वेनेजुएला-अमेरिका में जंग हुई तो कौन-सा देश किसका देगा साथ? देख लें पूरी लिस्ट
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ रहा है, जिससे वैश्विक राजनीति में हलचल मच गई है. वेनेजुएला के संभावित सहयोगी रूस, चीन और क्यूबा हैं, जबकि अमेरिका के सहयोगी नाटो देश और जापान है.

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर हाल ही में कई कड़े आरोप लगाए हैं. ट्रंप ने कहा कि मादुरो के “दिन अब गिनती के रह गए हैं” और यह भी साफ किया कि वे वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना को खारिज नहीं कर सकते. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने एक फोन कॉल में मादुरो को तुरंत सत्ता छोड़ने का अल्टीमेटम भी दिया था, जिसे मादुरो ने ठुकरा दिया.
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोनों देशों के बीच किसी तरह का सैन्य संघर्ष छिड़ता है तो यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं होगी, बल्कि कई बड़े देश भी अपने-अपने हितों के आधार पर इसमें अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जंग हुई तो कौन किसका साथ देगा?
वेनेजुएला के संभावित सहयोगी
1. रूस
रूस और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से मजबूत सैन्य और राजनीतिक संबंध रहे हैं. रूस ने वेनेजुएला को हथियार, मिसाइल सिस्टम और सैन्य सलाहकार उपलब्ध कराए हैं. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी रूस अक्सर वेनेजुएला का बचाव करता है. ऐसे में अगर संघर्ष बढ़ता है, तो रूस खुलकर या पर्दे के पीछे वेनेजुएला का समर्थन कर सकता है.
2. चीन
चीन वेनेजुएला में बड़े स्तर पर आर्थिक और ऊर्जा परियोजनाएं चलाता है. चीन, अमेरिका की हस्तक्षेप नीति का विरोध करता रहा है और वेनेजुएला को कर्ज और आर्थिक सहयोग देता आया है. हालांकि चीन सीधे सैन्य तौर पर शामिल न भी हो, लेकिन कूटनीतिक और आर्थिक समर्थन जरूर देगा.
3. क्यूबा
क्यूबा और वेनेजुएला की राजनीति काफी हद तक एक-दूसरे से जुड़ी है. वेनेजुएला क्यूबा को तेल देता है और बदले में क्यूबा डॉक्टरों, सुरक्षा सलाहकारों और राजनीतिक समर्थन के रूप में मदद करता है. किसी भी संघर्ष में क्यूबा निश्चित तौर पर वेनेजुएला के पक्ष में खड़ा होगा.
अमेरिका के संभावित सहयोगी
1. नाटो देश
अमेरिका के मजबूत पश्चिमी सहयोगियों जैसे ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस और जर्मनी का समर्थन लगभग तय है. ये सभी नाटो का हिस्सा हैं और अमेरिकी नीतियों के साथ खड़े रहने की परंपरा रखते हैं.
2. एशियाई सहयोगी: जापान और दक्षिण कोरिया
ये दोनों देश अमेरिका के रणनीतिक साझेदार हैं और किसी भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय हलचल में अमेरिका का समर्थन करते रहे हैं. इसलिए इनके साथ आने की संभावना बहुत अधिक है.
3. लैटिन अमेरिकी देश
लैटिन अमेरिका में राजनीतिक माहौल मिश्रित है, लेकिन कई देश अमेरिका के साथ सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी रखते हैं. होंडुरास, ग्वाटेमाला और कुछ कैरेबियन देश अमेरिका के समर्थन में आ सकते हैं, जबकि कुछ तटस्थ रहेंगे.
आखिरकार कौन पक्ष लेगा, यह निर्भर करेगा परिस्थितियों पर
युद्ध की स्थिति में किसी देश का साथ देना उसके राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा हितों पर निर्भर करता है. इसलिए यह साफ है कि समर्थन की यह सूची परिस्थितियों के अनुसार बदल भी सकती है. लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल को देखते हुए संभावित गठजोड़ का यही ढांचा सामने आता है.
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Source: IOCL



























