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US Venezuela Tension: अमेरिका के सामने कब तक टिक पाएगा वेनेजुएला, जानें इसे कौन देता है हथियार?

US Venezuela Tension: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. आइए जानते हैं कि वेनेजुएला को कौन-कौन से देश हथियार मुहैया करा रहे हैं.

US Venezuela Tension: संयुक्त राज्य अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बड़ा होता जा रहा है. दोनों देश अब एक दूसरे के खिलाफ युद्ध पोत और मिसाइल प्रणालियों को तैनात कर रहे हैं. इसके बाद सीधे टकराव की आशंकाएं और भी ज्यादा बढ़ चुकी हैं. हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में वेनेजुएला की कई नौकाओं पर हमला किया. इसी के साथ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने 5000 मिसाइलों की तैनाती की घोषणा करके जवाब दिया. अब सवाल यह उठता है कि वेनेजुएला अमेरिकी सैन्य दबाव का आखिर कब तक सामना कर सकता है. इसी के साथ वेनेजुएला को हथियार कौन मुहैया करा रहा है. 

वेनेजुएला को कहां से मिल रहे हैं हथियार 

पिछले दो दशकों से वेनेजुएला अपने सैन्य हथियारों के लिए रूस, चीन और ईरान पर काफी ज्यादा निर्भर रहा है. रूस वेनेजुएला का सबसे महत्वपूर्ण रक्षा साझेदार रहा है. रूस ने वेनेजुएला को टैंक, लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर मिसाइल प्रणालियां और छोटे हथियार दिए हैं. इसके अलावा दोनों देशों के बीच कई बड़े रक्षा और औद्योगिक सहयोग समझौते भी हुए हैं. 

इसी के साथ चीन ने गैर घातक और सुरक्षा संबंधी उपकरण जैसे कि रडार सिस्टम, बख्तरबंद वाहन और संचार उपकरण मुहैया कराए हैं. 2010 से बीजिंग ने कराकस के साथ अपने सैन्य और निगरानी सहयोग का विस्तार किया है जिस वजह से आर्थिक और तकनीकी संबंध और भी ज्यादा गहरे हुए हैं.  इसी के साथ हाल के कुछ सालों में ईरान की भी भूमिका और भी ज्यादा प्रमुख हो चुकी है.

दोनों देशों के बीच सैन्य शक्ति का अंतर 

इन साझेदारियों के बावजूद भी वेनेजुएला की सैन्य शक्ति संयुक्त राज्य अमेरिका का सामना करने में थोड़ी सीमित है. ग्लोबल फायर पावर 2025 के मुताबिक अमेरिका दुनिया की शीर्ष सैन्य शक्ति है जबकि वेनेजुएला 50वें स्थान पर आता है. अमेरिका सबसे एडवांस्ड लड़ाकू जेट और मिसाइल रक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल करता है. वही वेनेजुएला पुराने रूसी और चीनी उपकरणों पर निर्भर है.

अमेरिका वेनेजुएला के बीच क्यों है तनाव

वेनेजुएला के प्रति वाशिंगटन की हताशा सिर्फ वैचारिक मतभेद नहीं है. अमेरिकी सरकार काफी लंबे समय से मादुरो शासन पर इंटरनेशनल कार्टेलों के साथ सहयोग करने, लोकतंत्र को कमजोर करने पर साथ ही मानवाधिकारों का हनन करने का आरोप लगाती रही है. इसी के साथ रूस, चीन और ईरान जो अमेरिका के तीन मुख्य भू राजनीतिक विरोधी हैं, के साथ वेनेजुएला की साझेदारी ने इस तनाव को और भी बड़ा कर दिया है.

ये भी पढ़ें: इन देशों में नहीं देना पड़ता एक भी रुपया टैक्स,‌ जानें कौन-कौन से देश इसमें शामिल

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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