Chilldrens Day 2025: पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन पर ही क्यों मनाया जाता है बाल दिवस, कैसे हुई इसकी शुरुआत?
Chilldrens Day 2025: पंडित नेहरू के जीवन काल में बाल दिवस नहीं मनाया जाता था. 27 मई 1964 को पंडित नेहरू के निधन के बाद हर साल 14 नवंबर को उनके जन्मदिन के दिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है.

Chilldrens Day 2025: भारत में हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है. यह दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. नेहरू जी का जन्म 14 नवंबर 1889 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था. वह बच्चों से बहुत प्यार करते थे और उन्हें देश का भविष्य मानते थे. बच्चों के प्रति उनके इसी प्यार के कारण बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कहते थे.
इस बार 14 नवंबर को मनाए जाने वाले बाल दिवस की थीम 'हर बच्चे के लिए, हर अधिकार' है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन पर ही बाल दिवस क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कैसे हुई थी.
कैसे हुई बाल दिवस की शुरुआत?
पंडित जवाहरलाल नेहरू के जीवन काल में भारत में बाल दिवस नहीं मनाया जाता था. उस समय संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 20 नवंबर 1954 से बाल दिवस मनाया जाने लगा था. हालांकि, 27 मई 1964 को पंडित नेहरू के निधन के बाद भारत में यह सर्वसम्मति से तय किया गया था कि अब हर साल 14 नवंबर को उनके जन्मदिन के दिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा. इसके बाद 1965 से भारत में हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाने लगा था. हालांकि, अलग अलग देशों में बाल दिवस अलग अलग तारिख पर मनाया जाता है. वहीं संयुक्त राष्ट्र भी 20 नवंबर को बाल दिवस मनाता है.
पंडित नेहरू को क्यों कहा जाता था चाचा नेहरू?
पंडित जवाहरलाल नेहरू को बच्चों से बहुत लगाव था, उनका मानना था कि बच्चे देश की असली पूंजी है और इन्हें प्यार देखभाल और सही मार्गदर्शन मिलना चाहिए. वहीं पंडित जवाहरलाल नेहरू के इसी अपनेपन के कारण बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू बुलाने लगे थे.
क्या है बाल दिवस का उद्देश्य?
बाल दिवस का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके भविष्य के लिए समाज में जागरूकता फैलाना है. इस दिन बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम देशभर में आयोजित किए जाते हैं. बाल दिवस यह याद दिलाता है कि बच्चों को एक सुरक्षित, खुशहाल और शिक्षित बचपन देना समाज की जिम्मेदारी है. बाल दिवस के मौके पर न सिर्फ स्कूलों बल्कि देशभर के कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इस दिन बच्चों के लिए ड्राइंग, डांस, म्यूजिक और खेलकूद से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है. इस दिन बच्चों को गिफ्ट देकर उनका कॉन्फिडेंस बढ़ाया जाता है. कई जगह पर टीचर्स और पेरेंट्स की तरफ से बच्चों के लिए अलग-अलग एक्टिविटी भी रखी जाती है.
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