SUV खरीदकर भी नहीं कर सकते Off-Roading, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
SUV off Roading: बड़ी एसयूवी खरीदकर भी आप असली ऑफ-रोडिंग क्यों नहीं कर सकते? जानिए फ्रंट-व्हील ड्राइव और 4x4 सिस्टम के बीच का वह छिपा हुआ सच जो हर बायर को जानना चाहिए.

SUV off Roading: आजकल की युवा पीढ़ी को पहाड़ों पर गाड़ी चलाना बहुत पसंद है. जबकि अब सोशल मीडिया पर ऑफ रोडिंग का ट्रेंड चल रहा है. जिसके चलते लोग आजकल अपनी गाड़ी से ऑफ रोडिंग करना बहुत पसंद करते हैं. जिसके चलते भारतीय ऑटो बाजार में एसयूवी का क्रेज बढ़ता जा रहा है. बता दें कि कई लोग तो सिर्फ इसलिए बड़ी गाड़ी खरीदते हैं ताकि वे वीकेंड पर एडवेंचर ट्रिप और ऑफ-रोडिंग का मजा ले सकें.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि मार्केट में बिकने वाली लगभग 80 परसेंट एसयूवी असल में केवल दिखने में रफ-एंड-टफ होती हैं. पर वे असली ऑफ-रोडिंग के मामले में पूरी तरह फेल हैं. अगर आप भी अपनी नई एसयूवी को लेकर पहाड़ों में जाने की या ऑफ रोडिंग करने की सोच रहे हैं तो फैसला आपका गलत हो सकता है. चलिए जानतें हैं ऐसा क्यों है.
फ्रंट-व्हील ड्राइव पर बन रहीं हैं एसयूवी
जानकारी के लिए आपको बता दें कि बाजार में मिलने वाली ज्यादातर कॉम्पैक्ट और मिड साइज एसयूवी असल में फ्रंट-व्हील ड्राइव प्लेटफॉर्म पर बनी होती हैं. इसका मतलब है कि इंजन की पूरी ताकत सिर्फ गाड़ी के आगे वाले दो पहियों को मिलती है. जबकि पीछे के पहिये सिर्फ आगे वाले पहियों के सहारे चलते हैं. ये गाड़ियां शहर की सड़कों, हाईवे और छोटे-मोटे गड्ढों के लिए तो बेहतरीन हैं.
लेकिन जैसे ही आप इन्हें गहरी रेत, कीचड़ या खड़ी चढ़ाई पर ले जाते हैं तो इनके आगे के पहिये एक ही जगह पर गोल-गोल घूमने लगते हैं और ऐसी स्थिति में गाड़ी आगे बढ़ने के बजाय वहीं धंस जाती है क्योंकि पीछे वाले पहियों में जान ही नहीं होती. इस लिए फ्रंट-व्हील ड्राइव एसयूवी ऑफ रोडिंग के लिए सही नहीं हैं.
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ऑफ-रोडिंग के लिए चाहिए एसयूवी में दम
अगर आप सच में ऑफ रोडिंग के बहुत शौकीन हैं और अपनी एसयूवी को रेत, कीचड़ या खड़ी चढ़ाई पर चलाना चाहते हैं. तो सबसे पहले आपको केवल एसयूवी नहीं बल्कि 4x4 या 4WD की जरूरत पड़ेगी. इस सिस्टम में एक मुख्य ट्रांसफर केस होता है जो इंजन की ताकत को जरूरत के हिसाब से चारों पहियों में बराबर ताकत देता है.
अगर आपकी गाड़ी का कोई एक या दो पहिया कीचड़ में फंस भी जाए तो बाकी के पहिये जमीन पर ग्रिप बनाकर गाड़ी को आसानी से बाहर खींच लेते हैं. थार, फॉर्च्यूनर या जिम्नी जैसी गाड़ियां इसीलिए ऑफ-रोड किंग कहलाती हैं क्योंकि इनमें यह असली तकनीक होती है.
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