एक्सप्लोरर

क्या स्पेशल फोर्सेस में जबरदस्ती खिलाया जाता है कच्चा मांस? जान लीजिए जवाब

स्पेशल फोर्सेस के कमांडो की ट्रेनिंग सबसे कठिन होती है. उन्हें सभी परिस्थितियों में खुद को तैयार करना सीखाया जाता है. लेकिन क्या उन्हें ट्रेनिंग के दौरान जबरदस्ती कच्चा मांस खिलाया जाता है?

स्पेशल फोर्सेस के कमांडो की दुनियाभर में ट्रेनिंग सबसे मुश्किल मानी जाती है. उन्हें हर स्थिति में लड़ने और जिंदा रहना सीखाया जाता है. स्पेशल फोर्सेस के कमांडो सबसे कड़ी और कठिन ट्रेनिंग से गुजरते हैं. लेकिन सवाल ये कि क्या इन कमांडो को जबरदस्ती कच्चा मांस खिलाया जाता है. आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे.

स्पेशल फोर्सेस की ट्रेनिंग

स्पेशल फोर्सेस के कमांडो की ट्रेनिंग बाकी कमांडों की तुलना में सबसे कठिन होती है. स्पेशल फोर्सेस के कमांडो की शारीरिक ट्रेनिंग साधारण से कहीं अधिक कठोर होती है. इस दौरान इन्हें अत्यधिक कठिन अभ्यासों से गुजरना पड़ता है. जिसमें लंबी दूरी तक दौड़ना, वजन उठाकर पहाड़ी इलाकों में दौड़ना,स्विमिंग और डाइविंग जैसी ट्रेनिंग भी शामिल हैं. 

सभी मौसमों में रहने की ट्रेनिंग

इसके अलावा स्पेशल फोर्सेस के कमांडों को सभी मौसम में रहने की ट्रेनिंग दी जाती है. वो कमांडो घंटों तक बिना रुके लगातार शारीरिक काम कर सकते हैं. इतना ही नहीं उन्हें विभिन्न मौसमों जैसे गर्मी, सर्दी, बारिश और बर्फीले इलाकों में काम करने के लिए तैयार किया जाता है.

खान-पान को लेकर भी दी जाती है ट्रेनिंग

स्पेशल फोर्सेस के कमांडों को शारीरिक ट्रेनिंग के अलावा मानसिक और खान-पान के स्तर पर भी कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना होता है. इन ट्रेनिगों के तहत जंगल में बिना पानी और खाने के जिंदा रहना, सभी जगली पत्तों की पहचान करके उनसे जीवन को बचाना शामिल है. इतना ही नहीं स्पेशल फोर्सेस के कमांडों को कच्चा मांस खाने की भी ट्रेनिंग दी जाती है. जिससे वो कठिन ट्रेनिंग के दौरान खुद को जिंदा रख सके. हालांकि किसी भी कमांडों को जबरदस्ती कच्चा मांस नहीं खिलाया जाता है, ये सिर्फ ट्रेनिंग का एक हिस्सा होता है. स्पेशल फोर्स में सभी परिस्थितियों में लड़ने और जिंदा रहने के लिए जवानों को मांस खाने आना चाहिए. जिससे वो कभी जंगल में फंसने पर खुद को जिंदा रख सके.

सबसे कठिन होती है ट्रेनिंग

बता दें कि कमांडो को विभिन्न प्रकार की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है. इसमें स्नाइपर ट्रेनिंग,एंटी-टेररिज्म ऑपरेशंस, सीक्रेट ऑपरेशंस और सर्वाइवल स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाती है. इतना ही नहीं इन कमांडो को अत्यधिक प्रतिकूल परिस्थितियों में जीवित रहने की कला सिखाई जाती है. जिसमें बिना भोजन और पानी के जंगलों या दुश्मन के इलाके में हफ्तों तक छिपकर रहना, प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करना और आवश्यकता पड़ने पर दुश्मन की नजरों से बचनकर निकलना शामिल है.

ये भी पढ़ें:भारत का पहला ‘मेड इन इंडिया’ युद्धपोत कौन सा? जानिए किन हथियारों से है ये लैस

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Fact Check Drug Rule: क्या गांजा पीने वाले दोस्त को पकड़वाने पर 2 लाख का इनाम दे रही यह सरकार, जानें क्या है यह नियम?
क्या गांजा पीने वाले दोस्त को पकड़वाने पर 2 लाख का इनाम दे रही यह सरकार, जानें क्या है यह नियम?
समुद्र में भी होते हैं कब्रिस्तान, भारत के इस राज्य में मौजूद है यह समुद्री मौत
समुद्र में भी होते हैं कब्रिस्तान, भारत के इस राज्य में मौजूद है यह समुद्री मौत
ब्रह्मोस मिसाइल को हवा में क्यों नहीं रोक सकता कोई भी देश, जानें किस टेक्नोलॉजी पर यह करती है काम?
ब्रह्मोस मिसाइल को हवा में क्यों नहीं रोक सकता कोई भी देश, जानें किस टेक्नोलॉजी पर यह करती है काम?
Safest Countries 2026: ये हैं दुनिया के 10 सबसे सुरक्षित देश, जानें लिस्ट में भारत का कौन सा नंबर?
ये हैं दुनिया के 10 सबसे सुरक्षित देश, जानें लिस्ट में भारत का कौन सा नंबर?

वीडियोज

SHOCKING! नीले ड्रम में बंद होने का था डर, इसलिए कर दिया...! ABPLIVE
Xi Jinping North Korea visit 2026: किम जोंग उन पर शी जिनपिंग ने क्यों डाले डोरे? ABPLIVE
US Iran War: 2 हफ्ते में ईरान पर जीत, धड़ाम होंगे तेल के दाम! जंग के बीच ट्रंप का बड़ा ऐलान !
बॉलीवुड न्यूज़: आलिया भट्ट ने 'Alpha' के धांसू टीज़र में अपने खतरनाक एक्शन अवतार से उड़ाए होश
125cc Scooter Battle: Burgman vs Avenis vs Ntorq | कौन है असली King? #burgmanstreet #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल के खुश रखने को गालिब....कांग्रेस ने शेयर किया नेहरू-मोदी का कार्टून; 12 साल पूरे होने पर कसा तंज
दिल के खुश रखने को गालिब....कांग्रेस ने शेयर किया नेहरू-मोदी का कार्टून; 12 साल पूरे होने पर कसा तंज
UP चुनाव 2027 में किस आधार पर मिलेगा टिकट? BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दिया ये जवाब
UP चुनाव 2027 में किस आधार पर मिलेगा टिकट? BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दिया ये जवाब
वो सिर्फ बातें करते हैं, काम नहीं... ईरान को लेकर ट्रंप का बयान, US प्रेसीडेंट ने अल्लाह को किस बात का कहा शुक्रिया
वो सिर्फ बातें करते हैं, काम नहीं... ईरान को लेकर बोले ट्रंप, अल्लाह को किस बात का किया शुक्रिया
IND vs ENG: 12 गेंद में चाहिए थे 38 रन, भारत ने इंग्लैंड के जबड़े से छीन ली थी जीत; फिर लास्ट तीन गेंद में मिली हार
12 गेंद में चाहिए थे 38 रन, भारत ने इंग्लैंड के जबड़े से छीन ली थी जीत; फिर लास्ट तीन गेंद में मिली हार
रवीना टंडन ने अक्षय कुमार का हाथ पकड़े शेयर की फोटो, दिखाई 'वेलकम टू द जंगल' के सेट की झलक
रवीना टंडन ने अक्षय कुमार का हाथ पकड़े शेयर की फोटो, दिखाई 'वेलकम टू द जंगल' के सेट की झलक
अगर समझौता नहीं हुआ तो जोरदार हमला किया..., आखिर क्यों आगबबूला हुए ट्रंप? ईरान को फिर दी धमकी
अगर समझौता नहीं हुआ तो जोरदार हमला किया..., आखिर क्यों आगबबूला हुए ट्रंप? ईरान को फिर दी धमकी
Explained: भारत में सत्ता से हटते ही पार्टी की एकजुटता मुश्किल क्यों, कैसे सत्ताधारी दल की अरदली बन जाती छोटी पार्टियां?
सत्ता से हटते ही पार्टी की एकजुटता कठिन क्यों, कैसे सत्ताधारी दल की अरदली बनती छोटी पार्टियां?
IAS बनना है तो आज ही फॉलो करें दिव्यकीर्ति सर की ये 3 बातें, आपको नहीं रोक पाएगी कोई भी ताकत
IAS बनना है तो आज ही फॉलो करें दिव्यकीर्ति सर की ये 3 बातें, आपको नहीं रोक पाएगी कोई भी ताकत
Embed widget