Shivalik LPG Ship: एक घंटे में कितना तेल पीता है 'शिवालिक जहाज', जो LPG लेकर आज पहुंचा भारत?
Shivalik LPG Ship: जल्द ही शिवालिक जहाज एलपीजी गैस की एक बड़ी खेप लेकर भारत आ चुका है. आइए जानते हैं कि यह जहाज 1 घंटे में कितना तेल खर्च करता है.

- जहाज शिवालिक 46,000 टन एलपीजी लेकर भारत पहुंचा है।
- यह 'वेरी लार्ज गैस कैरियर' श्रेणी का जहाज है।
- यह जहाज प्रति घंटे 1.5 से 2 टन ईंधन लेता है।
- संकट के बीच एलपीजी की आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद।
Shivalik LPG Ship: खाड़ी क्षेत्र में ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग दबाव में आ गए हैं. होर्मुज स्ट्रेट के आसपास की अस्थिरता ने भारत के साथ कई देशों की तेल और गैस की आपूर्ति को बाधित कर दिया है. इन मुश्किलों की वजह से हाल ही में कई भारतीय शहरों में एलपीजी सिलेंडरों की कमी देखने को मिली. हालांकि अब राहत की उम्मीद नजर आ रही है. एलपीजी वाहक जहाज 'शिवालिक' खाना पकाने वाली गैस की एक बड़ी खेप लेकर आ चुका है. यह रास लाफान बंदरगाह से रवाना होने के बाद भारत पहुंच गया है. इसी बीच आइए जानते हैं कि यह जहाज 1 घंटे में कितना तेल पीता है.
एक बहुत बड़ा गैस वाहक
जहाज शिवालिक को वेरी लार्ज गैस कैरियर की लिस्ट में रखा गया है. यह जहाजों की एक ऐसी श्रेणी होती है जिसे खासतौर से महासागरों के पार बड़ी मात्रा में एलपीजी का परिवहन करने के लिए डिजाइन किया गया है. वेरी लार्ज गैस कैरियर एलपीजी व्यापार में इस्तेमाल किए जाने वाले सबसे बड़े जहाज में से हैं और यह शक्तिशाली इंजनों से लैस होते हैं.
कितना लगता है इनमें ईंधन?
हालांकि शिवालिक की सटीक ईंधन खपत का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है लेकिन इसी तरह के दूसरे जहाजों पर आधारित उद्योग के अनुमान एक साफ तस्वीर पेश करते हैं. इस आकार का एक वेरी लार्ज गैस कैरियर जहाज समुद्र में चलते समय आमतौर पर हर दिन लगभग 35 से 50 टन हैवी फ्यूल ऑयल की खपत करता है. हैवी फ्यूल ऑयल बड़े मालवाहक में इस्तेमाल किया जाने वाला ईंधन है.
प्रति घंटे ईंधन खपत
जब इस दैनिक खपत को प्रति घंटे के इस्तेमाल के हिसाब से समझा जाता है तो आंकड़े और भी साफ हो जाते हैं. एक वेरी लार्ज गैस कैरियर जहाज आमतौर पर प्रति घंटे लगभग 1.5 से 2 टन ईंधन जलाता है. यह मोटे तौर पर हर घंटे 1800 से 2400 लीटर तेल के बराबर होता है. सटीक मात्रा जहाज की रफ्तार, इंजन पर भार, समुद्री स्थिति और माल के वजन पर निर्भर करती है.
माल ढोने की क्षमता और उद्देश्य
शिवालिक ने भारत के लिए लगभग 46000 टन एलपीजी का परिवहन किया. इसने मुंद्रा बंदरगाह पर लंगर डाला, जो देश के प्रमुख ऊर्जा आयात केंद्रों में से एक है. एक और एलपीजी टैंकर इसके कुछ ही वक्त बाद कांडला बंदरगाह पर पहुंचेगा.
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Source: IOCL




























