दिल्ली के किस इलाके में सबसे ज्यादा क्राइम, कहां होते हैं सबसे ज्यादा मर्डर?
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में क्राइम का पैटर्न अलग है. कुछ इलाके चोरी और लूटपाट के लिए बदनाम हैं तो कुछ में हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर अपराध ज्यादा होते हैं. आइए कुछ ऐसे इलाकों पर नजर डालते हैं.

बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के भाई आसिफ का मर्डर दिल्ली के मशहूर इलाके निजामुद्दीन में कर दिया गया. स्कूटी पार्किंग को लेकर हुए विवाद में उनकी जिंदगी छीन ली गई. इस घटना ने राजधानी दिल्ली में बढ़ते क्राइम रेट पर एक बार फिर सवाल उठा दिए हैं. क्या आपको पता है कि देश की राजधानी दिल्ली के किस इलाके में सबसे ज्यादा क्राइम होते हैं? किस इलाके में सबसे ज्यादा मर्डर होते हैं? अगर नहीं तो आइए जानते हैं.
क्या कहती है NCRB की रिपोर्ट?
NCRB की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली देश के उन शहरों में टॉप पर है, जहां क्राइम रेट सबसे ज्यादा है. 2021 में दिल्ली में प्रति लाख जनसंख्या पर 1,783.6 क्राइम रेट दर्ज किया गया था, जो देश के किसी भी बड़े शहर से काफी ज्यादा है. इसका मतलब यह है कि दिल्ली में रोजाना चोरी, लूट, बलात्कार, हत्या और अन्य अपराधों की सैकड़ों घटनाएं होती हैं. 2022 के दौरान दिल्ली में कुल 4,45,256 महिलाओं के खिलाफ अपराध दर्ज हुए, जो 2021 की तुलना में 4 पर्सेंट ज्यादा थे. हत्या के मामले में भी दिल्ली 19 महानगरों में पहले नंबर पर आता है, जहां 2022 में 501 हत्याएं दर्ज की गईं. NCRB के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में हिंसक अपराध खासकर हत्या, बलात्कार और अपहरण भी राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा हैं. इन आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक है.
ये हैं दिल्ली के सबसे खतरनाक इलाके
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में क्राइम का पैटर्न अलग है. कुछ इलाके चोरी और लूटपाट के लिए बदनाम हैं तो कुछ में हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर अपराध ज्यादा होते हैं. आइए कुछ ऐसे इलाकों पर नजर डालते हैं, जहां क्राइम रेट सबसे ज्यादा है.
- साउथ-वेस्ट दिल्ली (सागरपुर): यह इलाका महिलाओं के खिलाफ अपराधों खासकर रेप के लिए कुख्यात है. 2020 में सागरपुर थाना क्षेत्र में 25 से ज्यादा रेप के मामले दर्ज हुए थे. यहां छेड़छाड़ और घरेलू हिंसा की घटनाएं भी बेहद कॉमन हैं.
- न्यू उस्मानपुर (यमुनापार): यमुनापार का यह हिस्सा भी रेप और हिंसक अपराधों के लिए जाना जाता है. यहां हर साल 25 से ज्यादा रेप केस सामने आते हैं और लूटपाट की घटनाएं भी आम हैं.
- सुल्तानपुरी, निहाल विहार, प्रेम नगर और समयपुर बादली: ये इलाके सेक्सुअल असॉल्ट और छेड़छाड़ के मामलों में सबसे ऊपर हैं. इन थाना क्षेत्रों में हर साल 45 से ज्यादा ऐसी घटनाएं दर्ज होती हैं.
- नरेला और बवाना: बाहरी दिल्ली के ये इलाके गैंगस्टर गतिविधियों और जबरन वसूली के लिए बदनाम हैं. टिल्लू ताजपुरिया और जितेंद्र गोगी जैसे गैंग्स का इन इलाकों में दबदबा रहा है.
- नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली (खजूरी खास): यह इलाका हत्या और लूटपाट की घटनाओं के लिए चर्चा में रहता है. यहां नाबालिग गैंग्स द्वारा हिंसक वारदात बढ़ रही हैं.
- रोहिणी और प्रशांत विहार: 2024 में रोहिणी में एक युवक की हत्या की खबर ने लोगों को हिलाकर रख दिया. यह इलाका भी हिंसक अपराधों के लिए संवेदनशील है.
- ख्याला: 2025 में यहां 27 साल के एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, सिर्फ इसलिए क्योंकि उसने अपनी बहन और आरोपी के रिश्ते का विरोध किया था.
दिल्ली में कितने होते हैं मर्डर?
NCRB की 2016 की रिपोर्ट में दिल्ली को हत्या के मामलों में देश का सबसे खतरनाक शहर बताया गया था. 2022 तक यह आंकड़ा और बढ़ गया, क्योंकि उस दौरान दिल्ली में 501 हत्याएं दर्ज की गईं. नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली, पूर्वी दिल्ली (गीता कॉलोनी) जैसे इलाकों में कत्ल के मामले ज्यादा सामने आते हैं. अब निजामुद्दीन एरिया में जंगपुरा भोगल लेन हुमा कुरैशी के चचेरे भाई आसिफ कुरैशी की हत्या के बाद सुर्खियों में आ गई है.
कैसे हुई हुमा कुरैशी के भाई की हत्या?
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके के अंतर्गत आने वाली जंगपुरा भोगल लेन में आसिफ कुरैशी अपने परिवार के साथ रहते थे. 8 अगस्त 2025 को आसिफ के घर के सामने एक पड़ोसी ने अपनी स्कूटी खड़ी की थी. आसिफ ने उसे हटाने के लिए कहा तो बहस होने लगी. इसके बाद आरोपियों ने आसिफ पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई.
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Source: IOCL























