DM कितने प्रमोशन के बाद बन जाता है मुख्य सचिव, कितनी बढ़ जाती है सैलरी?
आज हम आपको बताएंगे कि IAS अधिकारी का DM से मुख्य सचिव बनने तक का सफर कितना लंबा होता है और इसमें कितने प्रमोशन लगते हैं.

अक्सर लोग जिलाधिकारी यानी DM को प्रशासन का सबसे ताकतवर अधिकारी मानते हैं. जिले में कानून व्यवस्था से लेकर विकास योजनाओं तक, कई बड़े फैसले DM के हाथ में होते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक DM का सफर यहीं खत्म नहीं होता. अगर वह अधिकारी लगातार तरक्की करता रहे तो आगे चलकर वह राज्य का मुख्य सचिव (Chief Secretary) भी बन सकता है.
मुख्य सचिव किसी भी राज्य का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी होता है. वह पूरी राज्य सरकार के प्रशासनिक कामकाज की देखरेख करता है और मुख्यमंत्री के साथ मिलकर कई अहम फैसलों में भूमिका निभाता है. लेकिन इस ऊंचे पद तक पहुंचने का रास्ता लंबा और मेहनत भरा होता है.
DM बनने में ही लग जाते हैं कई साल
एक IAS अधिकारी का सफर सिविल सेवा परीक्षा पास करने से शुरू होता है. चयन के बाद उसे ट्रेनिंग दी जाती है और फिर अलग-अलग पदों पर काम करने का मौका मिलता है. आमतौर पर किसी अधिकारी को 9 से 10 साल की सेवा के बाद जिलाधिकारी या जिला मजिस्ट्रेट बनने का मौका मिलता है. इस दौरान वह कई छोटे-बड़े पदों पर काम करके प्रशासन का अनुभव हासिल करता है.
जब वह DM बनता है तो उसके पास पूरे जिले की जिम्मेदारी होती है. कानून व्यवस्था बनाए रखना, सरकारी योजनाओं को लागू करना और जनता की समस्याओं को सुनना उसके मुख्य कामों में शामिल होता है.
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DM से आगे शुरू होता है असली सफर
DM बनने के बाद भी एक IAS अधिकारी के सामने कई प्रमोशन के अवसर होते हैं. हर प्रमोशन के साथ उसकी जिम्मेदारी और अनुभव दोनों बढ़ते जाते हैं. पहला बड़ा प्रमोशन आमतौर पर 13 से 16 साल की सेवा के बीच मिलता है. इस समय अधिकारी को विशेष सचिव, निदेशक या इसी तरह के किसी महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया जा सकता है. इसके बाद 16 से 20 साल या उससे अधिक अनुभव होने पर अधिकारी को संभागीय आयुक्त या केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव जैसे पद मिल सकते हैं. यह पद भी प्रशासन में काफी अहम माने जाते हैं.
तीसरा और चौथा प्रमोशन
करीब 25 से 30 साल की सेवा के बाद अधिकारी को प्रमुख सचिव (Principal Secretary) बनाया जा सकता है. इस पद पर वह राज्य सरकार के किसी बड़े विभाग की जिम्मेदारी संभालता है.इसके बाद करीब 30 से 33 साल की सेवा पूरी होने पर अधिकारी को अतिरिक्त मुख्य सचिव (Additional Chief Secretary) या सीधे मुख्य सचिव बनने का मौका मिल सकता है. यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो एक IAS अधिकारी को मुख्य सचिव बनने के लिए लगभग 30 से 33 साल का लंबा अनुभव और करीब चार से पांच बड़े प्रमोशन की जरूरत होती है.
सैलरी में भी होता है बड़ा फर्क
जिम्मेदारी बढ़ने के साथ-साथ सैलरी में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलता है. जब कोई अधिकारी DM के पद पर काम करता है, तो उसकी बेसिक सैलरी लगभग 78,800 रुपये से 1,18,500 रुपये के बीच होती है. इसके साथ उसे महंगाई भत्ता, मकान भत्ता और यात्रा भत्ता जैसे कई अन्य लाभ भी मिलते हैं. लेकिन जब वही अधिकारी मुख्य सचिव के पद तक पहुंचता है तो उसकी बेसिक सैलरी सीधे 2,25,000 रुपये प्रति माह हो जाती है. इसके अलावा उसे कई अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं.
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Source: IOCL
























