9 साल की उम्र में मोलेस्ट हुए थे हर्षद चोपड़ा, रात में एक्टर संग हुई थी गंदी हरकत
टीवी एक्टर हर्षद चोपड़ा ने हाल ही में खुलासा किया कि 9 साल की उम्र में किसी इंसान ने उनके साथ गंदी हरकत की. उन्होंने माता-पिता से अपील की कि बच्चों को अकेला न छोड़ें.

रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' के लेटेस्ट एपिसोड में हर्षद चोपड़ा ने अपना तीसरा और आखिरी सीक्रेट बताकर सभी को इमोशनल कर दिया. एक्टर ने अपने बचपन का दर्दनाक एक्सपीरियंस शेयर किया.जब वह महज 9-10 साल के थे और उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि उनके साथ क्या हो रहा है.
9 साल की उम्र में मोलेस्ट हुए हर्षद चोपड़ा
एपिसोड के दौरान, जब हर्षद को 'चाइल्डहुड' कोड वर्ड के साथ अपना सीक्रेट बताने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, 'मैं लगभग 9-10 साल का था. हमारे माता-पिता अक्सर अपने बच्चों को दूसरे लोगों के भरोसे छोड़ देते हैं. एक बार उन्होंने मुझे कुछ ऐसे भरोसेमंद लोगों के पास छोड़ा था, जिन पर न सिर्फ परिवार बल्कि पूरी कम्यूनिटी को भरोसा था. बचपन में मैं थोड़ा डरा सहमा सा था. रात में किसी इंसान ने मेरे साथ गंदी हरकत की. मैंने पूरे कपड़े पहने हुए थे, और कोई मेरे ऊपर था.'
डरे हुए थे हर्षद
हर्षद ने आगे कहा, 'मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि मेरे साथ क्या हो रहा है. मैं बहुत डर गया था और सोने का नाटक करने लगा. मैंने आज तक ये बात किसी को नहीं बताई, क्योंकि मुझे खुद नहीं पता था कि मेरे साथ क्या हुआ था. मेरा घर का नाम मोनू है. वो मुझे बालकनी में कुछ दिखाने के बहाने ले गया. उसने मुझे गोद में उठाया और फिर मेरे साथ ऐसी हरकतें करने लगा, जिन्हें मैं उस समय समझ नहीं पाया. मुझे नहीं पता था कि सवाल कैसे पूछूं. मैं बस डरा हुआ था.'
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माता-पिता से की अपील
हर्षद ने कहा, 'मैं सभी माता-पिता से कहना चाहता हूं कि अपने बच्चों को कभी अकेला न छोड़ें. उनसे खुलकर बात करें, ताकि उन्हें किसी भी बात को बताने में डर या झिझक न हो. मेरे जैसे लोगों के साथ जो भी होता है, उसके बारे में खुलकर बात करनी चाहिए, ताकि गलत करने वाले बेनकाब हो सकें. वे लोग आज भी अपनी जिंदगी आराम से जी रहे हैं. इसी वजह से मुझे गे लोगों से थोड़ा डर लगता है. मैं उनसे नफरत नहीं करता, लेकिन डर जरूर लगता है. यही मेरी सच्चाई है.'
बाद में हर्षद ने कहा कि 99 फीसदी बच्चे किसी न किसी रूप में ऐसे एक्सपीरियंसों से गुजरते हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश प्यार और देखभाल के साथ करनी चाहिए, ताकि वे हर बात अपने माता-पिता से खुलकर कह सकें.
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