एक्सप्लोरर

यूके में पढ़ाई का शानदार मौका, ब्रिटिश काउंसिल महिलाओं को दे रहा फुली फंडेड STEM स्कॉलरशिप

विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाली छात्राओं के लिए अच्छी खबर है, ब्रिटिश काउंसिल ने 2026-27 सत्र के लिए महिलाओं को STEM विषयों में फुली फंडेड स्कॉलरशिप देने का ऐलान किया है.जानें पूरी डिटेल्स.

आज के समय में कई लड़कियां साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स यानी STEM फील्ड में अपना करियर बनाना चाहती हैं. लेकिन विदेश में पढ़ाई का खर्च काफी ज्यादा होने की वजह से कई छात्राओं का सपना अधूरा रह जाता है. ऐसे में ब्रिटिश काउंसिल ने महिलाओं के लिए एक शानदार स्कॉलरशिप शुरू की है.इस स्कॉलरशिप के जरिए छात्राओं को यूके की बड़ी यूनिवर्सिटीज में पढ़ने का मौका मिलेगा और सबसे खास बात यह है कि इसमें पढ़ाई से जुड़े लगभग सभी खर्च ब्रिटिश काउंसिल उठाएगा.यह स्कॉलरशिप उन छात्राओं के लिए सुनहरा मौका है जो विदेश में पढ़ाई करना चाहती हैं लेकिन आर्थिक वजहों से ऐसा नहीं कर पाती. इस स्कॉलरशिप से छात्राओं को ना सिर्फ अच्छी पढ़ाई मिलेगी बल्कि उन्हें इंटरनेशनल एक्सपोजर और ग्लोबल करियर बनाने का भी मौका मिलेगा. 


क्या है ब्रिटिश काउंसिल STEM स्कॉलरशिप?

ब्रिटिश काउंसिल ने यह स्कॉलरशिप खास तौर पर उन महिलाओं के लिए शुरू की है जो STEM विषयों में आगे पढ़ाई करना चाहती हैं. इस स्कॉलरशिप का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी और वैज्ञानिक क्षेत्र में आगे बढ़ाना है. इसके जरिए छात्राओं को इंटरनेशनल लेवल की शिक्षा मिलेगी, जिससे उनका करियर और मजबूत हो सकता है. यह स्कॉलरशिप 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए शुरू की गई है और इसमें दुनिया भर की योग्य छात्राएं आवेदन कर सकती हैं.

स्कॉलरशिप की सुविधायें 

इस स्कॉलरशिप के तहत छात्राओं को कई बड़ी सुविधाएं दी जाएंगी. सबसे पहले इसमें पूरी ट्यूशन फीस दी जाएगी, जिससे पढ़ाई का पूरा खर्च कवर हो जाएगा. इसके अलावा रहने का खर्च भी स्कॉलरशिप में शामिल रहेगा, जिससे छात्राओं को विदेश में रहने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी.इसके साथ ही ट्रैवल और वीजा से जुड़ा खर्च भी ब्रिटिश काउंसिल द्वारा दिया जाएगा. छात्राओं को हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा भी मिलेगी, ताकि पढ़ाई के दौरान मेडिकल खर्च की परेशानी न हो. जरूरत पड़ने पर इंग्लिश लैंग्वेज सपोर्ट भी दिया जाएगा. इस स्कॉलरशिप की कुल वैल्यू लगभग 40 हजार पाउंड यानी करीब 36 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है.

कहां मिलेगा पढ़ाई का मौका?

इस स्कॉलरशिप के तहत छात्राओं को यूके की टॉप यूनिवर्सिटीज में पढ़ने का मौका मिलेगा. यहां छात्रों को वर्ल्ड क्लास लैब, आधुनिक रिसर्च सुविधा और इंडस्ट्री से जुड़ा सीखने का मौका मिलेगा. इसके अलावा छात्राओं को इंटरनेशनल नेटवर्किंग का मौका मिलेगा, जिससे भविष्य में करियर बनाने में काफी मदद मिल सकती है. यूके की यूनिवर्सिटीज अपनी क्वालिटी एजुकेशन और रिसर्च के लिए दुनिया भर में जानी जाती हैं.

किन यूनिवर्सिटीज में मिलेगा एडमिशन?

ब्रिटिश काउंसिल की इस स्कॉलरशिप के तहत कई बड़ी यूनिवर्सिटीज शामिल हैं. इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबरा, यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो, यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर, क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन और ब्रुनेल यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन जैसे नाम शामिल हैं. ये सभी यूनिवर्सिटीज दुनिया की टॉप एजुकेशन संस्थानों में गिनी जाती हैं और यहां पढ़ाई करने से छात्रों को बेहतर करियर के अवसर मिल सकते हैं.

कौन कर सकता है आवेदन?

इस स्कॉलरशिप के लिए STEM विषयों में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाली महिलाएं आवेदन कर सकती हैं. आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में जरूरी शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए. इसके अलावा अंग्रेजी भाषा की जानकारी भी जरूरी होगी. हर यूनिवर्सिटी के अपने अलग नियम और शर्तें हो सकती हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी होगा.

यह भी पढ़ें - कल से होगा GATE परीक्षा का आयोजन, इन कैंडिडेट्स को नहीं मिलेगी एंट्री, जानें डिटेल्स

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Success Story: मां-बेटे का कमाल, ठेकुआ बेचकर खड़ा किया 15 करोड़ का बिजनेस
मां-बेटे का कमाल, ठेकुआ बेचकर खड़ा किया 15 करोड़ का बिजनेस
UP Police Constable Result 2026: इस हफ्ते जारी हो सकता है यूपी पुलिस कांस्टेबल रिजल्ट
इस हफ्ते जारी हो सकता है यूपी पुलिस कांस्टेबल रिजल्ट
गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में BAMS पेपर लीक का आरोप, 12 में से 11 सवाल वायरल 
गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में BAMS पेपर लीक का आरोप, 12 में से 11 सवाल वायरल 
क्या छात्रों को भरोसा लौटा पाएगा नया Anti-Paper Leak Bill?
क्या छात्रों को भरोसा लौटा पाएगा नया Anti-Paper Leak Bill?

वीडियोज

Bollywood News: 'फौजी' ने पकड़ी रफ्तार! 3 अगस्त से प्रभास की वापसी, दिसंबर रिलीज पर नजर (27.07.26)
Mannat: Mannat का मंडप में धमाकेदार हंगामा! धुएं के बीच रुकी Manyata-Vikrant की शादी
Operation Safed Sagar की स्टार कास्ट ने शेयर किए शूटिंग के अनसुने और भावुक किस्से
Kareena Kapoor का खुलासा, रिजेक्शन के बाद रात-रात भर रोती थीं Karisma Kapoor
Prabhas की Spirit में Katrina Kaif की एंट्री? Cameo Role की रिपोर्ट्स ने बढ़ाई चर्चा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'ईरान की मदद कर रहा रूस', जेलेंस्की के दावे पर ट्रंप का जवाब- मैं पुतिन से...
'ईरान की मदद कर रहा रूस', जेलेंस्की के दावे पर ट्रंप का जवाब- मैं पुतिन से...
जंतर-मंतर पर प्रोटेस्टर्स की निगरानी गैर-कानूनी थी या नहीं? HC करेगा फैसला
जंतर-मंतर पर प्रोटेस्टर्स की निगरानी गैर-कानूनी थी या नहीं? HC करेगा फैसला
PoK में प्रदर्शनकारियों पर PAK ने AK-47 से बरसाईं गोलियां, 11 की मौत
PoK में प्रदर्शनकारियों पर PAK ने AK-47 से बरसाईं गोलियां, 11 की मौत
श्रीलंका दौरे के लिए आज टीम इंडिया का ऐलान! इन खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
श्रीलंका दौरे के लिए आज टीम इंडिया का ऐलान! इन खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
Huma Qureshi Birthday: आमिर-शाहरुख के साथ एड में किया था काम, फिर इस डायरेक्टर ने बदली हुमा कुरैशी की जिंदगी
आमिर-शाहरुख के साथ किया था काम, फिर इस डायरेक्टर ने बदली हुमा कुरैशी की जिंदगी
झारखंड पेपर लीक केस में JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा, बोले- 'स्वेच्छा से...'
झारखंड पेपर लीक केस में JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा, बोले- 'स्वेच्छा से...'
5 साल बाद 600 मील दूर मिला खोया हुआ पालतू कुत्ता, मालिक से मिलते ही भावुक
5 साल बाद 600 मील दूर मिला खोया हुआ पालतू कुत्ता, मालिक से मिलते ही भावुक
ChatGPT Down, बार-बार काम करना बंद क्यों कर देती हैं ऑनलाइन सर्विसेस?
ChatGPT Down, बार-बार काम करना बंद क्यों कर देती हैं ऑनलाइन सर्विसेस?
Embed widget