Border 2 Movie: बॉर्डर-2 फिल्म में दिखाया बॉर्डर कौन-सा, किस राज्य में और कितने एरिया में मौजूद?
Border 2 Movie: सनी देओल की फिल्म बॉर्डर 2 रिलीज हो चुकी है. इस फिल्म में दिखाए गए बॉर्डर की चर्चा हो रही है. आइए जानें कि यह कौन सा बॉर्डर है और कहां पर स्थित है व इसका कितना एरिया है.

Border 2 Movie: सालों बाद जब सनी देओल की दमदार आवाज फिर से सरहद पर गूंजती है, तो लोगों के मन में सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि सालों पुराना वो इतिहास भी जिंदा हो जाता है. बॉर्डर-2 के रिलीज होते ही दर्शकों के दिमाग में एक सवाल सबसे ज्यादा उठ रहा है कि फिल्म में दिखाया गया बॉर्डर आखिर है कहां? क्या यह कोई लंबी फैली हुई जगह है और उसका असली दायरा कितना बड़ा है?
बॉर्डर-2 और 1971 की जंग की वापसी
सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर-2’ आखिरकार सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है. 1997 में आई बॉर्डर ने जिस तरह 1971 के भारत-पाक युद्ध और भारतीय जवानों की बहादुरी को दिखाया था, यह फिल्म उसी कड़ी को आगे बढ़ाती है. इस बार कहानी सिर्फ थल सेना तक सीमित नहीं है, बल्कि थल, वायु और जल- तीनों सेनाओं के संयुक्त पराक्रम को दिखाया गया है. लेकिन कहानी के केंद्र में फिर वही इलाका है, जिसे लोंगेवाला बॉर्डर के नाम से जाना जाता है.
लोंगेवाला बॉर्डर असल में है क्या?
लोंगेवाला कोई ऐसा बॉर्डर नहीं है, जो सैकड़ों किलोमीटर तक फैला हो. यह भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित एक अहम सीमा चौकी और युद्ध स्थल है. यह जगह राजस्थान के जैसलमेर जिले में थार रेगिस्तान के बीच स्थित है. 1971 की जंग के दौरान यहीं भारतीय सेना की एक छोटी टुकड़ी ने पाकिस्तानी टैंकों के बड़े हमले को रोक दिया था. यही घटना लोंगेवाला को इतिहास में अमर बनाती है.
किस राज्य में और किस इलाके में स्थित है?
लोंगेवाला राजस्थान राज्य में आता है और जैसलमेर जिले का हिस्सा है. यह इलाका पूरी तरह रेगिस्तानी है, जहां दूर-दूर तक रेत के टीले और खुला मैदान दिखाई देता है. लोंगेवाला वॉर मेमोरियल और चौकी, भारत-पाक सीमा से करीब 15 से 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यानी फिल्म में दिखाया गया बॉर्डर असल सीमा रेखा से थोड़ा भीतर है, जहां भारतीय सेना की पोस्ट थी.
कितने एरिया में फैला है बॉर्डर?
अक्सर लोग समझते हैं कि लोंगेवाला बॉर्डर कोई बड़ा इलाका है, लेकिन सच्चाई यह है कि इसका कोई तय क्षेत्रफल नहीं है. यह एक रणनीतिक पॉइंट है, जो भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित है. असली अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर तो गुजरात से लेकर जम्मू-कश्मीर तक सैकड़ों किलोमीटर लंबी बाड़ के रूप में फैला है. लोंगेवाला उसी विशाल सीमा का एक अहम हिस्सा भर है.
आज का लोंगेवाला
आज लोंगेवाला सिर्फ एक सैन्य पोस्ट नहीं, बल्कि एक लोकप्रिय वॉर मेमोरियल और संग्रहालय है. यहां 1971 की लड़ाई से जुड़े टैंक, हथियार और तस्वीरें देखी जा सकती हैं. पर्यटक यहां बिना विशेष अनुमति के वॉर मेमोरियल तक जा सकते हैं, लेकिन असली सीमा बाड़ तक जाने के लिए सैन्य और जिला प्रशासन की अनुमति जरूरी होती है.
तनोट माता मंदिर से जुड़ा रिश्ता
लोंगेवाला का नाम तनोट माता मंदिर के बिना अधूरा है. यह मंदिर लोंगेवाला पोस्ट से करीब 35 से 40 किलोमीटर दूर स्थित है. 1971 की जंग के दौरान इस मंदिर पर गिरे कई गोले फटे नहीं थे, जिसे स्थानीय लोग आज भी आस्था और इतिहास से जोड़कर देखते हैं.

























