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मीशो में करोड़ों की सैलरी पाने वाली मेघा ने दिया इस्तीफा, जानिए कहां से की है पढ़ाई-लिखाई

मीशो की चीफ एक्सपीरियंस ऑफिसर मेघा अग्रवाल ने करीब साढ़े छह साल के सफर के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया. लेकिन मेघा सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में हैं.

ई-कॉमर्स की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली कंपनी मीशो से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. कंपनी की चीफ एक्सपीरियंस ऑफिसर (बिजनेस) मेघा अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. 7 जनवरी को यह जानकारी सार्वजनिक होने के बाद से ही कॉरपोरेट जगत और स्टार्टअप इंडस्ट्री में इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. मीशो जैसी तेजी से बढ़ती कंपनी में मेघा अग्रवाल का जाना सिर्फ एक पद छोड़ने की खबर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे सफर के अंत की तरह देखा जा रहा है, जिसने कंपनी की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई.

मीशो ने फिलहाल इस इस्तीफे के पीछे की वजह साफ नहीं की है. कंपनी का कहना है कि सही समय आने पर वह इस पर विस्तार से जानकारी देगी. ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मेघा अग्रवाल ने निजी कारणों से यह फैसला लिया है या फिर कंपनी के भीतर किसी रणनीतिक बदलाव के चलते यह कदम उठाया गया है. इतना जरूर है कि उनके इस्तीफे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मीशो की आगे की दिशा क्या होगी और इस अहम जिम्मेदारी को अब कौन संभालेगा.

कितने साल का रहा सफर?

मेघा अग्रवाल का मीशो के साथ सफर करीब साढ़े छह साल का रहा. सितंबर 2019 में उन्होंने कंपनी जॉइन की थी. उस समय मीशो तेजी से आगे बढ़ रही थी और उसे ऐसे लीडर्स की जरूरत थी जो न सिर्फ बिजनेस को समझें, बल्कि यूजर्स के अनुभव को भी बेहतर बना सकें. मेघा ने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाया. शुरुआत में उन्होंने चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में काम किया, जहां कंपनी की रणनीति, टीम मैनेजमेंट और आंतरिक सिस्टम को मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका रही.

इसके बाद उन्होंने वाइस प्रेसिडेंट और जनरल मैनेजर के तौर पर यूजर ग्रोथ की जिम्मेदारी संभाली. इस दौरान मीशो का यूजर बेस तेजी से बढ़ा और छोटे शहरों व कस्बों तक कंपनी की पहुंच बनी. अक्टूबर 2023 में मेघा अग्रवाल को चीफ एक्सपीरियंस ऑफिसर बनाया गया. इस पद पर रहते हुए उनका फोकस ग्राहकों और सेलर्स दोनों के अनुभव को बेहतर बनाने पर रहा. मीशो को जो पहचान आज मिली है, उसमें मेघा के काम की झलक साफ दिखाई देती है.

कहां से हुई है पढ़ाई-लिखाई?

मेघा अग्रवाल की पढ़ाई-लिखाई और प्रोफेशनल बैकग्राउंड भी काफी मजबूत रहा है. उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. इसके बाद उन्होंने विदेश जाकर मैनेजमेंट की पढ़ाई की और INSEAD से मास्टर डिग्री हासिल की. मीशो से पहले मेघा ने ए.टी. कर्नी कंसल्टिंग इंडिया में काम किया, जहां उन्होंने बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स पर अपनी काबिलियत साबित की. इसके अलावा वह नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी जैसी नामी संस्थाओं से भी जुड़ी रहीं. यही वजह है कि मीशो में उनका आना कंपनी के लिए एक बड़ा कदम माना गया था.

करोड़ो में सैलरी

मेघा के इस्तीफे के बाद एक और बात जो चर्चा में है, वह है उनकी सैलरी. सोशल मीडिया पर कंपनी की फाइलिंग के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि वित्त वर्ष 2024-25 में मेघा अग्रवाल का कुल वेतन करीब 2.29 करोड़ रुपये था. इसमें पिछले वित्त वर्ष का वेरिएबल पे भी शामिल बताया जा रहा है. हालांकि, इस पर कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह आंकड़ा लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बन गया है.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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