GenZ कैंडिडेट ने ठुकराई 1 करोड़ रुपये की नौकरी, वजह जान हो जाएंगे हैरान
GenZ Work: इन दिनों GenZ का जमाना है, हर जगह वही दिख रहे हैं और उनकी ही बात की जा रही है. क्योंकि जेन जी ऐसी जनरेशन है जो अपने रास्ते खुद चुन रही है और अपने हिसाब से जी रही है.

GenZ Work Culture: देश में इस समय यदि किसी के बारे में बात चल रही है तो वो है देश का GenZ. ये वो जनरेशन है जिसने अपने एक आंदोलन से सरकार तक को हिलाकर रख दिया है. ये जनरेशन अपनी जिंदगी को अपनी शर्तों पर ही जी रही है, इसका अस छोटा सा उदाहरण हाल ही में सोशल मीडिया पर भी देखने को मिला है. जहां एक GenZ कैंडिडेट ने 1 करोड़ की नौकरी का ऑफर ठुका दिया, वो भी केवल एक वजह से.
क्या है पूरा मामाल?
दरअसल सोशल नेटवर्किंग साइट X (पहले ट्विटर) पर मुस्कान अटर नाम की एक यूजर ने ट्वीट किया है. इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि उनकी एक दोस्त ने 1 करोड़ की नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया है. ये ऑफर क्यों ठुकराया गया है ये बात जानकर तो आप और भी हैरान रह जाएंगे. इसके पीछे की वजह है ऑफिस का टॉक्सिक माहौल. जिसके कारण कैंडिडेट ने नौकरी ठुकरा दी है.
ये भी पढ़ें: ग्राहक के साथ हुआ ATM फ्रॉड, CCTV फुटेज नहीं दे पाया SBI, अब बैंक देगा भारी मुआवजा
क्या लिखा पोस्ट में?
मुस्कान ने अपने पोस्ट में लिखा, 'मेरी एक दोस्त ने 1 करोड़ की नौकरी का ऑफर महज 25 साल की उम्र में ठुकरा दिया क्योंकि वो टॉक्सिक माहौल में कान नहीं करना चाहती थी. मैंने भी ऐसे कई मौके गंवाए हैं, लेकिन महज 25 साल की उम्र में इतनी साफ प्रायोरिटाइजेशन मैं सोच भी नहीं सकती थी. परिवार की जिम्मेदारी, पीयर प्रेशर और मेरी खुद की लाइफस्टाइल एस्पिरेशनंस मुझे ये ऑफर लेने के लिए मजबूर कर देती. वो भी मेरे जैसे ही बैकग्राउंड से आता है, फिर भी इतने गट्स होना कि छोटे- मोटे इंसेंटिव जो लंबे समय तक उसके गोल्स के साथ अलाइन नहीं करते उन्हें ना करना ये एक बहुत बड़ा पर्सनालिटी अपग्रेड है.'
इसके आगे उन्होंने पोस्ट में ये भी लिखा कि, अगली जनरेशन की वर्कफोर्स को पता है कि उनके लिए क्या मायने रखता है. वर्कप्लेस को उनसे ये सीखने और अडाप्ट करने की जरूरत है.

सोशल मीडिया रिएक्शंस
अब इस पोस्ट पर लोगों की मिली- जुली प्रतिक्रिया भी देखने को मिल रही है. कई लोग इस पोस्ट को पढ़ने के बाद कह रहे हैं कि, 1 करोड़ रुपये का जॉब ऑफर इतनी आसानी से ठुकरा देना आसान बात नहीं है. तो वहीं कई लोगों का मानना ये भी है कि ये एक बेवकूफी भरा फैसला है. तो वहीं कई लोग ये भी कह रहे हैं कि आने वाली जनरेशन खुद को प्रयॉरिटी दे रही है जो एक अच्छी बात है.
ये भी पढ़ें: भारत किन-किन देशों को बिजली बेचता है, इससे देश की कितनी कमाई होती है?



















