एक्सप्लोरर

Barrier-Free Toll पर सावधान, इन 3 चीजों का रखें ध्यान

Barrier-Free Toll Plaza: बैरियर-फ्री टोल प्लाजा पर बिना रुके गाड़ी निकालना जितना आसान है, लापरवाही उतनी ही भारी पड़ सकती है. भारी जुर्माना और ई-नोटिस से बचने के लिए इन 3 खास बातों का जरूर ध्यान रखें.

Barrier-Free Toll Plaza: भारत सरकार पिछले कुछ सालों से हाईवे और एक्सप्रेसवे को लेकर बेहद ही सक्रीय है और लगभग कई हजार किलों मीटर नए हाईवे और एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ है. जबकि आप सफर के दौरान हाईवे पर टोल बैरियर तो देखते ही होंगे और उससे कई बार गुजर चुकें हैं. लेकिन अब सरकार धीरे-धीरे सभी हाईवे को बैरियर टोल मुफ्त बना रही है. जिससे आपको लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी.ओवरहेड कैमरों और एडवांस स्कैनर्स की मदद से गाड़ियां 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते हुए भी बिना रुके टोल पार कर लेती हैं.

हालांकि, जहां यह नई तकनीक हमारे समय और फ्यूल की भारी बचत कर रही है. वहीं थोड़ी सी लापरवाही आपके बजट को बिगाड़ सकती है. बैरियर न होने की वजह से कई बार ड्राइवरों को लगता है कि टोल कटा ही नहीं या बाद में देखा जाएगा. लेकिन यही अनदेखी आपके पास भारी-भरकम पेनल्टी और ई-नोटिस भिजवा सकती है. अगर आप चाहते हैं कि आपका सफर बिना किसी कानूनी या आर्थिक झंझट के आराम से कटे तो बैरियर-फ्री टोल से गुजरते समय आपको इन 3 बेहद जरूरी बातों का खास ध्यान रखना चाहिए. चलिए डालतें हैं इन बातों पर एक नजर.

FASTag में हमेशा रखें बैलेंस

आपको बता दें कि, बैरियर-फ्री टोल प्लाजा पर लगे हाई-स्पीड कैमरे और आरएफआईडी रीडर आपकी गाड़ी के विंडशील्ड पर लगे फास्टैग को तुरंत पहचान लेते हैं. अगर आपके फास्टैग वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस नहीं हुआ या वह ब्लैकलिस्टेड/डीएक्टिवेट निकला तो सिस्टम में आपकी गाड़ी डिफॉल्टर केटेगरी में दर्ज हो जाती है.

पुराने सिस्टम में तो बैरियर न खुलने पर आप मौके पर ही कैश या यूपीआई से भुगतान कर देते थे लेकिन यहां बैरियर ही नहीं होता. ऐसी स्थिति में आपका टोल पेंडिंग हो जाता है और नियमानुसार आपको दोगुना यूजर फीस का झटका लग सकता है. इसलिए हाईवे पर निकलने से पहले हमेशा अपने फास्टैग वॉलेट का बैलेंस जरूर चेक कर लें.


Barrier-Free Toll पर सावधान, इन 3 चीजों का रखें ध्यान

यह भी पढ़ें: SUV से मुकाबले में सेडान की वापसी? आंकड़े दे रहे बड़ा संकेत

नंबर प्लेट रखें साफ

वहीं, इसके अलावा जो दूसरी बात ध्यान देने वाली है इस नए सिस्टम में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे बहुत तेजी से काम करते हैं. अगर आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट गंदी है टूटी है या उस पर लिखे अक्षर सही से नजर नहीं आ रहे हैं तो एएनपीआर कैमरे उसे गलत तरीके से रीड कर सकते हैं. जबकि इसके अलावा यदि टोल टैक्स किसी वजह से तुरंत डिडक्ट नहीं हो पाता है तो एनएचएआई सीधे आपके रजिस्टर्ड नंबर पर ई-नोटिस भेजता है.

अगर आपका मोबाइल नंबर वाहन पोर्टल पर अपडेट नहीं है तो आपको इस नोटिस की जानकारी ही नहीं मिलेगी. बाद में भारी जुर्माने से बचने के लिए अपनी नंबर प्लेट को हमेशा साफ-सुथरा रखें और वाहन पोर्टल पर अपना चालू मोबाइल नंबर जरूर लिंक कराएं. इससे आप भारी जुर्माने से बच सकते हैं.


Barrier-Free Toll पर सावधान, इन 3 चीजों का रखें ध्यान

72 घंटे के भीतर करें भुगतान

आपको बता दें कि, अगर किसी तकनीकी खराबी, कम बैलेंस या गलत FASTag की वजह से आपका टोल कटने से रह जाता है तो सिस्टम ऑटोमैटिक ई-नोटिस जनरेट कर देता है. एनएचएआई के नए नियमों के मुताबिक, वाहन मालिक को ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटे के भीतर बकाया टोल का भुगतान करना अनिवार्य होता है. 

यदि आप इस तय समय सीमा के अंदर एनएचएआई के ई-नोटिस पोर्टल पर जाकर भुगतान नहीं करते हैं तो आपसे दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा. वहीं, इसके अलावा यदि आपको टोल कटने में कोई गड़बड़ी लगती है तो शिकायत दर्ज कराने के लिए भी केवल 72 घंटे का ही समय मिलता है. इसलिए अपने मैसेज और नोटिस पर लगातार नजर बनाए रखें. जिससे आपका का सफर सुरक्षित और बिना किसी के परेशानी के आराम से हो सके.

यह भी पढ़ें: कम कीमत में 5-सीटर का मजा, ये कारें हैं खास

हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

BMW F 450 RR की एंट्री करीब, 15 अक्टूबर को होगा Reveal
BMW F 450 RR की एंट्री करीब, 15 अक्टूबर को होगा Reveal
चलती कार में रिवर्स गियर डालने से क्या होता है, इससे क्या नुकसान?
चलती कार में रिवर्स गियर डालने से क्या होता है, इससे क्या नुकसान?
पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी घटी, CNG और EV की बढ़ी मांग
पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी घटी, CNG और EV की बढ़ी मांग
फ्यूल लाइट जलने के बाद कितनी दूर चल सकती है कार? जानें यहां
फ्यूल लाइट जलने के बाद कितनी दूर चल सकती है कार? जानें यहां
Advertisement

वीडियोज

वो दरिंदों के जाल में फंस गई थी !
बिना मंजूरी प्रदर्शन से ज्ञानेश का इस्तीफा हो जाएगा?
Delhi में मेट्रो-रेल बंद करने पर SC ने लगाई फटकार
10 अक्टूबर को लेकर दिल्ली में कैसा 'डर' ?
विपक्ष ने राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा ज्ञापन
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'AAP, TMC, योगेंद्र यादव और...' CJP के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को किन दलों ने दिया समर्थन?
'AAP, TMC, योगेंद्र यादव और...' CJP के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को किन दलों ने दिया समर्थन?
'नए अंग्रेजों से जंग', CJP प्रदर्शन के बीच बोले सांसद पप्पू यादव
'नए अंग्रेजों से जंग', CJP प्रदर्शन के बीच बोले सांसद पप्पू यादव
T20I के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार हुआ ऐसा, भारत-वेस्टइंडीज ने मिलकर रचा इतिहास
T20I के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार हुआ ऐसा, भारत-वेस्टइंडीज ने मिलकर रचा इतिहास
CJP के दिल्ली प्रोटेस्ट में सोनम वांगचुक क्यों नहीं हो रहे शामिल, खुद बताया कारण
CJP के दिल्ली प्रोटेस्ट में सोनम वांगचुक क्यों नहीं हो रहे शामिल, खुद बताया कारण
नानी ने The Paradise के ओटीटी वर्जन में किए बदलाव, अनसीन फुटेज हो सकती है शामिल
'द पैराडाइज' के ओटीटी वर्जन में हुए बदलाव, अनसीन फुटेज हो सकती है शामिल
शारजाह में तेल टैंकर पर ड्रोन अटैक, जहाज पर 22 भारतीय थे सवार, मंत्रालय ने क्या बताया?
शारजाह में तेल टैंकर पर ड्रोन अटैक, जहाज पर 22 भारतीय थे सवार, मंत्रालय ने क्या बताया?
सांड ने किया हमला, कार का किया कबाड़ा; वीडियो वायरल
सांड ने किया हमला, कार का किया कबाड़ा; वीडियो वायरल
खेत की मेड़ पर उगाएं मोरिंगा, फसल के साथ कमाई में मिलेगा बोनस
खेत की मेड़ पर उगाएं मोरिंगा, फसल के साथ कमाई में मिलेगा बोनस
Embed widget