शत्रुघ्न को सत्यजीत रे के साथ काम नहीं करने का अफसोस

कोलकाता: साल 1987 में गौतम घोष की बांग्ला फिल्म ‘अंतरजलि जात्रा’ में अभिनय करने वाले अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उन्हें अपने करियर में सबसे बड़ा अफसोस जो रहा वह यह कि सज्यजीत रे की फिल्म में काम नहीं कर पाए.
41वें अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता किताब मेला का हिस्सा चौथे कोलकाता साहित्य महोत्सव में सिन्हा ने कहा, ‘‘कुछ लोगों को पता है कि मैं माणिकदा (सत्यजीत रे) के साथ एक फिल्म करने वाला था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. सौमित्र चटर्जी फिल्म के दूसरे अभिनेता होते.’’
युवाओं से अपनी पहचान और खासियत को कभी नहीं भुलाने के प्रति प्रेरित करते हुए सिन्हा ने कहा, ‘‘हालांकि, क्षेत्रीय फिल्मों में मेरी काफी कॉपी हुई, उनकी स्टाइल और तरीकों की मैंने कभी कॉपी नहीं की.’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रतिस्पर्धी जमाने में अपने आपको बेहतर से बेहतर साबित करना होगा और मेरी किताब ‘एनिथिंग बट खामोश’ की भी भावना यही है.’’
सिन्हा ने कहा, ‘‘पटना से पुणे, बिहार से ‘जय महाराष्ट्र’, मैं जीरो से हीरो बना. छोटी भूमिका से खलनायक, समानांतर (फिल्म) हीरो से ब्लॉकबस्टर हीरो तक, मैंने नामुमकिन को मुमकिन किया.’’
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