानें कितने की थी यह करेंसी?
भारत में सबसे पहला नोट कब छपा था, जानें कितने की थी यह करेंसी?
कहां से आया रिजीम चेंज शब्द, जानें किस देश से हुई शुरुआत?
कहां से आया रिजीम चेंज शब्द, जानें किस देश से हुई शुरुआत?
Advertisement

वीडियोज

ABP News: किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने वालों की घंटी बजाओ | Ghanti Bajao
CJP Delhi Protest: अराजकता-अव्यवस्था जिम्मेदार कौन? | Gyanesh Kumar | Congress | Gyanesh Kumar
Kolkata Stampede News: कोलकाता में घायलों से अस्पताल मिलने पहुंचे शुभेंदु! | Breaking News | Puja
Janhit | Congress Protest | Gyanesh Kumar: विरोध के नाम पर 'अराजकता'..क्या सही है ? | Neha Bora
रेलवे स्टेशन पर 510 रुपए का 'घमासान' !
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'बहुत दुख हुआ...', PM मोदी ने ग्वालियर हादसे के परिजनों के लिए की मुआवजे की घोषणा
'बहुत दुख हुआ...', PM मोदी ने ग्वालियर हादसे के परिजनों के लिए की मुआवजे की घोषणा
दीपावली से पहले योगी सरकार का तोहफा, कर्मचारियों का बढ़ेगा बोनस और DA!
दीपावली से पहले योगी सरकार का तोहफा, कर्मचारियों का बढ़ेगा बोनस और DA!
'5 साल तक नाना ने पापा से नहीं की बात', माता-पिता की शादी पर सलमान खान का खुलासा
'5 साल तक नाना ने पापा से नहीं की बात', माता-पिता की शादी पर सलमान खान का खुलासा
'हमारे पास पहले से 2 ओपनर हैं...', श्रेयस अय्यर ने वैभव सूर्यवंशी से बातचीत पर किया खुलासा
'हमारे पास पहले से 2 ओपनर हैं', श्रेयस अय्यर ने वैभव सूर्यवंशी से बातचीत पर किया खुलासा
'प्रशासन से अपील है कि...', राहुल गांधी ने कोलकाता हादसे पर जाहिर किया दुख
'प्रशासन से अपील है कि...', राहुल गांधी ने कोलकाता हादसे पर जाहिर किया दुख
कनाडा के सैन्य ठिकाने पर भीषण आग, कई जवानों के मौत की आशंका, जानें पूरा मामला
कनाडा के सैन्य ठिकाने पर भीषण आग, कई जवानों के मौत की आशंका, जानें पूरा मामला
मेट्रो में कागज वाला टिकट देख गदगद हुए बिहारी चाचा, बोले- ई देखा
मेट्रो में कागज वाला टिकट देख गदगद हुए बिहारी चाचा, बोले- ई देखा
एआई से वीजा एप्लिकेशन लिखवाना पड़ा भारी, 64% भारतीयों के वीजा रद्द
एआई से वीजा एप्लिकेशन लिखवाना पड़ा भारी, 64% भारतीयों के वीजा रद्द
Embed widget