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US Pension System: क्या अमेरिका में भी सरकारी कर्मचारियों की होती है पेंशन, जानें क्या है वहां का कानून

US Pension System: भारत की तरह अमेरिका में भी सरकारी कर्मचारियों को पेंशन दी जाती है. आइए जानते हैं क्या है वहां की व्यवस्था.

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  • सेना और राज्य कर्मचारियों के लिए अलग पेंशन योजनाएं हैं।

US Pension System: संयुक्त राज्य अमेरिका में भी भारत की तरह सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन दी जाती है. देश ने संघीय कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट की सुरक्षा को पक्का करने के लिए एक कानूनी और वित्तिय ढांचा तैयार किया है. कई ऐसी धारणाओं के उलट की पेंशन सिर्फ भारत जैसे देश में ही मिलती है अमेरिकी संघीय प्रणाली भी खास पेंशन कानून, निवेश योजना और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के जरिए से व्यवस्थित रिटायरमेंट लाभ देती है. 

अमेरिका की संघीय पेंशन प्रणाली 

संयुक्त राज्य अमेरिका में सरकारी पेंशन मुख्य रूप से दो प्रणाली के जरिए से कंट्रोल की जाती है. संघीय कर्मचारी रिटायरमेंट प्रणाली और सिविल सेवा  रिटायरमेंट प्रणाली. पुरानी सिविल सेवा रिटायरमेंट प्रणाली 1920 में शुरू की गई थी और मुख्य रूप से उन कर्मचारियों पर लागू होती है जो 1 जनवरी 1984 से पहले संघीय सेवा में शामिल हुए थे. बाद में अमेरिकी सरकार ने 1986 में संघीय कर्मचारी रिटायरमेंट प्रणाली की शुरुआत की. यह आधिकारिक तौर पर 1 जनवरी 1987 से लागू हुई थी. आज लगभग सभी नए नियुक्त संघीय नागरिक कर्मचारी संघीय कर्मचारी रिटायरमेंट प्रणाली ढांचे के अंदर आते हैं.

तीन स्तरीय पेंशन संरचना 

संघीय कर्मचारी रिटायरमेंट प्रणाली पेंशन मॉडल को अक्सर 3 स्तरीय रिटायरमेंट प्रणाली के रूप में बताया जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि कर्मचारियों को तीन अलग-अलग जरिए से रिटायरमेंट लाभ मिलता है. पहला घटक मूल लाभ योजना है. यह एक पारंपरिक मासिक पेंशन या फिर  वार्षिकी की तरह काम करती है. इस पेंशन की गणना कर्मचारियों के सेवा के कुल साल और उनकी सेवा के दौरान सबसे ज्यादा वेतन वाले लगातार 3 सालों में से निकले औसत वेतन का इस्तेमाल करके की जाती है. इसे आमतौर पर हाई 3 औसत वेतन कहा जाता है. ज्यादातर मामलों में कर्मचारियों को सेवा के हर साल के लिए उनके औसत वेतन के लगभग एक प्रतिशत के बराबर आजीवन पेंशन मिलती है. 

संघीय कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा

कुछ पुरानी पेंशन प्रणालियों के उलट संघीय कर्मचारी रिटायरमेंट प्रणाली के अंदर आने वाले संघीय कर्मचारी अमेरिका के राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा प्रशासन कार्यक्रम में भी योगदान देते हैं. उनकी सेवा अवधि के दौरान उनके वेतन का एक हिस्सा सामाजिक सुरक्षा कर के रूप में काटा जाता है.  रिटायरमेंट के बाद वे अपनी संघीय पेंशन के अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा रिटायरमेंट लाभ प्राप्त करने के पात्र हो जाते हैं. 

थ्रिफ्ट सेविंग प्लान 

अमेरिकी संघीय पेंशन प्रणाली का एक और मुख्य आधार थ्रिफ्ट सेविंग प्लान है. यह योजना भारत की राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली या फिर संयुक्त राज्य अमेरिका में निजी क्षेत्र के 401 (K) रिटायरमेंट खातों की तरह ही काम करती है. कर्मचारी अपनी सैलरी का एक हिस्सा इस इन्वेस्टमेंट खाते में जमा करते हैं और सरकार अपने आप कर्मचारियों की मूल सैलरी का एक प्रतिशत जमा करती है और इसके अलावा 5% तक की मैचिंग कंट्रीब्यूशन भी देती है. समय के साथ यह इन्वेस्टमेंट बाजार से जुड़े रिटर्न के जरिए बढ़ते हैं. इससे कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के समय एक बड़ी जमा पूंजी तैयार हो जाती है. 

इन सबके अलावा अमेरिका में सेना के जवान और राज्य स्तरीय सरकारी कर्मचारियों के लिए भी अलग-अलग रिटायरमेंट प्रणालियां है. सेना के रिटायरमेंट लाभ आमतौर पर कम से कम 20 साल की सेवा के बाद शुरू हो जाते हैं. इसी के साथ शिक्षक, पुलिस अधिकारी और दूसरे स्थानीय सरकारी कर्मचारी राज्य विशिष्ट सार्वजनिक कर्मचारी रिटायरमेंट प्रणाली के अंदर आते हैं.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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