CJP प्रोटेस्ट के बाद 100 से ज्यादा छात्र पटना की जेलों में बंद? AISA की नेहा ने कहा- 'उन्हें छोड़ दें वरना...'
Bihar News In Hindi: छात्र संगठन आइसा ने बड़ा दावा कर दिया है. आइसा का दावा है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी बिहार की जेलों में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी बंद हैं.

नीट पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 22 जुलाई को बिहार के पटना समेत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हुआ. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. इस बीच छात्र संगठन आइसा ने बड़ा दावा कर दिया है. आइसा का दावा है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी बिहार की जेलों में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी बंद हैं.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठ चुकी एक्टिविस्ट नेहा बोरा समेत कई छात्र नेताओं ने यह दावा किया है. नेहा का कहना है कि उन्हें छोड़ दें वरना यह आंदोलन जारी रहेगा. सोमवार (27 जुलाई) को नेहा उन गिरफ्तार छात्रों से मिलने के लिए पटना जाएंगी.
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छात्रों के जेल में बंद होने पर क्या बोलीं नेहा?
नेहा बोरा ने कहा, "एक तरफ जहां हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ जो लोग पेपर लीक के खिलाफ आंदोलनों में शामिल रहे उनके खिलाफ कार्रवाई चल रही है. बिहार में पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ के साथ में आइसा के एक्टिविस्ट धनंजय, सबा, दीपांकर और दिव्यम को बेउर जेल में लगभग तीन दिन से बंद किया हुआ है."
Dear @samrat4bjp & @SuvenduWB,
— AISA (@aisa_official_) July 26, 2026
Don't break the assurance given by @JPNadda & @DrJitendraSingh. Drop all criminal cases put on the protestors.
If not, the next mass student movement will be against your govts.@Cockroachisback @abhijeet_dipke @SauravDassss @AshutoshRanka https://t.co/7rh3TFbAWM
उन्होंने बताया कि उनके ऊपर 9 से ज्यादा मुकदमे किए हुए हैं जिसमें अटेम्प्ट टू मर्डर का केस शामिल है." उन्होंने आगे कहा, "एक दिन के प्रदर्शन के आधार पर यह सब फर्जी मुकदमें लगाए जा रहे हैं. बिहार भर के अलग-अलग जेलों में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों के अभी भी बंद होने की खबर आ रही है."
'प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर मुस्लिम छात्र हैं'
नेहा ने आगे बताया कि दूसरी खबरें बंगाल से आ रही हैं जहां पर लगभग 14 छात्रों को पेपर लीक के खिलाफ प्रोटेस्ट करने की वजह से जेलों में बंद किया हुआ है. इन प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर लोग मुस्लिम छात्र हैं." उन्होंने आगे कहा, "बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह बात कही है कि अब 70 और लोगों पर इस तरीके के मुकदमें होंगे."
उन्होंने आगे कहा कि यह तमाम गिरफ्तारियां, यह तमाम कार्रवाईयां प्रोटेस्टर्स से किए हुए सरकार के वादे का उल्लंघन है. वो वादा कि किसी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं होगी. वो वादा कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे और उनके इस्तीफे की मांग उठाने वाले छात्रों का प्रदर्शन जायज था. यह इन तमाम चीजों का उल्लंघन है.
आज पटना जाएंगी आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष
ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा छात्रों के जेलों में बंद होने के चलते सोमवार (27 जुलाई) को पटना जाएंगी. उन्होंने बताया कि वह पटना में उन छात्रों से मिलने जाएंगी जो बेउर जेल में जबरन बंद किया हुआ है. उन प्रदर्शनकारियों से भी मिलूंगी जिनके ऊपर पुलिस ने लाठियां बरसाईं.
इस दौरान उन्होंने लोगों से बेऊर जेल पहुंचने की अपील की है. वहीं सीजेपी ने इस मामले पर कहा, "सभी छात्र प्रदर्शनकारी को तत्काल रिहा किया जाए जैसा कि दिल्ली समझौता में तय हुआ था, छात्रों के साथ कुछ भी गलत ना हो."
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