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भारत की खुफिया एजेंसी RAW में कैसे भर्ती होते हैं जासूस, क्या इसकी अलग से निकलती है वैकेंसी?

RAW में जासूस बनने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी जानकारी क्या इसके लिए अलग से भर्ती होती है या UPSC के जरिए मिलती है एंट्री, जानें पूरी प्रक्रिया.

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  • रॉ में जासूसी के लिए स्नातक, अच्छा स्वास्थ्य और विशेष ज्ञान आवश्यक है.

देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली RAW में काम करना कई युवाओं का सपना होता है.लेकिन इस एजेंसी में भर्ती की प्रक्रिया काफी अलग और गोपनीय होती है.बहुत से लोग यह मानते हैं कि RAW के लिए अलग से फॉर्म निकलता है, जबकि सच्चाई कुछ और है. यहां जानिए कि RAW में जासूस बनने का असली रास्ता क्या है.

 RAW क्या है और इसका काम क्या होता है?

RAW भारत की प्रमुख विदेशी खुफिया एजेंसी है, जिसकी स्थापना 1968 में की गई थी. इसका मुख्य काम देश के बाहर की गतिविधियों पर नजर रखना, दुश्मन देशों की योजनाओं की जानकारी जुटाना और भारत की सुरक्षा को मजबूत बनाना होता है.यह एजेंसी सीधे प्रधानमंत्री के अधीन काम करती है, इसलिए इसके अधिकांश ऑपरेशन बेहद गोपनीय होते हैं.

 क्या RAW के लिए अलग से भर्ती निकलती है?

सबसे अहम सवाल यही है कि क्या RAW में नौकरी के लिए अलग से वेकैंसी आती है. दरअसल, RAW के लिए कोई सीधी भर्ती या ओपन एग्जाम नहीं होता. इस एजेंसी में चयन मुख्य रूप से अन्य सरकारी सेवाओं के जरिए किया जाता है. इसलिए कोई भी उम्मीदवार सीधे RAW के लिए आवेदन नहीं कर सकता है.

RAW में भर्ती का तरीका क्या है?

RAW में शामिल होने का सबसे सामान्य तरीका सिविल सेवा परीक्षा के जरिए होता है. इसके लिए उम्मीदवारों को UPSC की परीक्षा पास करनी होती है.इस परीक्षा को क्लियर करने के बाद उम्मीदवार IPS, IFS या अन्य उच्च सेवाओं में चयनित होते हैं.इसके बाद उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर उन्हें RAW में शामिल किया जा सकता है.

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दूसरा तरीका लेटरल एंट्री का होता है, जिसमें सेना, पुलिस या अन्य सरकारी विभागों में कार्यरत अनुभवी अधिकारियों को उनकी विशेष स्किल्स के आधार पर RAW में लिया जाता है. इसके अलावा साइबर सिक्योरिटी, विदेशी भाषाओं और इंटरनेशनल मामलों के विशेषज्ञों को भी गुप्त तरीके से भर्ती किया जाता है.

योग्यता क्या चाहिए होती है ?

RAW में जाने के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना जरूरी है.इसके साथ ही किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन होना चाहिए. उम्मीदवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और वह शारीरिक व मानसिक रूप से फिट होना चाहिए. विदेशी भाषा का ज्ञान और सरकारी सेवा का अनुभव उम्मीदवार के लिए अतिरिक्त लाभ साबित होता है.

सैलरी

RAW में काम करने वाले अधिकारियों की सैलरी पूरी तरह सार्वजनिक नहीं होती, लेकिन अनुमान के अनुसार उन्हें अच्छी-खासी तनख्वाह मिलती है.शुरुआती स्तर पर यह लगभग 80,000 रुपये से 1,30,000 रुपये प्रति माह तक हो सकती है.इसके अलावा विदेशी पोस्टिंग, सुरक्षा भत्ते और अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं, जिससे यह नौकरी और आकर्षक बन जाती है.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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