कोलकाता में सड़क पर नमाज पढ़ने पर AIMIM के वारिस पाठन बोले- हिंदू करे तो ठीक, मुसलमानों से...
Kolkata Raza Bazaar Namaz Controversy: अब AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि अगर कोई मुसलमान शुक्रवार के दिन 5-10 मिनट के लिए सड़क पर नमाज़ पढ़ता है, तो इससे किसके पेट में दर्द होता है?

- बंगाल में सड़क पर धार्मिक आयोजन पर शुभेंदु सरकार की पाबंदी.
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के राजाबाजार इलाके में शुक्रवार नमाज अदा करने को लेकर हुए विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कोलकाता के राजाबाजार इलाके की घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा कि कोई मुसलमान शोक से सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा नहीं करता, उसकी विवशता होती है. हिंदू करे तो कोई विवाद नहीं मुस्लिम भाई करे तो सबको न जाने क्या तकलीफ हो जाती है. ये संविधान के बराबरी के नियमों की अनदेखी है.
Mumbai, Maharashtra: On Kolkata Raza Bazaar Incident while people offering prayers, AIMIM National Spokesperson Waris Pathan says, "Look, if a Muslim stands on the road for 5-10 minutes on a Friday and prays, then who gets a stomach ache? What trouble do they face? Look, no one… pic.twitter.com/p3uZKCHHWa
— IANS (@ians_india) May 15, 2026
AIMIM ने कहा 5 मिनट के नमाज से इतनी तकलीफ क्यों?
वारिस पठान ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में कहा, "देखिए, अगर कोई मुसलमान शुक्रवार के दिन 5-10 मिनट के लिए सड़क पर खड़े होकर नमाज़ पढ़ता है, तो इससे किसके पेट में दर्द होता है? उन्हें क्या तकलीफ होती है? किसी को भी शोक नहीं होता कि रास्ते में, धूप में या बारिश में नमाज पढ़े. मस्जिदों में जगह नहीं होती, इसलिए वो बाहर आकर सड़क पर 5 मिनट के लिए नमाज पढ़ लेते हैं, लेकिन उन्हें इसी बात से दिक्कत होने लगती है."
पठान ने आगे कहा, "हमने कितनी मरतबा देखा है कि हमारे हिंदू भाई-बहन ट्रेनों के अंदर पूजा-पाठ करते हैं, गरबा करते हैं. एयरपोर्ट के विजूअल्स हैं, लेकिन हम तो कुछ नहीं कहते न. सबको अपने धर्म का पालन करने का अधिकार होता है, लेकिन अगर मुसलमान ने नमाज पढ़ ली तो कभी-कभी उसे लातों से मारा जाता है, सड़क से उठाकर FIR कर दी जाती है, जेलों में डाल दिया जाता है. ये सही नहीं है, ये तो संविधान के खिलाफ है जो बराबरी की बात करता है."
क्या है पूरा मामला?
पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के विपरीत पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शासनकाल में सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक आयोजनों की अनुमति नहीं है और न ही सड़क जाम करने की. शुक्रवार को जब कोलकाता के राजाबाजार इलाके में मुस्लिम समुदाय ने प्रतिबंधों के बावजूद सड़क पर नमाज अदा करने की कोशिश की तो इलाके में तनाव की स्थिति बन गई. इसके चलते इलाके में यातायात बाधित हुआ, भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती करनी पड़ी. यहां तक कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प के आरोप भी सामने आये. हालांकि, इलाके में अतिरिक्त पुलिस और केंद्रीय बलों को तैनात करके स्थिति को नियंत्रण में कर लिया.
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Source: IOCL

























