शर्मिला टैगोर ने की सैफ अली खान की पेरेंटिंग की तारीफ, बोलीं- हमले के वक्त वो जेह-तैमूर के साथ रियल थे
Sharmila Tagore talks about Saif Parenting: सैफ अली खान ने चार बच्चे हैं, वो अपने चारों बच्चों के साथ काफी अच्छा बॉन्ड शेयर करते नजर आते हैं. वहीं हाल ही में शर्मिला टैगोर ने सैफ पेरेंटिंग पर बात की है.

बॉलीवुड कपल सैफ अली खान और अमृता सिंह जब अलग हुए, तब सारा अली खान सिर्फ 9 साल की थीं. इसके बाद सारा अपनी मां के साथ बड़ी हुईं, लेकिन इसके बावजूद वो हमेशा अपने पापा सैफ के बहुत करीब रहीं. हाल ही में एक इंटरव्यू में सारा ने बताया कि उन्होंने अपना बचपन मां के साथ बिताया और वो एक पारंपरिक परिवार में नहीं रहीं, जहां दोनों माता-पिता साथ हों. इस बातचीत में सारा अकेली नहीं थीं, बल्कि उनकी दादी शर्मिला टैगोर भी उनके साथ मौजूद थीं और दोनों से सोहा अली खान ने सवाल किए.
शर्मिला टैगोर ने सैफ की पेरेंटिंग पर की बात
इस बातचीत में शर्मिला टैगोर ने अपने बेटे सैफ की परवरिश को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों को माता-पिता बनते देखकर बहुत कुछ सीखा है.
शर्मिला ने बताया कि अपने समय में वो बच्चों की परवरिश के लिए घर के बड़े-बुजुर्गों पर ज्यादा निर्भर रहती थीं, जबकि आज की पीढ़ी किताबों और दोस्तों से सलाह लेती है. सैफ की पेरेंटिंग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सारा के छोटे होने के दौरान सैफ ने काम और जिम्मेदारी के बीच अच्छा संतुलन बनाया और एक जिम्मेदार पिता की भूमिका निभाई.
शर्मिला टैगोर ने सैफ अली खान की तारीफ करते हुए कहा कि वो एक बेहतरीन पिता रहे हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने सैफ को सारा के साथ बहुत करीब से देखा है. शर्मिला के मुताबिक, कई बार जब सैफ को देर रात किसी फिल्म प्रीमियर में जाना होता था, तो सारा भी उनके साथ जाती थीं, लेकिन इसका उस पर कोई गलत असर नहीं पड़ा. सारा वापस आकर अपना होमवर्क भी पूरा करती थीं. इसके बाद शर्मिला ने इब्राहिम अली खान के बचपन से जुड़ा एक किस्सा याद किया, जिसने पेरेंटिंग को लेकर उनकी सोच बदल दी.
बचपन से जुड़ा एक किस्सा किया याद
पटौदी में हुए एक क्रिसमस सेलिब्रेशन का किस्सा शेयर करते हुए शर्मिला टैगोर ने बताया कि वो क्रिसमस ट्री को बिल्कुल परफेक्ट तरीके से सजाना चाहती थीं, जबकि छोटे इब्राहिम खुशी-खुशी जहां मन हुआ वहां सजावट लगा रहे थे. तभी सैफ ने प्यार से कहा कि बच्चों को भी इसमें हिस्सा लेने देना चाहिए. उस पल से शर्मिला को यह सीख मिली कि हर चीज परफेक्ट होना जरूरी नहीं है, बच्चों को अपनी रफ्तार से आगे बढ़ने देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सैफ इस मामले में हमेशा बहुत समझदार और अच्छे पिता रहे हैं. शर्मिला टैगोर ने यह भी बताया कि सैफ आज भी अपने छोटे बेटों तैमूर और जेह के साथ काफी मस्ती करते हैं. उन्होंने कहा कि जब चाकू से हमसे वाला हादसा हुआ था उस समय भी सैफ बच्चों के साथ बहुत सच्चे और सहज रहे.

वहीं सारा अली खान ने बातचीत में बताया कि उन्होंने अपने दोनों माता-पिता से बहुत कुछ सीखा है. उन्होंने हंसते हुए कहा कि जब कभी उनका दिन खराब होता है, तो वो किसी से सलाह नहीं लेना चाहतीं, क्योंकि एक कहता है कि तुम अपने पिता जैसी हो और दूसरा कहता है कि तुम मां पर गई हो. सारा ने कहा कि यह तो डीएनए की वजह से होना ही है.
सारा ने आगे बताया कि उन्हें अलग-अलग चीजें पसंद करने की आदत अपने पिता से मिली है, जबकि खुद को बिना झिझक अपनाने की सीख उन्हें अपनी मां अमृता सिंह से मिली. उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उन्हें सिखाया कि कैसे हर हाल में सच्चा और बेबाक रहना चाहिए, खासकर ऐसी दुनिया में जहां ऐसा होना आसान नहीं है.
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Source: IOCL





















