Viral Video: महंगी XEV 9e बीच पर फंसी, देसी Bolero ने किया रेस्क्यू
Mahindra Electric SUV Stuck: महिंद्रा की नई इलेक्ट्रिक एसयूवी XEV 9e बीच की रेत में फंस गई. इसके बाद देसी बोलेरो ने कैसे किया इसका रेस्क्यू, जानिए क्या था पूरा मामला.

इंडिया में अब स्टाइलिश और लग्जरी गाड़ियों की डिमांड बढ़ गई है और लोग ऐसी ही गाड़ी खरीदना पसंद कर रहे हैं. जितनी गाड़ी दिखने में बेहतरीन होती है उसमें कई तरह की दिक्कत भी आती हैं. कुछ ऐसा ही मामला अभी हाल ही में देखा गया है. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें महिंद्रा कंपनी की धांसू इलेक्ट्रिक एसयूवी XEV 9e समुद्र के किनारे रेतीली जमीन पर चलाया जा रहा था.
लेकिन गीली और दलदली रेत में गाड़ी के पहिये पूरी तरह से जाम हो गए. कार के अंदर मौजूद ड्राइवर ने इसे निकालने की पूरी कोशिश की लेकिन गाड़ी अपनी जगह से एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पाई. जिसके बाद महिंद्रा की ही पुरानी और भरोसेमंद गाड़ी बोलेरो ने इस इलेक्ट्रिक कार का रेस्क्यू किया.
कैसे फंसी महिंद्रा XEV 9e?
आजकल युवा ऑफ रोडिंग करना बहुत पसंद करते हैं और कुछ ऐसा ही महिंद्रा XEV 9e के मालिक भी करना चाहें. लेकिन यह करना ड्राइवर को बहुत भारी पड़ गया. क्योंकि इस इलेक्ट्रिक कार का वजन भी काफी ज्यादा है क्योंकि इसमें बड़ी बैटरी पैक लगी होती है. ज्यादा वजन होने की वजह से टायर तुरंत जमीन को पकड़ने के बजाय रेत के अंदर धंसते चले गए. जिसके बाद ड्राइवर ने एक्सीलेटर पर पूरा जोर लगाया ताकि गाड़ी बाहर निकल सके लेकिन ऐसा हुआ नहीं. जिसके चलते यह इलेक्ट्रिक कार फंस गई.

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देसी अंदाज में हुई बोलेरो की एंट्री
जब XEV 9e रेत से निकलने में नाकाम रही तब वहां असली देसी टशन देखने को मिला. क्योंकि इस घटने के आसपास मौजूद लोगों ने मदद के लिए एक पुरानी महिंद्रा बोलेरो को बुलाया. बोलेरो के ड्राइवर ने बिना एक पल गंवाए अपनी गाड़ी को फंसी हुई XEV 9e के बिल्कुल पीछे खड़ा किया.
इसके बाद दोनों गाड़ियों के बीच एक मजबूत टोइंग केबल को बहुत ही सावधानी के साथ बांधा गया. इस पूरी प्रक्रिया को देखने के लिए वहां आसपास बहुत सारे लोग इकट्ठा हो गए और वे अपने फोन से वीडियो बनाने लगे. कुछ ही देर में बोलेरो ने फंसी गाड़ी को बाहर निकाल दिया.

वजन ज्यादा होने के चलते हुआ ऐसा
आज के समय में लोग अक्सर अपनी नई और महंगी गाड़ियों को बिना सोचे-समझे किसी भी खतरनाक रास्ते पर ले जाते हैं. उन्हें लगता है कि गाड़ी महंगी है तो हर जगह आसानी से निकल जाएगी। लेकिन सच्चाई यह है कि बीच की रेत या गहरे कीचड़ में गाड़ी का वजन और उसके टायरों का ग्रिप सबसे ज्यादा मायने रखता है. जबकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों का वजन सामान्य पेट्रोल या डीजल गाड़ियों से ज्यादा होता है जिसकी वजह से उनके रेत में धंसने का खतरा बहुत अधिक होता है.
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