एक्सप्लोरर

जब भारत में तय है स्पीड लिमिट, तो मीटर में क्यों दी जाती है 200-250 की रफ्तार

स्पीड लिमिट तय होने के बावजूद गाड़ियों के स्पीडोमीटर में क्यों दी जाती है 200 से 250 की रफ्तार, जानिए इसके पीछे छिपे इंजीनियरिंग के बड़े कारण और कंपनियों का खास बिजनेस मॉडल.

भारत में नेशनल हाईवे से लेकर एक्सप्रेसवे तक, सभी गाड़ियों के लिए एक अधिकतम स्पीड लिमिट तय की गई है. सामान्य तौर पर एक्सप्रेसवे पर कारों के लिए यह सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब देश में कोई भी गाड़ी 120 से ऊपर नहीं चलाई जा सकती, तो फिर कार कंपनियों को गाड़ियों के स्पीडोमीटर में 200, 220 या 250 की अधिकतम रफ्तार देने की क्या जरूरत है?

बहुत से लोग इसे सिर्फ दिखावा या स्टाइल मानते हैं. लेकिन ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, साइकोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय नियमों के नजरिए से इसके पीछे कई बेहद तार्किक और तकनीकी वजहें छिपी हुई हैं.

इंजन की क्षमता और उसकी लाइफ का बड़ा गणित

ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्पीडोमीटर में दी गई अधिकतम रफ्तार असल में इंजन की कुल क्षमता को दर्शाती है. इसे एक आसान उदाहरण से समझें. यदि किसी कार के इंजन की आखिरी क्षमता 120 किमी प्रति घंटा ही हो और आप उसे लगातार 120 की टॉप स्पीड पर चलाएंगे, तो इंजन हमेशा अपनी पूरी ताकत 100% कैपेसिटी पर काम करेगा. ऐसा करने से इंजन बहुत तेजी से गर्म हो जाएगा, उसमें भारी टूट-फूट होगी और उसकी लाइफ बहुत कम हो जाएगी.

कार कंपनियां इंजन को इस तरह डिजाइन करती हैं कि वह 200 की रफ्तार छूने की क्षमता रखे, ताकि जब आप गाड़ी को हाईवे पर 100 या 120 की स्पीड पर चलाएं, तो इंजन अपनी क्षमता के मात्र 50 से 60 फीसदी हिस्से पर ही काम करे. इससे इंजन पर दबाव नहीं पड़ता, वह स्मूथ चलता है और सालों-साल खराब नहीं होता.

इंटरनेशनल मार्केट और मैन्युफैक्चरिंग के कड़े नियम

दुनियाभर की कार कंपनियां ग्लोबल स्तर पर गाड़ियों का निर्माण करती हैं. एक ही कार मॉडल भारत में भी बिकता है और जर्मनी जैसे देशों में भी जाता है, जहां के ऑटोबान जैसे एक्सप्रेसवे पर स्पीड की कोई सीमा ही नहीं है. वहां लोग आसानी से 150 से 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ाते हैं. अगर कार कंपनियां हर देश के स्पीड लिमिट नियमों के हिसाब से अलग-अलग इंजन और अलग-अलग स्पीडोमीटर डिजाइन करने लगेंगी, तो गाड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी. 

इंसानी मनोविज्ञान और बीच में सुई रखने का विज्ञान

स्पीडोमीटर के डिजाइन के पीछे इंसानी मनोविज्ञान का भी एक बड़ा हाथ है. मनोवैज्ञानिक रूप से, जब ड्राइवर गाड़ी चलाता है, तो उसकी नजर स्पीडोमीटर के बिल्कुल बीच वाले हिस्से पर सबसे आसानी से जाती है. अगर मीटर में अधिकतम स्पीड 240 लिखी होगी, तो 100 और 120 का आंकड़ा बिल्कुल बीच में आएगा.

ड्राइवर को बिल्कुल सेंटर में सुई देखने की आदत होती है, जिससे उसे गाड़ी को नियंत्रित करने में आसानी होती है. इसके अलावा, ग्राहक जब नई कार खरीदने शोरूम में जाता है, तो मीटर में 200 या 220 की रफ्तार देखकर उसे मानसिक रूप से गाड़ी के दमदार होने का अहसास होता है, जो कार की बिक्री बढ़ाने में मदद करता है.

यह भी पढ़ें: 2030 तक हर साल 50 लाख कारें बेचेगी Tesla, मस्क का बड़ा प्लान

आपातकालीन स्थितियां और ओवरटेकिंग के समय सुरक्षा

सड़क पर गाड़ी चलाते समय कई बार ऐसी आपातकालीन स्थितियां आ जाती हैं, जब दुर्घटना से बचने के लिए या किसी बड़े भारी वाहन को सुरक्षित रूप से ओवरटेक करने के लिए गाड़ी की रफ्तार को अचानक बढ़ाना पड़ता है. अगर गाड़ी में एक्स्ट्रा पावर और स्पीड की क्षमता नहीं होगी, तो वह अचानक पिकअप नहीं ले पाएगी, जिससे हाईवे पर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है. इंजन में मौजूद यह अतिरिक्त रफ्तार की क्षमता संकट के समय किसी भी बड़े हादसे को टालने में लाइफसेवर का काम करती है. 

यह भी पढ़ें: Vellfire की बढ़ेगी टेंशन, भारत आ रही BYD की लग्जरी कार

हिमांशु सिंह एबीपी लाइव में ऑटो सेक्शन में कार्यरत हैं. जहां वह ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों, नए मॉडल्स, कार-बाइक लॉन्च, ऑफर्स और ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न विषयों पर खबरें लिखने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका सफर वर्ष 2022 में डीएनपी इंडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने राजनीति, खेल और शिक्षा से जुड़ी खबरों पर काम किया. इसके साथ ही उन्होंने स्पोर्ट्स से संबंधित वीडियो भी तैयार किए.

इसके बाद उन्होंने Sportzwiki के साथ काम किया जहां उन्होंने मुख्य रूप से खेल जगत की खबरें लिखीं और सोशल मीडिया के लिए स्पोर्ट्स वीडियो बनाये. इसके बाद उन्होंने Hawk Martech में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वह एबीपी लाइव के साथ जुड़े हुए हैं और ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने रामा यूनिवर्सिटी, कानपुर से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के दौरान उन्होंने न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट, स्पोर्ट्स कवरेज, वीडियो कंटेंट और सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करने का अनुभव हासिल किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

कम बजट में चाहिए मिड-साइज SUV, देखिए मार्केट में क्या-क्या ऑप्शन?
कम बजट में चाहिए मिड-साइज SUV, देखिए मार्केट में क्या-क्या ऑप्शन?
Land Rover Defender की कीमत में 34 लाख की भारी कटौती, जानें वजह
Land Rover Defender की कीमत में 34 लाख की भारी कटौती, जानें वजह
दुनिया में कहां-कहां चल रही E100 वाली कारें, इस मामले में भारत कहां?
दुनिया में कहां-कहां चल रही E100 वाली कारें, इस मामले में भारत कहां?
Hyundai लॉन्च करने जा रही नई धांसू SUV, नेक्सॉन EV से होगा सीधा मुकाबला
Hyundai लॉन्च करने जा रही नई धांसू SUV, नेक्सॉन EV से होगा सीधा मुकाबला
Advertisement

वीडियोज

Sansani: बैंक का 'गोलमाल'... ग्राहक 'कंगाल' !
Ballot Paper पर जीरो, अब क्या करेगी Congress?
Form-6 पर Supreme Court में क्या बहस हुई? सटीक विश्लेषण
MLC का नतीजा UP में 2027 का करेगा फैसला? सटीक विश्लेषण
YRKKH:🫨Badi Dadi ने मेहमानों के सामने Abhira को दिए ताने, बवाल के बीच Maira-Kabir का हुआ सामना #sbs
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘मैं आपको सिखाऊंगा लड़ते कैसे हैं’, कैप्टन माछर से क्या बोले UAE के राष्ट्रपति
‘मैं आपको सिखाऊंगा लड़ते कैसे हैं’, कैप्टन माछर से क्या बोले UAE के राष्ट्रपति
UP MLC Election Results 2026 Live: वाराणसी के BJP उम्मीदवार ने स्वीकारी हार, सपा सांसद ने की 2027 की भविष्यवाणी
Live: वाराणसी के BJP MLC उम्मीदवार ने स्वीकारी हार, सपा सांसद ने की 2027 की भविष्यवाणी
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अब इस राज्य में होगा एक्शन, भ्रष्टाचार का आरोप, 700 करोड़ के नुकसान का दावा
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अब इस राज्य में होगा एक्शन, भ्रष्टाचार का आरोप, 700 करोड़ के नुकसान का दावा
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर होगा बड़ा क्लैश, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी रणबीर कपूर की 'रामायण'
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर महाटक्कर, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी 'रामायण'
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
अर्नब के कमजोर होने के बाद आ रही नई आफत, दक्षिण अंडमान से उठ रहा नया तूफान
अर्नब के कमजोर होने के बाद आ रही नई आफत, दक्षिण अंडमान से उठ रहा नया तूफान
'कल मोदी जी बहुत खुश हो गए थे', नागपुर में कांग्रेस की जीत पर संजय राउत का तंज
'कल मोदी जी बहुत खुश हो गए थे', नागपुर में कांग्रेस की जीत पर संजय राउत का तंज
Amla Storage Tips: आंवला कैसे स्टोर करें कि महीनों चले? आजमाएं दादी-नानी के नुस्खे
आंवला कैसे स्टोर करें कि महीनों चले? आजमाएं दादी-नानी के नुस्खे
Embed widget