US-Israel-Iran War: ...तो इस दिन खत्म होगी ईरान के साथ जंग! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कर दिया बड़ा खुलासा
US-Israel-Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग को आज 18 दिन हो चुके हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह जंग अब भी नहीं रुकेगी. हालांकि, उन्होंने इशारा दिया कि यह सब कब खत्म होगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ चल रही जंग जल्द ही खत्म हो जाएगी, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि ये इस हफ्ते नहीं रुकने वाली. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने काफी उम्मीद भरा माहौल बनाया लेकिन टाइमलाइन पर कुछ भी पक्की बात नहीं कही.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जुबान संभालते रहे ट्रंप
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इस हफ्ते जंग खत्म होगी, लेकिन जल्द हो जाएगी. ज्यादा दिन नहीं लगेंगे. जब ये जंग खत्म हो जाएगी तो पूरी दुनिया ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी.' ये जंग अब अपनी तीसरी हफ्ते में चल रही है. जब पत्रकारों ने सीधे पूछा कि क्या ये हफ्ते में ही रुक सकती है, तो ट्रंप ने पहले तो हां में जवाब दिया, लेकिन तुरंत संभालते हुए बोले कि ऐसा नहीं होने वाला.
ईरान के जवाबी हमलों पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने ये भी बताया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने पूरे मिडिल ईस्ट में जवाबी हमले किए. ईरान ने कतर, सऊदी अरब, UAE, बहरीन और कुवैत जैसे देशों पर हमले किए. ट्रंप ने कहा, 'इंटेलिजेंस एजेंसियों को भी इसकी उम्मीद नहीं थी. सबसे बड़े एक्सपर्ट्स भी नहीं सोचते थे कि ईरान ऐसे हमले करेगा.' उन्होंने ये भी बताया कि इनमें से कई देश ईरान के साथ पहले से काफी तटस्थ रिश्ते रखते थे.
होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए क्या प्लान?
ट्रंप ने आगे कहा कि वो जल्द ही उन देशों के नाम बताएंगे जो अमेरिका के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा सुरक्षित बनाने में मदद कर रहे हैं. इस होर्मुज से दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल गुजरता है. कुछ देश तैयार हैं, उनके नाम जल्द ऐलान करेंगे.' हालांकि, कुछ सहयोगी देश अभी भी मदद करने से कतरा रहे हैं.
ट्रंप ने हैरानी जताते हुए बोला, 'मुझे तो यही हैरानी होती है कि वो लोग इतनी आसानी से मदद करने को तैयार नहीं, जबकि उनका तेल इसी रास्ते से गुजरता है.'
यूरोपीय मदद न मिलने पर क्या बोले ट्रंप?
यूरोप की मदद के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि इस बीच यूरोपीय देश भी सावधानी बरत रहे हैं. यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक में होर्मुज में नेवी भेजने पर बात हुई, लेकिन फैसला लिया गया कि अभी और नहीं बढ़ाएंगे. यूरोपीय संघ की टॉप डिप्लोमैट काजा कलास ने कहा, 'ये यूरोप की जंग नहीं है.' फिर भी उन्होंने माना कि ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होने से यूरोप को भी नुकसान हो रहा है.
अमेरिकी सैनिकों पर क्या असर?
पेंटागन ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में करीब 200 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं. ज्यादातर चोटें मामूली हैं और 180 से ज्यादा सैनिक अब वापस ड्यूटी पर लग चुके हैं. इसके अलावा 13 अमेरिकी सैनिक इस अभियान में अपनी जान गंवा चुके हैं.
Source: IOCL


























