दिल्ली में 9वीं की तीसरी भाषा का नियम वापस, R3 में फेल होने पर भी दे सकेंगे 10वीं बोर्ड
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने R3 को लेकर लागू किए उस प्रावधान को वापस ले लिया, जिसके तहत नौकरी में R3 में क्वालीफाई नहीं करने वाले छात्रों के लिए 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की राह मुश्किल थी.

Delhi Class 9 R3 Rule Withdrawn: दिल्ली में कक्षा 9 के छात्रों को बड़ी राहत मिली है. शिक्षा निदेशालय ने तीसरी भाषा यानी R3 को लेकर लागू किए गए उस प्रावधान को वापस ले लिया है, जिसके तहत नौवीं कक्षा में R3 में क्वालीफाई नहीं करने वाले छात्रों के लिए दसवीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की राह मुश्किल हो सकती थी. अब केवल R3 में क्वालीफाई न होने के आधार पर छात्रों को दसवीं की बोर्ड परीक्षा से नहीं रोका जाएगा.
दिल्ली शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी एक करेक्शन के अनुसार, पहले के आदेश में किए गए प्रावधान को हटा दिया गया है. अब इस मामले में सीबीएसई के नियम लागू होंगे. यानी 9वीं में तीसरी भाषा की पढ़ाई और उसका मूल्यांकन जारी रहेगा, लेकिन R3 में प्रदर्शन 10वीं बोर्ड परीक्षा में बैठने की पात्रता के लिए अलग से परेशानी नहीं बनेगा.
क्यों वापस लिया गया R3 नियम?
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने हाल ही में कक्षा 9वीं की परीक्षा और प्रमोशन नीति में बदलाव किया था. इसके तहत अगर कोई छात्र तीसरी भाषा में क्वालीफाई नहीं करता, लेकिन प्रमोशन के लिए बाकी शर्तें पूरा करता है, तो उसे कक्षा 10 में प्रमोट किया जा सकता था. हालांकि आदेश में यह भी कहा गया था कि ऐसे छात्र को 10वीं में R3 पास करना होगा, तभी वह बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के योग्य होगा. यही प्रावधान कन्फ्यूजन का कारण बन गया था, क्योंकि सीबीएसई के नियमों में तीसरी भाषा के प्रदर्शन को 10वीं बोर्ड परीक्षा में बैठने की पात्रता से नहीं जोड़ा गया है. इसी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने अब करेक्शन जारी कर R3 से जुड़ी पात्रता की शर्तों को वापस ले लिया है.
सीबीएसई की तीन भाषा नीति में R3 का नियम
सीबीएसई ने मई में कक्षा 9 और 10 के लिए तीन भाषा व्यवस्था लागू की थी. यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर एजुकेशन की सिफारिश के तहत लाई गई थी. यह नीति 1 जुलाई से लागू हुई, इसके तहत छात्रों को तीन भाषा पढ़नी होगी और इनमें कम से कम दो बार भारतीय भाषाएं होनी चाहिए. तीसरी भाषा यानी R3 का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन के जरिए किया जाएगा. इसके लिए अलग से 10वीं बोर्ड परीक्षा नहीं होगी. R3 के अंक छात्र के अंतिम सीबीएसई प्रमाण पत्र में शामिल होंगे, लेकिन इन अंकों का दसवीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की पात्रता पर असर नहीं पड़ेगा.
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नियम वापस लेकिन, R3 की पढ़ाई फिर भी रहेगी जरूरी
नियम वापस लेने का मतलब यह नहीं है कि कक्षा 9वीं के पाठ्यक्रम से तीसरी भाषा को हटा दिया जाएगा. दिल्ली की संशोधित व्यवस्था में R3 अभी भी कक्षा 9 का अनिवार्य हिस्सा है और इसका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा. यानी छात्रों को तीसरी भाषा पढ़नी और उसमें मूल्यांकन देना होगा. लेकिन इस विषय में असफल होने के कारण उन्हें दसवीं बोर्ड परीक्षा से नहीं रोका जाएगा.
9वीं में 6 विषयों के आधार पर होगा प्रमोशन
दिल्ली में 2026-27 के शैक्षणिक सत्र में कक्षा 9वीं के लिए परीक्षा और प्रमोशन व्यवस्था में भी कई बदलाव किए गए हैं. नई व्यवस्था में 6 मुख्य विषय छात्रों की शैक्षणिक प्रगति और प्रमोशन का आधार होगा. इनमें भाषा-1, भाषा-2, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और वोकेशनल एजुकेशन शामिल है. नई व्यवस्था में वोकेशनल एजुकेशन को अनिवार्य किया गया है, इसके अलावा इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी, आर्ट एजुकेशन और फिजिकल एजुकेशन एंड वेल बीइंग को भी अनिवार्य करिकुलर एरिया में शामिल किया गया है. इनका भी मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा.
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