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NEET 2026 New Guidelines: NTA ने लागू किए नए सुरक्षा नियम, AI कैमरे और 5G जैमर से नकल पर रोक

NEET 2026 परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए NTA ने नई गाइडलाइन जारी की हैं, जिनमें AI कैमरे, बायोमेट्रिक चेक और सख्त ड्रेस कोड जैसे नियम शामिल हैं. आईये जानते हैं क्या है वह नियम.

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  • प्रश्न पत्रों की डिजिटल ट्रैकिंग, GPS से सुरक्षा.

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल को रोकने के लिए हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके साथ ही छात्रों के लिए ड्रेस कोड और एंट्री से जुड़े नियम भी पहले से ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं. ऐसे में उम्मीदवारों के लिए इन गाइडलाइंस को समझना बेहद जरूरी है.

इस बार परीक्षा केंद्रों पर एडवांस AI तकनीक से लैस कैमरे लगाए जाएंगे, जो परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे. किसी भी असामान्य या संदिग्ध व्यवहार को तुरंत पहचानकर कंट्रोल रूम को सूचना दी जाएगी, जिससे नकल की कोशिशों पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सके.

बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और डिजिटल जांच

एग्जाम सेंटर में प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाएगा.इसके साथ ही डिजिटल फ्रिस्किंग के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी प्रतिबंधित वस्तु अंदर न ले जाई जा सके. इससे फर्जी उम्मीदवारों की एंट्री पर रोक लगेगी.

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5G जैमर से नेटवर्क रहेगा बंद

परीक्षा के दौरान किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक संचार को रोकने के लिए केंद्रों पर हाई-फ्रीक्वेंसी जैमर लगाए जाएंगे. ये जैमर 5G नेटवर्क तक को ब्लॉक कर देंगे, जिससे ब्लूटूथ या अन्य डिवाइस के जरिए नकल करना संभव नहीं होगा.

ड्रेस कोड में सख्ती

NTA ने इस बार ड्रेस कोड को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. परीक्षार्थियों को केवल आधी बाजू (हाफ स्लीव्स) के कपड़े पहनकर आना होगा.फुल स्लीव्स कपड़ों की अनुमति नहीं होगी, ताकि कपड़ों में किसी प्रकार की छिपी सामग्री न लाई जा सके.परीक्षा केंद्र में जूते और मोजे पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी.उम्मीदवारों को हल्की चप्पल या सैंडल पहनने की सलाह दी गई है. यह नियम सुरक्षा कारणों से लागू किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार के छिपे उपकरण को रोका जा सके.

भारी डिजाइन, बड़े बटन, अधिक पॉकेट या कढ़ाई वाले कपड़े पहनने से बचने की सलाह दी गई है. ऐसे कपड़े जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए सरल और हल्के कपड़े पहनना बेहतर रहेगा.जो अभ्यर्थी धार्मिक कारणों से विशेष परिधान जैसे हिजाब या पगड़ी पहनते हैं, उन्हें परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचना होगा. उनकी जांच के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी ताकि परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित न हो.

प्रश्न पत्र की सुरक्षा के लिए डिजिटल ट्रैकिंग

प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए GPS आधारित ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक सिस्टम का उपयोग किया जाएगा. प्रश्न पत्र केवल निर्धारित समय और स्थान पर ही खोले जा सकेंगे, जिससे पेपर लीक की संभावना को काफी हद तक खत्म किया जा सके.साथ ही बता दें कि परीक्षा केंद्र पर ही अभ्यर्थियों को पेन उपलब्ध कराया जाएगा, इसलिए बाहर से पेन लाने की आवश्यकता नहीं है. पानी की बोतल पारदर्शी होनी चाहिए.इसके अलावा अन्य किसी भी प्रकार की स्टेशनरी या निजी सामान ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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