एक्सप्लोरर

हर साल बढ़ती रही गर्मी तो कितने सालों में खत्म हो जाएगा जीवन, जानिए कब खत्म हो रहा पृथ्वी का रिचार्ज

लगातार बढ़ती वैश्विक तपन और क्लाइमेट चेंज के कारण पृथ्वी का प्राकृतिक रिचार्ज सिस्टम संकट में है. वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि यह न रुका तो कुछ ही सदियों में पृथ्वी इंसानी जीवन के अनुकूल नहीं रहेगी.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • ग्लेशियर पिघलने से नदियां सूखेंगी, करोड़ों का जीवन संकट में.

हर साल रिकॉर्ड तोड़ती भीषण गर्मी और असंतुलित होता मौसम सिर्फ एक मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व पर मंडराता हुआ एक बड़ा खतरा है. औद्योगिक क्रांति के बाद से धरती का तापमान जिस तेजी से बढ़ा है, उसने प्रकृति के पूरे चक्र को बिगाड़ कर रख दिया है. पानी के स्रोतों का सूखना, ग्लेशियरों का पिघलना और मिट्टी की नमी का खत्म होना इस बात का साफ संकेत हैं कि पृथ्वी का प्राकृतिक रिचार्ज सिस्टम अब दम तोड़ रहा है. ऐसे में यह सवाल बेहद गंभीर हो जाता है कि आखिर इंसानी गलतियों के कारण हमारी धरती कब तक जीवन का बोझ उठा पाएगी.

ग्रीनहाउस गैसें और पृथ्वी का बढ़ता तापमान

औद्योगिक गतिविधियों और जीवाश्म ईंधन के अंधाधुंध इस्तेमाल से वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है. संयुक्त राष्ट्र की जलवायु रिपोर्टों के मुताबिक, औद्योगिक काल की तुलना में धरती का औसत तापमान पहले ही 1.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा बढ़ चुका है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी का यह आंकड़ा 1.5 या 2 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, तो पृथ्वी का पूरा इकोसिस्टम ढह जाएगा, जिससे जीवन को वापस पटरी पर लाना नामुमकिन हो जाएगा.

पानी का संकट और भूजल रिचार्ज सिस्टम का पूरी तरह ठप होना

गर्मी बढ़ने का सबसे पहला और सीधा प्रहार पृथ्वी के जल चक्र (वाटर साइकिल) पर हो रहा है. कंक्रीट के बढ़ते जंगलों और जंगलों की अंधाधुंध कटाई के कारण बारिश का पानी जमीन के भीतर नहीं जा पा रहा है, जिससे भूजल (ग्राउंडवाटर) का रिचार्ज पूरी तरह रुक गया है. नीति आयोग की रिपोर्टों के अनुसार, भारत सहित दुनिया के कई बड़े शहरों में ग्राउंडवाटर का स्तर शून्य के करीब पहुंच रहा है. यदि पानी का यह प्राकृतिक रिचार्ज सिस्टम पूरी तरह खत्म हो गया, तो अगले कुछ दशकों में ही पीने के पानी का भयंकर अकाल पड़ जाएगा.

यह भी पढ़ें: 2026 में दो बार पड़ रहा ज्येष्ठ का महीना, क्या नौतपा भी दो बार सताएगा?

ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना और नदियों का सूखता वजूद

धरती के बढ़ते तापमान का सबसे बड़ा और खतरनाक असर हमारे मीठे पानी के मुख्य स्रोतों यानी ग्लेशियरों पर देखने को मिल रहा है. हिमालय और ध्रुवीय क्षेत्रों के ग्लेशियर रिकॉर्ड रफ्तार से पिघल रहे हैं, जिससे शुरुआत में तो समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और तटीय शहरों के डूबने का खतरा पैदा हो गया है. लेकिन इसका दूसरा और डरावना पहलू यह है कि एक बार जब ये ग्लेशियर पूरी तरह खत्म हो जाएंगे, तो गंगा, यमुना जैसी सदानीरा नदियों का अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा, जिससे करोड़ों लोगों का जीवन संकट में आ जाएगा.

इंसानी अस्तित्व पर संकट और वैज्ञानिकों की अंतिम समय सीमा

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक अध्ययनों और कंप्यूटर मॉडलों के अनुसार, यदि इंसानों ने कार्बन उत्सर्जन को तुरंत नियंत्रित नहीं किया, तो अगले 100 से 200 सालों के भीतर पृथ्वी के कई हिस्से इंसानी आबादी के रहने लायक नहीं बचेंगे. अत्यधिक हीटवेव के कारण इंसानी शरीर का तापमान झेलने की क्षमता जवाब दे जाएगी. हालांकि, पृथ्वी से जीवन पूरी तरह खत्म होने में लाखों साल लग सकते हैं, लेकिन इंसानी सभ्यता और बड़े जीवों का अस्तित्व महज कुछ सदियों में ही भीषण गर्मी, सूखे और भुखमरी के कारण पूरी तरह समाप्त हो सकता है.

यह भी पढ़ें: Nautapa 2026: आज से नौ दिन तक 'आग' लगाएगा नौतपा, जानें किन राज्यों में सबसे ज्यादा बरपाता है कहर?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Strait of Hormuz Closure: होर्मुज पूरी तरह बंद हो जाए तो क्या होगा, फिर किन रास्तों से दुनिया को मिलेगी राहत?
होर्मुज पूरी तरह बंद हो जाए तो क्या होगा, फिर किन रास्तों से दुनिया को मिलेगी राहत?
Teesta River Project: बांग्लादेश ने चीन को सौंपा तीस्ता प्रोजेक्ट, जानें यह भारत के लिए कितना खतरनाक?
बांग्लादेश ने चीन को सौंपा तीस्ता प्रोजेक्ट, जानें यह भारत के लिए कितना खतरनाक?
दिल्ली का जंतर-मंतर कैसे बना लोकतंत्र की आवाज, सबसे पहले यहां कौन सा आंदोलन हुआ था?
दिल्ली का जंतर-मंतर कैसे बना लोकतंत्र की आवाज, सबसे पहले यहां कौन सा आंदोलन हुआ था?
Plastic Currency Note Cost: प्लास्टिक के नोट बनाने में कितना पैसा होगा खर्च, जानें 10 रुपये का नोट कितने में बनेगा?
प्लास्टिक के नोट बनाने में कितना पैसा होगा खर्च, जानें 10 रुपये का नोट कितने में बनेगा?
Advertisement

वीडियोज

गुटखाबाज बीवी की डिमांड डायरी!
Shehnaaz Gill बोलीं- अभी सक्सेस नहीं मिली, मेरा सपना है लोग टिकट खरीदकर मेरी फिल्में देखने आएं
Bollywood News: '3 Idiots' की कहानी पर आमिर का नया खुलासा, सोनम वांगचुक कनेक्शन पर छिड़ी नई बहस (17-07-2026)
Udne ki Asha: Sailee-Sachin की बदली किस्मत; Ganpatipule में मिला पैसा, पर खो गया सुकून!
Tata Altroz diesel long term review and mileage: E20 ka best solution? #autolive
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
रूसी तेल खरीद पर अमेरिका लगाएगा 100 फीसदी टैरिफ? भारतीय विदेश मंत्रालय ने सवाल पर क्या कहा
रूसी तेल खरीद पर अमेरिका लगाएगा 100 फीसदी टैरिफ? भारतीय विदेश मंत्रालय ने सवाल पर क्या कहा
'BJP वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन...', सोनम वागंचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर बोलीं डिंपल यादव
'BJP वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन...', सोनम वागंचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर बोलीं डिंपल यादव
पाक के सिंध में बच्चों में तेजी से फैला HIV, WHO का अनुमान- पूरे देश में साढ़े 3 लाख लोग ऐसे ही जीने को मजबूर
पाक के सिंध में बच्चों में तेजी से फैला HIV, WHO का अनुमान- पूरे देश में साढ़े 3 लाख लोग ऐसे ही जीने को मजबूर
'बंटवारा 1947' से पहले बड़े पर्दे पर दहाड़ते नजर आएंगे सनी देओल, री रिलीज हो रही एक्टर की तीन ब्लॉकबस्टर फिल्में, नोट कर लें तारीख!
'बंटवारा 1947' से पहले सनी देओल की री रिलीज हो रही तीन ब्लॉकबस्टर फिल्में, नोट कर लें तारीख!
FIFA World Cup Prize Money: आज फ्रांस और इंग्लैंड की भिड़ंत, हारने वाली टीम को भी मिलेंगे 259 करोड़ रुपये
FIFA वर्ल्ड कप में आज फ्रांस और इंग्लैंड की भिड़ंत, हारने वाली टीम को भी मिलेंगे 259 करोड़ रुपये
Explained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?
क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले मानसून सत्र की तस्वीर बदल गई?
मानसून सत्र में पेश नहीं हो पाएगा 130वां संविधान संशोधन बिल? JPC सदस्यों में नहीं बनी एक राय, कहा- ‘अभी चर्चा की जरूरत’
मानसून सत्र में पेश नहीं हो पाएगा 130वां संविधान संशोधन बिल? JPC सदस्यों में नहीं बनी एक राय
दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से क्यों भेजा अस्पताल? सामने आई बड़ी वजह
दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से क्यों भेजा अस्पताल? सामने आई बड़ी वजह
Embed widget