एक्सप्लोरर

सच या अफवाह, क्या थी बाइसाइकिल फेस की बीमारी, महिलाओं को क्यों था खतरा?

क्या आप जानते हैं कि यूरोप में 19वीं शताब्दी में महिलाओं को साइकिल चलाने से रोकने के लिए बाइसाइकिल फेस नाम की बीमारी की अफवाह फैलाई गई थी. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते है ये दिलचस्प कहानी.

समय के साथ इंसान को कई नई बीमारियों जैसे चिकनपॉक्स, स्मॉलपॉक्स और कैंसर के बारे में धीरे-धीरे पता चला. लेकिन 19वीं शताब्दी में यूरोप में एक अजीब और अतरंगी सी बीमारी सामने आई, जिसका नाम था बाइसाइकिल फेस.

डॉक्टर्स का कहना था कि ये बीमारी सिर्फ महिलाओं को होती है. लेकिन क्या ये सच में कोई बीमारी थी या फिर सिर्फ एक छलावा. दरअसल, वेस्ट में हुए साइकिल के इन्वेंशन के साथ ही महिलाएं काफी आगे बढ़ने लगी थी और आजाद होने लगी थी. ऐसे में महिलाओं की इस आजादी को कम करने के लिए वहां की सोसाइटी में बाइसाइकिल फेस की बीमारी को ईजाद किया गया ताकि महिलाएं इस बीमारी के डर से साइकिल न चलाएं. ऐसे में आइए हम आपको बताते हैं इस रोमांचक कहानी के बारे में.

क्या थी बाइसाइकिल फेस की बीमारी?

बाइसाइकिल फेस की बीमारी में कहा गया कि बाइसाइकिल चलाने से महिलाओं की आंखें बाहर को निकल आएंगी, उनकी चिन पतली और खराब हो जाएगी, वह थकी हुई दिखने लगेंगी, उनके चेहरे का रंग उड़ जाएगा और वह बदसूरत हो जाएंगी. दरअसल, इनमें से एक भी बात सच नहीं थी, ये सब महज अफवाह थी. उस समय महिलाओं को बाइसाइकिल चलाने से रोकने के लिए इस बीमारी के बारे में झूठी खबरें फैलाई गई ताकि औरतें बाइसाइकिल न चलाएं. साथ ही, कई डॉक्टर्स का कहना था कि जो महिलाएं बाइसाइकिल चलाएंगी उनकी फर्टिलिटी भी समय के साथ कम होती चली जाएगी.

क्यों फैलाई गई ये अफवाह?

19वीं शताब्दी में यूरोप में इस अफवाह को फैलाने के कई कारण थे. दरअसल, इस समय बाइसाइकिल के आविष्कार के बाद महिलाएं भी इसे चलाने लगीं थी. इससे वह इंडिपेंडन्ट होने लगी थीं. साइकिल चलाने के साथ-साथ महिलाओं की आजादी पर भी जोर दिया जाने लगा और वह घर से बाहर निकलना सीखने लगी. इतना ही नहीं साइकिल चलाने के कारण महिलाओं के कपड़ो में भी बदलाव देखने को मिले. अब वह बाइसाइकिल चलाने के लिए ट्रेडिशनल स्कर्ट को छोड़कर प्रॉपर पेंट-शर्ट जैसी ड्रेस पहनने लगी थी. ऐसे में उस समय बाइसाइकिल को फेमिनिज्म का सिंबल माना जाने लगा, जो विक्टोरियन नियमों के खिलाफ जाता था और महिलाओं की आजादी की बात करता था. इसलिए इसके चलते महिलाओं की आजादी छीनने के लिए ये प्रोपागेंडा चलाया गया था. 

इसे भी पढ़ें: इस डॉक्यूमेंट के बिना नहीं साबित कर पाएंगे नागरिकता, देश में SIR शुरू होने से पहले जान लें काम की बात

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

आंखों में सपने लिए, घर से हम चल तो दिए, जानें ये राहें अब ले जाएंगी कहां... कहने को तो ये सिंगर शान के गाने तन्हा दिल की शुरुआती लाइनें हैं, लेकिन दीपाली की जिंदगी पर बखूबी लागू होती हैं. पूरा नाम दीपाली बिष्ट, जो पहाड़ की खूबसूरत दुनिया से ताल्लुक रखती हैं. किसी जमाने में दीपाली के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ कंधे पर झोला टांगकर और हाथों में अखबार लेकर घूमने वाले लोग होते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी आंखों में इसी दुनिया का सितारा बनने के सपने पनपने लगे और वह भी पत्रकारिता की दुनिया में आ गईं. उन्होंने अपने इस सफर का पहला पड़ाव एबीपी न्यूज में डाला है, जहां वह ब्रेकिंग, जीके और यूटिलिटी के अलावा लाइफस्टाइल की खबरों से रोजाना रूबरू होती हैं. 

दिल्ली में स्कूलिंग करने वाली दीपाली ने 12वीं खत्म करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया और सत्यवती कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स में ग्रैजुएशन किया. ग्रैजुएशन के दौरान वह विश्वविद्यालय की डिबेटिंग सोसायटी का हिस्सा बनीं और अपनी काबिलियत दिखाते हुए कई डिबेट कॉम्पिटिशन में जीत हासिल की. 

साल 2024 में दीपाली की जिंदगी में नया मोड़ तब आया, जब उन्होंने गुलशन कुमार फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (नोएडा) से टीवी जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा की डिग्री हासिल की. उस दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, एडिटिंग, कंटेंट राइटिंग, रिसर्च और एंकरिंग की बारीकियां सीखीं. कॉलेज खत्म करने के बाद वह एबीपी नेटवर्क में बतौर कॉपीराइटर इंटर्न पत्रकारिता की दुनिया को करीब से समझ रही हैं. 

घर-परिवार और जॉब की तेज रफ्तार जिंदगी में अपने लिए सुकून के पल ढूंढना दीपाली को बेहद पसंद है. इन पलों में वह पोएट्री लिखकर, उपन्यास पढ़कर और पुराने गाने सुनकर जिंदगी की रूमानियत को महसूस करती हैं. इसके अलावा अपनी मां के साथ मिलकर कोरियन सीरीज देखना उनका शगल है. मस्ती करने में माहिर दीपाली को घुमक्कड़ी का भी शौक है और वह आपको दिल्ली के रंग-बिरंगे बाजारों में शॉपिंग करती नजर आ सकती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्यों चौकोर ही होते हैं हर देश के झंडे, नेपाल क्यों है इन सबसे अलग? जानें इसका इतिहास
क्यों चौकोर ही होते हैं हर देश के झंडे, नेपाल क्यों है इन सबसे अलग? जानें इसका इतिहास
Rain Measurement Units: इंच, मिलीमीटर और सेंटीमीटर में क्यों गिनी जाती हैं बारिश की यूनिट, इनका क्या है मतलब?
इंच, मिलीमीटर और सेंटीमीटर में क्यों गिनी जाती हैं बारिश की यूनिट, इनका क्या है मतलब?
F35 Fighter Jet: आसमान का सिकंदर F-35, इसके तीनों वेरिएंट्स में क्या अंतर और यह क्यों है इतना घातक?
आसमान का सिकंदर F-35, इसके तीनों वेरिएंट्स में क्या अंतर और यह क्यों है इतना घातक?
Salary Word Origin: कभी पैसों की जगह सैलरी में मिलता था 'नमक'! जानिए कैसे पड़ा आपकी तनख्वाह का नाम 'सैलरी'?
कभी पैसों की जगह सैलरी में मिलता था 'नमक'! जानिए कैसे पड़ा आपकी तनख्वाह का नाम 'सैलरी'?

वीडियोज

Mumbai Rains: हर तरफ से 'कटा', मुंबई बना टापू! |ABPLIVE
Sansani: ट्रेन के आरक्षित डिब्बे में चलता-फिरता जंगल? | Nagpur
Breaking | Wayanad Landslide | Kerala: वायनाड में पहाड़ से उतरी तबाही! | Rain Alert | ABP News
Ram Mandir Chori Update | Janhit: चंपत ने बताया..चढ़ावा किसने चुराया? | UP News | Ayodhya | SIT
Rain Fury : मानसून की मार,सैलाब ही सैलाब!| Mumbai Weather Red Alert | Flood News | Delhi | China

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Prabhas Mandal Encounter: 'बेटे ने गलत किया, नहीं चाहिए उसका शव, जो चाहो वो करो', बंगाल रेप आरोपी के एनकाउंटर पर बोली मां
'बेटे ने गलत किया, नहीं चाहिए उसका शव, जो चाहो वो करो', बंगाल रेप आरोपी के एनकाउंटर पर बोली मां
अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत और बिगड़ी, 7 किलो से ज्यादा घटा वजन, स्वास्थ्य बुलेटिन जारी
अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत और बिगड़ी, 7 किलो से ज्यादा घटा वजन, स्वास्थ्य बुलेटिन जारी
US-Iran War LIVE: ईरान पर ताबड़तोड़ हमले के बाद बोले डोनाल्ड ट्रंप- तेहरान सरकार एक कैंसर, जल्द सर्जरी जरूरी
Live: ईरान पर ताबड़तोड़ हमले के बाद बोले ट्रंप- तेहरान सरकार एक कैंसर, जल्द सर्जरी जरूरी
Dhamaal 4 Advance Booking: अजय देवगन की 'धमाल 4' की एडवांस बुकिंग हुई शुरू, जानें- रिलीज से पहले कितना कर डाला कलेक्शन
'धमाल 4' की एडवांस बुकिंग हुई शुरू, जानें- रिलीज से पहले कितना कर डाला कलेक्शन
Vaibhav Sooryavanshi: इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो मैच में फेल, क्या टीम से बाहर होंगे वैभव सूर्यवंशी?
Vaibhav Sooryavanshi: लगातार दो मैच में फेल, क्या टीम से बाहर होंगे वैभव सूर्यवंशी?
Indian Weapon Demand: ब्रह्मोस से आकाशतीर तक, दुनिया में बढ़ रही भारतीय हथियारों की मांग, इंडिया बनेगा डिफेंस किंग?
ब्रह्मोस से आकाशतीर तक, दुनिया में बढ़ रही भारतीय हथियारों की मांग, इंडिया बनेगा डिफेंस किंग?
'भाग सकते हैं, छिप नहीं सकते', जम्मू कश्मीर के शोपियां में मारा गया लश्कर कमांडर जाकिर गनी, सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी
'भाग सकते हैं, छिप नहीं सकते', जम्मू कश्मीर के शोपियां में मारा गया लश्कर कमांडर जाकिर गनी
मेलोनी पर डोनाल्ड ट्रंप के बदले सुर, तुर्किए पहुंचकर की इटली PM की तारीफ, कहा- 'वो मुझे बहुत पसंद, लेकिन...'  
मेलोनी को लेकर ट्रंप के बदले सुर, तुर्किए पहुंचकर की इटली PM की तारीफ, कहा- 'वो मुझे बहुत पसंद, लेकिन...'  
Embed widget