China Semiconductor Production: अकेले चीन करता है दुनिया के 60 प्रतिशत डिजिटल दिमाग का उत्पादन, अगर ये ना हो तो थम जाएगी दुनिया
China Semiconductor Production: चीन सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ एलिमेंट्स में बड़ा खिलाड़ी है, जिसकी निर्भरता कम करने के लिए क्वाड देश नए सप्लाई फ्रेमवर्क पर काम कर रहे हैं.

China Semiconductor Production: आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप, कार, टीवी, इंटरनेट और यहां तक कि मिसाइल जैसे रक्षा उपकरण भी सेमीकंडक्टर पर चलते हैं. इन्हें ही कई लोग “डिजिटल दिमाग” भी कहते हैं. अगर सेमीकंडक्टर बनना बंद हो जाए तो दुनिया की ज्यादातर टेक्नोलॉजी रुक सकती है. क्या आप जानते हैं कि सेमीकंडक्टर बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई जरूरी रेयर अर्थ एलिमेंट्स और उनकी सप्लाई पर चीन का काफी ज्यादा कंट्रोल है. दुनिया की करीब 60 प्रतिशत प्रोसेसिंग चीन में होती है. अगर इसकी सप्लाई रुक जाए तो मोबाइल से लेकर बड़ी फैक्ट्रियों तक का काम प्रभावित हो सकता है.
आखिर क्यों इतना ताकतवर है चीन?
चीन ने कई साल पहले ही रेयर अर्थ एलिमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने पर बड़ा निवेश शुरू कर दिया था. धीरे-धीरे उसने खनन, प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन में मजबूत पकड़ बना ली है. आज हालत यह है कि दुनिया के कई बड़े टेक्नोलॉजी ब्रांड भी किसी न किसी रूप में चीन की सप्लाई पर निर्भर हैं. वहीं सेमीकंडक्टर बनाने में जिन खास धातुओं की जरूरत पड़ती है, उनकी सफाई और प्रोसेसिंग में चीन सबसे आगे माना जाता है. यही कारण है कि जब भी चीन सप्लाई कम करने या नियम बदलने की बात करता है, तो कई देशों की चिंता बढ़ जाती है. अमेरिका, जापान और यूरोप जैसे देश अब इस निर्भरता को कम करना चाहते हैं.
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चीन की पकड़ कम करने के लिए क्वाड ने शुरू किया नया प्लान
अब चीन के इस बढ़ते दबदबे को कम करने के लिए भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के समूह क्वाड ने नया फ्रेमवर्क शुरू किया है. इसका मकसद सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई को ज्यादा सुरक्षित बनाना है. क्वाड चाहता है कि जरूरी चीजों के लिए पूरी दुनिया सिर्फ चीन पर निर्भर न रहे. इसी वजह से भारत समेत कई देशों में नई फैक्ट्रियां लगाने और सप्लाई चेन मजबूत करने पर काम हो रहा है. भारत भी अब सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बड़े निवेश ला रहा है. सरकार का मानना है कि आने वाले समय में भारत इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है.
अगर सप्लाई रुकी तो दुनिया पर क्या असर होगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कभी चीन से रेयर अर्थ एलिमेंट्स या सेमीकंडक्टर की सप्लाई रुक जाती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है. मोबाइल, कार और इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे हो सकते हैं. कई फैक्ट्रियों का काम धीमा पड़ सकता है और नई टेक्नोलॉजी बनाने में भी परेशानी आ सकती है. यही कारण है कि अब कई देश मिलकर चीन पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं. क्वाड का नया फ्रेमवर्क भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. आने वाले समय में सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर दुनिया में प्रतिस्पर्धा और भी तेज हो सकती है.
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