एक्सप्लोरर

ABP India @2047 Conclave: मोंटेक सिंह अहलूवालिया देंगे देश को नया इकोनॉमिक विजन, इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग पर रहेगा खास जोर

India 2047 Conclave: मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने 2004 से 2014 तक भारत के योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया और उन्हें भारत के आर्थिक सुधारों के प्रमुख शिल्पकारों में से एक माना जाता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • मोंटेक सिंह अहलूवालिया 'India @ 2047 Conclave' में बोलेंगे।
  • वे PPP और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग पर नया दृष्टिकोण बताएंगे।
  • अहलूवालिया ने योजना आयोग और वित्त मंत्रालय में कार्य किया।
  • अर्थशास्त्री को सार्वजनिक सेवा के लिए पद्म विभूषण मिला।

India 2047 Conclave: जाने-माने अर्थशास्त्री और योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष, मोंटेक सिंह अहलूवालिया, सुबह 10 बजे ABP नेटवर्क के 'India @ 2047 Conclave' को संबोधित करेंगे. इस सत्र का प्रसारण ABP News और नेटवर्क के YouTube चैनल पर किया जाएगा.

उनके संबोधन का विषय होगा "PPP को पुनर्जीवित करना - इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग की नई सोच" (Reviving PPP - Reimagining Infrastructure Financing), जिसमें भारत में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल्स के भविष्य और इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग पर खास ज़ोर दिया जाएगा.

शेयर बाजार में बड़ा बदलाव, 10 मिनट बढ़ा ट्रेडिंग का समय, फटाफट नोट करें नया मार्केट क्लोजिंग टाइम

अनुभवी अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता

मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने 2004 से 2014 तक भारत के योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया और उन्हें भारत के आर्थिक सुधारों के प्रमुख शिल्पकारों में से एक माना जाता है. अपने करियर के दौरान, उन्होंने सरकार में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किया, जिनमें 1988 से 1990 तक प्रधानमंत्री के विशेष सचिव, 1990 से 1991 तक वाणिज्य सचिव, और 1993 से 1998 तक वित्त सचिव के पद शामिल हैं.

योजना आयोग में अपने कार्यकाल के दौरान, कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ काम करते हुए, उन्होंने 11वीं और 12वीं पंचवर्षीय योजनाओं के निर्माण की देखरेख की, जिनका मुख्य उद्देश्य समावेशी और सतत विकास था.

शैक्षणिक और अंतर्राष्ट्रीय योगदान

अहलूवालिया ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से B.A. की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, उन्हें रोड्स स्कॉलरशिप पर ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय जाने का अवसर मिला, जहाँ उन्होंने अर्थशास्त्र में M.A. और M.Phil. दोनों डिग्रियाँ हासिल कीं.

उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 1968 में विश्व बैंक से की और बाद में वे वहाँ के सबसे कम उम्र के डिवीज़न प्रमुखों में से एक बने. 2001 से 2004 तक, उन्होंने वाशिंगटन, D.C. स्थित अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में स्वतंत्र मूल्यांकन कार्यालय के पहले निदेशक के रूप में कार्य किया.

सम्मान और सार्वजनिक नीति में निरंतर भूमिका

2011 में, अहलूवालिया को सार्वजनिक सेवा और आर्थिक नीति के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, 'पद्म विभूषण' से सम्मानित किया गया.

उन्होंने भारत के तीव्र विकास के वर्षों के दौरान अपने अनुभवों को 2019 में प्रकाशित अपनी संस्मरण पुस्तक, "Backstage: The Story Behind India’s High Growth Years" में लिपिबद्ध किया है. उन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के ब्लावतनिक स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट में प्रतिष्ठित प्रोफ़ेसर के पदों पर भी कार्य किया है.

वर्तमान में वे ऑक्सफ़ोर्ड के मैग्डलेन कॉलेज के मानद फ़ेलो हैं, और भारत की आर्थिक नीति, जलवायु रणनीति तथा वैश्विक समष्टि-आर्थिक मुद्दों पर होने वाली बहसों में अपना योगदान देना जारी रखे हुए हैं.

शेयर बाजार में 440 अंकों की तेजी, 75200 के पार पहुंचा सेंसेक्‍स, निफ्टी भी 100 अंक उछला

शैलजा पांडे वर्तमान में ABP न्यूज़ में कंसल्टेंट के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं. शैलजा यहां चैनल के डिजिटल विंग में काम कर रही हैं. इन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरूआत एबीपी न्यूज़ चैनल से बतौर इंटर्न की थी. इनके काम को देखते हुए एबीपी ने इन्हें कंसल्टेंट की जिम्मेदारी से नवाजा. यह बीते करीब दो साल से एबीपी न्यूज़ को अपनी सेवाएं दे रही हैं. शैलजा यहां बिजनेस और यूटिलिटी सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. वह एआई और स्टेट टीम को भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. शैलजा ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से की है. यहां इन्होंने  रेडियो और टेलीविजन प्रोडक्शन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

'दुनिया की कोई ऐसी ताकत नहीं जो होर्मुज हमसे छीन ले...', डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की सीधी चेतावनी
'दुनिया की कोई ऐसी ताकत नहीं जो होर्मुज हमसे छीन ले...', डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की सीधी चेतावनी
यूपी में अब इनके घर आएगा फ्री राशन, नहीं जाना पड़ेगा कोटे की दुकान; योगी सरकार का बड़ा फैसला
यूपी में अब इनके घर आएगा फ्री राशन, नहीं जाना पड़ेगा कोटे की दुकान; योगी सरकार का बड़ा फैसला
Explained: 4 दिन बाद मानसून सत्र शुरू! कौन-से बिल लाएगी सरकार, किन मुद्दों पर घेरेगा विपक्ष और सदन का अंकगणित क्या?
4 दिन बाद मानसून सत्र! कौन-से बिल लाएगी सरकार, किन मुद्दों पर घेरेगा विपक्ष और सीट गेम क्या?
अक्षय कुमार से नाराज हैं परेश रावल? 'वेलकम टू द जंगल' के ट्रेलर लॉन्च पर क्यों नहीं पहुंचे? एक-एक सच बता दिया
अक्षय कुमार से नाराज हैं परेश रावल? 'वेलकम टू द जंगल' के ट्रेलर लॉन्च पर क्यों नहीं पहुंचे? एक-एक सच बता दिया
Advertisement

वीडियोज

Shehnaaz Gill की 'Ishqnama' का ट्रेलर रिलीज़, Jai Randhhawa की दमदार परफॉर्मेंस ने लूटी महफिल
Shehnaaz Gill की Ishqnama का ट्रेलर दमदार, Jai Randhhawa की इंटेंसिटी ने जीता दिल
Mathew VanDyke और अब Jordan Brown! Indian borders के पास बड़ी साजिश? |ABPLIVE
रिपोर्ट्स: Deepika Padukone और Ranveer Singh के घर फिर आ सकती है खुशखबरी
Middle East: भारतीय नाविक की मौत पर भारतका बदला शुरू! हिलेगा मिडिल ईस्ट? |ABPLIVE
Advertisement
Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'दुनिया की कोई ऐसी ताकत नहीं जो होर्मुज हमसे छीन ले...', डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की सीधी चेतावनी
'दुनिया की कोई ऐसी ताकत नहीं जो होर्मुज हमसे छीन ले...', डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की सीधी चेतावनी
यूपी में अब इनके घर आएगा फ्री राशन, नहीं जाना पड़ेगा कोटे की दुकान; योगी सरकार का बड़ा फैसला
यूपी में अब इनके घर आएगा फ्री राशन, नहीं जाना पड़ेगा कोटे की दुकान; योगी सरकार का बड़ा फैसला
Explained: 4 दिन बाद मानसून सत्र शुरू! कौन-से बिल लाएगी सरकार, किन मुद्दों पर घेरेगा विपक्ष और सदन का अंकगणित क्या?
4 दिन बाद मानसून सत्र! कौन-से बिल लाएगी सरकार, किन मुद्दों पर घेरेगा विपक्ष और सीट गेम क्या?
अक्षय कुमार से नाराज हैं परेश रावल? 'वेलकम टू द जंगल' के ट्रेलर लॉन्च पर क्यों नहीं पहुंचे? एक-एक सच बता दिया
अक्षय कुमार से नाराज हैं परेश रावल? 'वेलकम टू द जंगल' के ट्रेलर लॉन्च पर क्यों नहीं पहुंचे? एक-एक सच बता दिया
रोहित शर्मा को नहीं मिली जगह, रॉबिन उथप्पा ने चुनी भारत की ऑल टाइम ODI XI, इन दो को बनाया ओपनर
रोहित शर्मा को नहीं मिली जगह, रॉबिन उथप्पा ने चुनी भारत की ऑल टाइम ODI XI, इन दो को बनाया ओपनर
US Exit Iraq: 23 साल, हजारों सैनिक और अरबों डॉलर... अब इराक छोड़ रहा है अमेरिका, जानें इसके पीछे की वजह
23 साल, हजारों सैनिक और अरबों डॉलर... अब इराक छोड़ रहा है अमेरिका, जानें इसके पीछे की वजह
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, डीजल और ATF पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद सरकार का बड़ा फैसला, डीजल और ATF पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स
'पीएम के पास विदेश घूमने का समय लेकिन...', सोनम वांगचुक के अनशन पर AIMIM की प्रतिक्रिया
'पीएम के पास विदेश घूमने का समय लेकिन...', सोनम वांगचुक के अनशन पर AIMIM की प्रतिक्रिया
Embed widget