CBSE के स्कूलों में 9th से 12th तक जरूरी होगी हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन की क्लास
हालांकि, इस नई लागू की गई क्लास के लिए कोई एग्जाम नहीं होगा. बोर्ड ने स्कूलों को भी यह आजादी दी है कि वह किस तरह के खेल बच्चों के लिए लाना चाहते हैं.

CBSE ने स्कूलों के लिए 9th से 12th क्लास तक हर दिन हेल्थ एजुकेशन और फिजिकल एजुकेशन का पीरियड लगाना जरूरी कर दिया है. हेल्थ एजुकेशन और फिजिकल एजुकेशन ग्रेड सब्जेक्ट है. साथ ही 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम देने के लिए इन सब्जेक्ट की क्लास अटेंड करना जरूरी है.
CBSE के नए नियमों के मुताबिक स्कूलों में सभी क्लास के लिए हर दिन स्पोर्ट्स का पीरियड होना भी जरूरी है. स्पोर्ट्स पीरियड के दौरान स्टूडेंट्स को खेल के मैदान में जाना होगा और वह किसी भी गेम को खेल सकते हैं. स्टूडेंट्स को ग्रेड उनके खेले जाने पर गेम के आधार पर ही दिया जाएगा.
बोर्ड के सीनियर अधिकारी ने अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा है, ''ये कदम बच्चों में बढ़ते हुए मोटापे को देखते हुए उठाया गया है.'' इससे पहले बड़ी क्लास में ही सिर्फ हेल्थ एजुकेशन की क्लास होती थी, जिसे अब स्पोर्ट्स और हेल्थ एजुकेशन से बदल दिया गया है.
हालांकि, इस नई लागू की गई क्लास के लिए कोई एग्जाम नहीं होगा. बोर्ड ने स्कूलों को भी यह आजादी दी है कि वह किस तरह के खेल बच्चों के लिए लाना चाहते हैं. बोर्ड ने पिछले महीने ही स्कूलों से साल 2018-19 के लिए टाइम टेबल बनाते वक्त ही नई क्लास को लागू करने का आदेश दे दिया था.
स्टूडेंट्स फिजिकल एजुकेशन (PE) सब्जेक्ट पहले ही तरह पढ़ाई के लिए अपनी मर्जी से चुन सकते हैं. बोर्ड ने हेल्थ और फिजिकल एजुकेशन के पीरियड के लिए 150 पेज की गाइडलाइन जारी की हैं.
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