मेलोडी बनाने वाली पारले ने 60 हजार से शुरू किया था बिजनेस, आज है इतने हजार करोड़ की कंपनी
Melody Chocolate Company: PM मोदी के गिफ्ट के बाद फिर चर्चा में आई Melody टॉफी बनाने वाली Parle कंपनी आज भारत के सबसे बड़े FMCG ब्रांड्स में गिनी जाती है. जानिए किसके पास है कंपनी की कमान?

- पारले-जी बिस्किट और कई अन्य खाद्य उत्पाद कंपनी बनाती है।
Melody Chocolate Company: हाल ही में प्रधानमंत्री नेरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफियों का पैकेट गिफ्ट किया, जिसके बाद यह मशहूर टॉफी एक बार फिर चर्चा में आ गई. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी भारत की सबसे पुरानी और फेमस कंपनियों में से एक है.
कौन बनाता है Melody टॉफी?
अगर बात करें मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी की तो इसे बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स है, जो Parle-G बिस्किट के लिए भी जानी जाती है. यह कंपनी 1920 के दशक में शुरू हुई थी और आज भारत के सबसे बड़े फूड ब्रांड्स में शामिल है.
Meta ने सुबह 4 बजे मेल भेजा, एक झटके में 8000 लोगों की गई नौकरी, कहां खर्च करेगा छंटनी का पैसा?
किसके पास है कंपनी की कमान?
Parle Products का मालिकाना हक चौहान परिवार के पास है. कंपनी की शुरुआत मोहनलाल दयाल चौहान ने 1929 में की थी. फिलहाल कंपनी की कमान विजय चौहान के हाथों में है, जो कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. वहीं शरद चौहान और राज चौहान भी कंपनी में अहम भूमिका निभाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी आने वाले समय में अपना IPO भी ला सकती है और इसके लिए कई बैंकों से बातचीत चल रही है.
#WATCH | "Thank you for the gift", tweets Prime Minister of Italy, Giorgia Meloni
— ANI (@ANI) May 20, 2026
She says, "Prime Minister Modi brought as a gift, a very, very good toffee- Melody"
(Video Source: Giorgia Meloni/'X') pic.twitter.com/wbMALD723q
कैसे शुरू हुई Parle की कहानी?
बता दें कि मूल रूप से गुजरात के वलसाड जिले के रहने वाले मोहनलाल दयाल चौहान मुंबई में रेशम का बिजनेस करते थे. 1920 के दशक में चल रहे स्वदेशी आंदोलन से प्रेरित होकर उन्होंने ब्रिटिश खाद्य उत्पादों को टक्कर देने का फैसला किया. इसके लिए वह जर्मनी गए और वहां से आधुनिक कन्फेक्शनरी तकनीक सीखी. बाद में लगभग 60 हजार रुपये की मशीनरी लेकर भारत लौटे और 1928-29 में मुंबई के विले पारले इलाके में फैक्ट्री शुरू की. इसी इलाके के नाम पर कंपनी का नाम Parle रखा गया.
क्या डॉलर के मुकाबले शतक पार कर जाएगा रुपया? 5 एक्सपर्ट्स की राय एक-दूजे से जुदा, निचोड़ क्या निकला?
आज कितनी बड़ी है कंपनी?
आज Parle भारत का एक बड़ा FMCG ब्रांड बन चुका है. कंपनी के मशहूर ब्रांड्स में Parle-G, Monaco, CrackJack, Marie, Gluco और 20-20 शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चौहान परिवार की टोटल संपति लगभग 45,579 करोड़ रुपये बताई जाती है.
Source: IOCL
























