एक्सप्लोरर

डोप टेस्ट से पायलटों के बारे में क्या चलता है पता, क्या जानकारी नहीं मिलती?

Air India Pilot Dope Test: एअर इंडिया पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव मिलने से विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं. चलिए जानें कि डोप टेस्ट में क्या साबित होता है और क्या साबित नहीं होता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • गांजे की पुष्टि पर भी घटना का कारण सिद्ध नहीं होता।

Air India Pilot Dope Test: फुकेट से नई दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान AI2379 में 4 अगस्त को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हवा में तैरता विमान अचानक 300 फीट नीचे गिर गया और इस भयानक झटके से 17 यात्री व क्रू मेंबर्स घायल हो गए. इस गंभीर घटना के कुछ ही दिनों बाद आई जांच रिपोर्ट ने भारतीय विमानन तंत्र को हिलाकर रख दिया है. विमान के पायलट-इन-कमांड की लैब कन्फर्मेटरी रिपोर्ट में मारिजुआना (गांजा) का टेस्ट पॉजिटिव आया है. इस खुलासे ने आसमान में यात्रियों की सुरक्षा और डोप जांच व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. चलिए समझें कि डोप टेस्ट में क्या पता नहीं चलता है.

क्या होता है पायलटों का डोप टेस्ट?

विमानन जगत में डोप टेस्ट का मतलब केवल शराब पीने की जांच करना नहीं होता है. यह शरीर में उन सभी साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच है जो किसी पायलट की मानसिक सतर्कता, तुरंत सही फैसला लेने की क्षमता, शरीर के संतुलन और विमान संचालन के कौशल को प्रभावित कर सकते हैं. 

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के तय मानकों के मुताबिक, इस जांच में गांजा, कोकीन, एम्फैटेमिन जैसे उत्तेजक पदार्थ, अफीम, नींद या दिमागी तनाव कम करने वाली दवाएं (बार्बिट्यूरेट्स और बेंजोडायजेपाइन) शामिल हैं. जांच की शुरुआत प्राथमिक यूरिन टेस्ट से होती है और जरूरत पड़ने पर सेकेंडरी यूरिन व ब्लड टेस्ट भी लिया जाता है.

भारत में डोप टेस्ट की क्या है प्रक्रिया?

भारतीय एयरलाइंस में डोप टेस्ट कई स्तरों पर होता है. यह नौकरी की शुरुआत में, किसी दुर्घटना के तुरंत बाद या अचानक सरप्राइज चेकिंग के रूप में किया जाता है. नियमों के अनुसार, हर एयरलाइन और एविएशन अथॉरिटी को अपने कुल पायलटों, क्रू मेंबर्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (ATC) में से हर साल कम से कम 10% लोगों का रैंडम टेस्ट करना अनिवार्य होता है.

इस प्रक्रिया में सबसे पहले यूरिन सैंपल की शुरुआती जांच होती है. अगर शुरुआती रिपोर्ट पॉजिटिव आए, तो इसका मतलब अंतिम फैसला नहीं होता है. नियामक कार्रवाई से पहले सैंपल को अधिकृत लैब में कन्फर्मेटरी जांच के लिए भेजा जाता है. इसके बाद मेडिकल रिव्यू ऑफिसर (MRO) रिपोर्ट की जांच करता है कि कहीं यह परिणाम किसी जायज डॉक्टरी दवा की वजह से तो नहीं आया है.

यह भी पढ़ें: कैसे खोल सकते हैं अपनी शराब कंपनी, क्या है खर्च और प्रक्रिया?


डोप टेस्ट से पायलटों के बारे में क्या चलता है पता, क्या जानकारी नहीं मिलती?

डोप टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने पर क्या होती है कार्रवाई?

जैसे ही किसी पायलट का शुरुआती टेस्ट पॉजिटिव आता है, उसे जांच पूरी होने तक तुरंत उड़ानों से हटा दिया जाता है. अगर लैब जांच में भी नशीले पदार्थ की पुष्टि हो जाती है, तो पहली बार दोषी पाए जाने पर पायलट को अनिवार्य रूप से रीहैब सेंटर भेजा जाता है. रीहैब के बाद दोबारा टेस्ट नेगेटिव आने पर ही उसे कॉकपिट में लौटने की इजाजत मिलती है. वहीं, बार-बार पॉजिटिव पाए जाने पर पायलट का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द या निलंबित कर दिया जाता है.

ब्रेथलाइजर और डोप टेस्ट में अंतर

अक्सर लोग शराब जांच यानी ब्रेथलाइजर और डोप टेस्ट को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों पूरी तरह अलग हैं. ब्रेथलाइजर से सांस के जरिए सिर्फ अल्कोहल का पता चलता है. भारत आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के चालक दल के लिए लैंडिंग के बाद भारतीय एयरपोर्ट पर ब्रेथलाइजर टेस्ट देना अनिवार्य होता है.

दूसरी ओर, डोप टेस्ट शरीर के जैविक नमूनों जैसे यूरिन या ब्लड से प्रतिबंधित दवाओं और ड्रग्स का पता लगाता है, जिसकी रिपोर्ट आने में समय लगता है.

डोप टेस्ट से क्या पता चलता है और क्या नहीं?

डोप टेस्ट शरीर में ड्रग्स के अंश, जैसे गांजा या अफीम की मौजूदगी को पूरी तरह साफ कर देता है. इससे यह साबित हो जाता है कि पायलट ने पिछले कुछ दिनों या हफ्तों में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं.


डोप टेस्ट से पायलटों के बारे में क्या चलता है पता, क्या जानकारी नहीं मिलती?

हालांकि, इस टेस्ट की अपनी सीमाएं भी हैं. यह टेस्ट यह नहीं बता सकता कि नशा ठीक उड़ान भरने से कितने घंटे पहले किया गया था. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल डोप टेस्ट पॉजिटिव आने से यह साबित नहीं होता कि हवा में 300 फीट नीचे आने जैसी घटना पायलट के नशे में होने के कारण ही हुई, क्योंकि ऐसी घटनाएं तकनीकी खराबी या हवा के अचानक दबाव (टर्बुलेंस) से भी हो सकती हैं. इसके अलावा, यह टेस्ट घटना के समय कॉकपिट में पायलट की दिमागी स्थिति का तात्कालिक माप नहीं देता है.

यह भी पढ़ें: Air India Pilot Marijuana Drug Case : प्लेन उड़ाने से पहले पायलट के कौन-से होते हैं टेस्ट, क्यों नहीं पता चला गांजा?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

डोप टेस्ट से पायलटों के बारे में क्या चलता है पता, क्या जानकारी नहीं मिलती?
डोप टेस्ट से पायलटों के बारे में क्या चलता है पता, क्या जानकारी नहीं मिलती?
NASA Invite ISRO : दुनिया की किन स्पेस एजेंसियों संग काम कर चुका नासा, भारत को कब-कब मिला मौका?
दुनिया की किन स्पेस एजेंसियों संग काम कर चुका नासा, भारत को कब-कब मिला मौका?
India vs Pakistan Child Safety: किस देश में बच्चियां ज्यादा सुरक्षित... भारत या पाकिस्तान? आंकड़ों में जानें जवाब
किस देश में बच्चियां ज्यादा सुरक्षित... भारत या पाकिस्तान? आंकड़ों में जानें जवाब
Gen-Z आबादी में चीन-पाकिस्तान में कौन आगे? जानें महिला-पुरुष के आंकड़े
Gen-Z आबादी में चीन-पाकिस्तान में कौन आगे? जानें महिला-पुरुष के आंकड़े
Advertisement

वीडियोज

Batwara 1947 vs Awarapan 2: Screens की लड़ाई में कौन मारेगा बाजी?
अतीक अहमद के बेटे की डरावनी पिक्चर !
Chitra Tripathi: ट्रंप 'कंटेनर' के अंदर क्या ईरान का डर ? | Janhit
Bigg Boss 20: Salman Khan ने खोला ‘Tathas-Two’ का राज, Contestants को मिलेंगी 2 Lives
Mirzapur: The Movie Trailer में Pankaj Tripathi, Ali Fazal और Divyenndu की वापसी, बड़े पर्दे पर मचेगा बवाल Title: English Headline
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सद्दाम से शुरू हुई कहानी का THE END! 23 साल बाद इराक से लौटेंगे अमेरिकी सैनिक
सद्दाम से शुरू हुई कहानी का THE END! 23 साल बाद इराक से लौटेंगे अमेरिकी सैनिक
प्रशांत किशोर सरकारी बंगले में नहीं रहेंगे, बोले- 'यह आवास...'
प्रशांत किशोर सरकारी बंगले में नहीं रहेंगे, बोले- 'यह आवास...'
Awarapan 2 Advance Booking: 'आवारापन 2' ने एडवांस बुकिंग में अक्षय कुमार की फिल्मों के उड़ाए परखच्चे, साल की टॉप 5 प्री सेल में की एंट्री
'आवारापन 2' का एडवांस बुकिंग में कहर, तोड़ा अक्षय की फिल्म का रिकॉर्ड
टीम इंडिया को फंसाने के लिए कौन सी चाल खेल रहा श्रीलंका? गॉल की पिच पर किया ये काम
टीम इंडिया को फंसाने के लिए कौन सी चाल खेल रहा श्रीलंका? गॉल की पिच पर किया ये काम
हल्द्वानी में शुद्धिकरण पर खरगे बोले, 'अपमान हुआ', नड्डा ने कहा- 'BJP शामिल नहीं'
हल्द्वानी में शुद्धिकरण पर खरगे बोले, 'अपमान हुआ', नड्डा ने कहा- 'BJP शामिल नहीं'
पाक फिर बेनकाब! पूर्व मंत्री ने हाफिज सईद को बताया ‘आका’, भारत को दी गीदड़भभकी
पाक फिर बेनकाब! पूर्व मंत्री ने हाफिज सईद को बताया ‘आका’, भारत को दी गीदड़भभकी
Girls Fight Viral Video : 15 सेकंड में 14 थप्पड़, बॉयफ्रेंड को लेकर आपस में लड़ीं पापा की परियां
15 सेकंड में 14 थप्पड़, बॉयफ्रेंड को लेकर आपस में लड़ीं पापा की परियां
एग्रीकल्चर लैंड को कमर्शियल लैंड में कराना है चेंज, कितना आएगा खर्च?
एग्रीकल्चर लैंड को कमर्शियल लैंड में कराना है चेंज, कितना आएगा खर्च?
Embed widget