क्या कोई भारतीय दो देशों की नागरिकता ले सकता है? जानिए- क्या कहता है कानून
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता पर एक बार भी सियासी बवाल मचा हुआ था. ऐसे में आपके दिमाग में भी एक सवाल आया होगा कि आखिर भारत में नागरिकता को लेकर क्या नियम हैं और क्या किसी को दौहरी नागरिकता की अनुमति है ?

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के बीच राहुल गांधी की नागरिकता पर एक बार फिर से विवाद छिड़ गया है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने इस विवाद को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय से शिकायत भी की है. जिसके बाद गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी को नोटिस भेजा है. राहुल को 15 दिनों के अंदर इस नोटिस का जवाब देना होगा. ये नोटिस गृह मंत्रालय के नागरिकता प्रभाग के निदेशक बीसी जोशी ने राहुल गांधी के 12 तुगलक रोड स्थित आवास पर भेजा है. इस नोटिस में राहुल गांधी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इस आरोप के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.
सुब्रमण्यम स्वामी के इस दावे के बाद एक सवाल आपके मन में आया होगा कि आखिर भारत में नागरिकता को लेकर क्या नियम हैं ? क्या भारत में दोहरी नागरिकता को मंजूरी मिलती है. आइए जानते हैं कि आखिर नागरिकता को लेकर क्या कहते हैं भारत सरकार के नियम....
भारत में नागरिकता पाने का क्या है नियम
भारत में एकल नागरिकता का प्रावधान है. भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार निम्न में से किसी एक के आधार पर नागरिकता प्राप्त की जा सकती है.
1- भारत में प्रत्येक व्यक्ति जिसका जन्म संविधान लागू होने यानी कि 26 जनवरी, 1950 को या उसके बाद भारत में हुआ हो, वह जन्म से भारत का नागरिक होगा. इस सूची में राजनयिकों और विदेशियों के बच्चे शामिल नहीं होंगे.
2- भारत के बाहर अन्य देश में 26 जनवरी, 1950 के बाद जन्म लेने वाला व्यक्ति भारत का नागरिक माना जाएगा अगर उसके जन्म के समय उसके माता-पिता में से कोई भारत का नागरिक हो.
3- इसके अलावा भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का एक और नियम है. इस नियम के मुताबिक आप पंजीकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं. पंजीकरण के लिए वह व्यक्ति अप्लाई कर सकता है जो पंजीकरण प्रार्थना-पत्र देने की तिथि से पांच साल पहले से भारत में रह रहा हो. वह भी नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं जो भारतीय अविभाज्य भारत से बाहर किसी देश में निवास कर रहे हों. भारत की नागरिकता उन्हें भी दी जा सकती है जो महिलाएं भारतीयों से विवाह कर चुकी हैं या भविष्य में विवाह करेंगी.
4- भूमि विस्तार होगा तो भी नागरिकता दी जाएगी. यानी अगर दुनिया का कोई भू भाग भारत में शामिल होता है तो उस भू भाग में रहने वाले लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी.
क्या कोई भारतीय दो देशों की नागरिकता ले सकता है
संशोधित नागरिकता अधिनियम 1955 के मुताबिक कोई भी भारतीय नागरिक दो देशों की नागरिकता नहीं ले सकता. अगर वह ऐसा करता है तो नागरिकता अधिनियम की धारा 9 के मुताबिक उसकी नागरिकता समाप्त की जा सकती है. प्रावधान के मुताबिक अगर भारत का कई भी नागरिक रहने के लिए या किसी और कारण से अन्य देश की नागरिकता ले लेता है तो पहले देश की नागरिकता को रद्द कर दिया जाता है.
क्या होता OCI कार्डऐसे व्यक्ति जो स्वतंत्रता के बाद या पहले भारत से जाकर किन्ही और देशों में बस गए उनके लिए भारत सरकार ने दोहरी नागरिकता का प्रावधान OCI में किया गया है.
ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (ओसीआई) एक आव्रजन स्थिति है जो भारतीय मूल के एक विदेशी नागरिक को भारतीय गणराज्य में अनिश्चित काल तक रहने और काम करने की अनुमति देती है. वह विदेशी नागरिक जो 26 जनवरी 1950 से पहले या बाद से भारत का नागरिक हो या वह या उसके बच्चे या पोते पोतियां भारत के नागरिक हों उनको OCI कार्ड दिया जाता है.
हालांकि OCI कार्ड धारकों के लिए कई सीमाएं हैं जैसे उन्हें मतदान का अधिकार नहीं होता. सरकारी कार्यालयों में काम करने का भी अधिकार नहीं होता. साथ ही OCI कार्ड धारकों को कृषि संपत्तियों को खरीदने का अधिकार भी नहीं है. साथ ही वह व्यक्ति भारत में कोई चुनाव भी नहीं लड़ सकता है.
जम्मू-कश्मीर के लिए नियम
भारत का संविधान भारतीय नागरिकों को दोहरी नागरिकता रखने की अनुमति नहीं देता है. हालांकि अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A जम्मू और कश्मीर के लोगों को जम्मू-कश्मीर के निवासियों के साथ-साथ भारत के नागरिकों के रूप में मान्यता देती है.
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Source: IOCL


















