'पहली बार सरकार को इतना डरा-सहमा...', कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले गौरव गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सत्र शुरू होने से पहले ही हमने सरकार को बता दिया था, कि यह सत्र बहुत अहम है. हम कई जरूरी मुद्दे उठाना चाहते हैं.

मॉनसून सत्र के आखिरी दिन (13 अगस्त) को कांग्रेस पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर निशाना साधा. इस दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'पहली बार संसद सत्र के दौरान सरकार को इतना डरा और सहमा हुआ देखा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सदन की कार्यवाही से दूर रहे. सत्र शुरू होने से पहले ही हमने सरकार को बता दिया था, कि यह सत्र बहुत अहम है. हम कई जरूरी मुद्दे उठाना चाहते हैं. इनमें शामिल थे. NEET परीक्षा में गड़बड़ी. अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के लिए मिले दान में चोरी. इथेनॉल में मिलावट.'
गोगोई ने कहा, 'बीजेपी के मुख्यमंत्री पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगे. विदेश नीति, खासकर चीन और हमारे इलाके के लिए खतरों से जुड़ी चिंताएं. और आखिर में जिस तरह से भारतीय नागरिकों और टैक्स देने वालों का पैसा पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर बर्बाद किया जा रहा है.'
हमने पहले ही कहा था कि विपक्ष सरकार के बिलों पर .... : गौरव गोगोई
गोगोई ने कहा, 'हमने पहले दिन से ही कहा था कि विपक्ष सरकार के बिलों पर सकारात्मक रवैया अपनाएगी, लेकिन हमने जोर दिया कि हमारे मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाए. इसके बाद लगभग 21 दिन बीत गए और सरकार ने सबके सामने अपने बिल पास करवा लिए. लेकिन जंतर-मंतर और पूरे देश में छात्र आंदोलन से बने माहौल की वजह से सरकार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने को मजबूर हो गई. उन्हें पेपर लीक से जुड़ा संशोधन लाने के लिए भी मजबूर होना पड़ा, जबकि यह बिल उन्होंने असल में दो साल पहले, 2024 में ही तैयार कर लिया था.'
विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और मांगों की भेंट चढ़ा मॉनसून सत्र
संसद का मानसून सत्र गुरुवार को खत्म हो गया. विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा. प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने किसी भी तरह की बहस में हिस्सा नहीं लिया. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. इधर, विपक्ष गृहमंत्री अमित शाह के बयान को लेकर अड़ा रहा साथ ही छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई लाठीचार्ज की जवाबदेही की मांग करता रहा.






















