Speed Limit Expressway Rule: कार लेकर एक्सप्रेसवे पर जा रहे हैं, 1 नवंबर से बदलेंगे नियम
Speed Limit Expressway Rule: उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर 1 नवंबर से बदल गए स्पीड के नियम. सर्दियों में कोहरे और हादसों से बचने के लिए कारों और भारी वाहनों की स्पीड लिमिट घटाई गई.

Speed Limit Expressway Rule: भारत के कई राज्यों में अब धीरे-धीरे ठंड का मौसम आने वाला है. जिसके चलते सरकार अभी से कुछ नए नियम लागू करने जा रही है. सर्दियों के मौसम में अक्सर सुबह और रात के समय घना कोहरा, स्मॉग और धुंध छा जाती है. जिससे सड़क पर विजिबिलिटी बहुत कम हो जाती है. इस दौरान तेज रफ्तार गाड़ियां आपस में टकराने लगती हैं और बड़े सड़क हादसे हो जाते हैं. इन सभी समस्या से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने कड़े कदम उठाए हैं और राज्य के कई एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की स्पीड लिमिट को कम कर दिया गया है.
आपको बता दें कि यह नया रूल 1 नवंबर से लागू हो जायेंगे और अगले साल 15 फरवरी तक पूरी सख्ती के साथ लागू रहेगी. जिसका मतलब यह है कि अब आप सर्दियों के इन महीनों में पहले की तरह बेफिक्र होकर रफ्तार से गाड़ी नहीं चला पाएंगे. तो चलिए इस खबर में जानतें हैं कि किस गाड़ी के लिए क्या नया स्पीड नियम बनाया गया है.
5 बड़े एक्सप्रेसवे पर लागू होंगे नियम
आपको बता दें कि यूपीडा की तरफ से जारी किए गए नए आदेश के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पांच सबसे बड़े एक्सप्रेसवे पर यह नियम लागू की गई है. जिसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और नया गंगा एक्सप्रेसवे शामिल हैं.
इन सभी हाई-स्पीड कॉरिडोर्स पर अमूनन साल भर हल्के वाहनों के लिए अधिकतम स्पीड 100 से 120 किमी प्रति घंटा तक होती है. लेकिन सर्दियों के इन चार महीनों में सुरक्षा कारणों से इस रफ्तार पर लगाम लगा दी गई है. इन रास्तों पर यात्रा करने वाले सभी ड्राइवरों को अब मौसम और समय के हिसाब से अपनी गाड़ियों की स्पीड रखनी होगी.

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क्या रहेगी नई स्पीड लिमिट?
जानकारी दें दे कि नए नियम के तहत गाड़ियों की कैटेगरी और समय के हिसाब से अलग-अलग गति सीमा तय की गई है. 1 नवंबर से 15 फरवरी के बीच कारों और हल्के वाहनों के लिए सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक अधिकतम स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. वहीं रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक जब कोहरा और ज्यादा गहरा हो जाता है तब कारों की यह सीमा घटाकर और कम कर दी जाती है.
जबकि इसके अलावा यात्री बसों, टैक्सियों और टेम्पो ट्रैवलर जैसे मध्यम वाहनों के लिए दिन में 60 और रात में 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तय की गई है. मालवाहक ट्रकों और डंपर जैसे भारी वाहनों को दिन में 50 और रात के वक्त महज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चलाने की अनुमति होगी.

ओवरस्पीडिंग पर लगेगा जुर्माना
बता दें कि नए नियमों का कड़ाई से पालन करवाने के लिए यूपीडा ने एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की मदद ली है. एक्सप्रेसवे के सभी रास्तों, टर्न और एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर HD कैमरे और रडार सेंसर 24 घंटे लगातार काम कर रहे हैं. यदि कोई ड्राइवर अपनी कार को तय सीमा से ज्यादा तेजी से भगाता है तो ये कैमरे तुरंत उसकी तस्वीर और डिटेल कैप्चर कर लेंगे.
जबकि इसके बाद वाहन मालिक के घर ऑनलाइन ट्रैफिक चालान पहुंच जाएगा. टोल प्लाजा पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लगातार अनाउंसमेंट करके लोगों को जागरूक किया जा रहा है. वहीं इसके अलावा यदि किसी दिन विजिबिलिटी बहुत ज्यादा कम हो जाती है तो पुलिस और पेट्रोलिंग टीमें सुरक्षा के लिहाज से गाड़ियों को रोककर काफिले के रूप में धीमी गति से आगे बढ़ाएंगी.
इन बातों का रखना होगा ध्यान
आप अगर परिवार के साथ इन एक्सप्रेसवे पर ड्राइव करने का प्लान बना रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें. घर से निकलने से पहले मौसम का हाल और कोहरे की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें. अपनी कार की हेडलाइट्स, फॉग लाइट्स, ब्रेक और टायरों की स्थिति की अच्छी तरह जांच करवा लें ताकि रास्ते में कोई तकनीकी दिक्कत न आए. वहीं सफर के दौरान आगे चल रही गाड़ी से उचित दूरी बनाकर रखें और अचानक तेज ब्रेक लगाने से बचें.
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