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सीबीएसई 2026 बोर्ड एग्जाम का ड्रेस कोड आया सामने, जानें लड़कों और लड़कियों को क्या पहनना जरूरी?

CBSE बोर्ड ने परीक्षा के लिए ड्रेस कोड से जुड़े साफ और सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं जानें रेगुलर और प्राइवेट छात्रों के लिए क्या हैं नियम.

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों की टेंशन भी बढ़ती जा रही है. हर छात्र चाहता है कि उसकी मेहनत रंग लाए और पेपर अच्छे जाएं. लेकिन कई बार छोटी-छोटी लापरवाही बड़ी परेशानी बन जाती है  खासकर एग्जाम वाले दिन. इसी बात को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने ड्रेस कोड को लेकर साफ गाइडलाइन जारी की है. बोर्ड का मकसद सिर्फ सख्ती करना नहीं है, बल्कि परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाना है. अगर छात्र पहले से नियम समझ लें और उसी हिसाब से तैयारी करें, तो एग्जाम वाले दिन किसी तरह की भागदौड़ या तनाव नहीं होगा.

कई छात्रों के मन में सवाल आता है कि आखिर ड्रेस कोड की जरूरत क्यों है? दरअसल, परीक्षा केंद्र पर सभी छात्रों की जांच की जाती है. अगर कपड़ों में ज्यादा पॉकेट, मेटल या भारी एक्सेसरी हों तो चेकिंग में समय लगता है. इससे लाइन लंबी हो जाती है और छात्रों को तनाव होने लगता है.इसीलिए बोर्ड ने कहा है कि कपड़े जितने सादे और हल्के होंगे, एंट्री उतनी आसान होगी. ड्रेस कोड का मकसद सिर्फ अनुशासन बनाए रखना नहीं, बल्कि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को रोकना भी है.

लड़के क्या पहन कर जायें ?

जो छात्र अपने स्कूल से रेगुलर परीक्षा दे रहे हैं, उन्हें अपनी पूरी स्कूल यूनिफॉर्म में ही जाना होगा. यूनिफॉर्म अधूरी नहीं होनी चाहिए. वहीं प्राइवेट कैंडिडेट्स हल्के रंग की साधारण शर्ट या टी-शर्ट पहन सकते हैं. नीचे सादी पैंट या ट्राउजर पहनें. ऐसे कपड़ों से बचें जिनमें बहुत ज्यादा जिप, बड़े बटन या मेटल लगी हो.जूते भी सिंपल रखें. भारी या हाई-एंकल जूते पहनने की जरूरत नहीं है. साधारण चप्पल या सैंडल बेहतर विकल्प हैं.

लड़कियों के लिए क्या है नियम? 

लड़कियों के लिए भी नियम लगभग वही हैं, लेकिन कुछ खास बातों पर ध्यान देना जरूरी है.रेगुलर छात्राएं अपनी स्कूल यूनिफॉर्म में ही जायें  प्राइवेट छात्राएं हल्के और आरामदायक कपड़े पहने. बहुत ज्यादा कढ़ाईदार, डिजाइनर या भारी कपड़े पहनने से बचें.गहने बिल्कुल न पहनें  चाहे वो छोटे झुमके हों या अंगूठी. बोर्ड ने साफ कहा है कि इयररिंग, नोज पिन, पायल, चूड़ी, ब्रेसलेट, नेकलेस कुछ भी पहनकर न आयें. फुटवियर में हाई हील्स न पहनें. फ्लैट चप्पल या सादा सैंडल पहनना बेहतर रहेगा. बालों में भी मेटल वाली क्लिप या भारी एक्सेसरी न लगायें.सिंपल और हल्का पहनावा आपको आराम भी देगा और जांच में समय भी नहीं लगेगा.

एग्जाम वाले दिन के लिए जरुरी बातें

ड्रेस कोड के अलावा भी कुछ जरूरी बातें हैं जिन्हें समझना बहुत जरूरी है. जैसे कि सबसे पहले, परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचे. देर से पहुंचने पर घबराहट बढ़ती है और चेकिंग में भी परेशानी हो सकती है.अपने साथ एडमिट कार्ड और स्कूल आईडी जरूर रखें. बिना एडमिट कार्ड के एंट्री संभव नहीं है.मोबाइल फोन, ईयरफोन, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या कोई भी गैजेट घर पर ही छोड़ दें.जांच के दौरान शांत रहें और सहयोग करें. किसी भी स्टाफ से बहस न करें.प्रश्नपत्र मिलने के बाद पहले सभी निर्देश ध्यान से पढ़ें. कई बार छात्र जल्दबाजी में जरूरी निर्देश पढ़ना भूल जाते हैं और गलती कर बैठते हैं. तो छात्रों को सलाह है की ऐसे कोई गतिविधि न करें जिससे आपको किसी भी परेशानी का सामना करना पढ़े.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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