BAAS प्लान के साथ सस्ती हुई Ultraviolette X-47, जानिए क्या अब खरीदना सही रहेगा?
Ultraviolette X-47 अब BAAS प्लान के साथ सस्ती कीमत में उपलब्ध है. कंपनी के अनुसार यह बाइक एक चार्ज में लगभग 323 किमी तक चल सकती है. आइए इसकी कीमत और फीचर्स पर नजर डालते हैं.

भारत में इलेक्ट्रिक बाइक का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और अब कंपनियां नए तरीके भी अपना रही हैं ताकि ग्राहकों के लिए कीमत कम की जा सके. इसी कड़ी में Ultraviolette X-47 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल अब Battery as a Service (BAAS) प्लान के साथ उपलब्ध कराई गई है. इस प्लान के कारण बाइक की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है और ग्राहक बैटरी को अलग से मंथली सब्सक्रिप्शन के जरिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
BAAS प्लान के साथ कितनी हो गई कीमत?
BAAS प्लान के साथ Ultraviolette X-47 की शुरुआती कीमत लगभग 1.49 लाख रुपये रखी गई है. इसमें बैटरी की कीमत शामिल नहीं होती. बैटरी के लिए ग्राहकों को लगभग 2499 रुपये प्रति महीने का सब्सक्रिप्शन देना होगा. यह सब्सक्रिप्शन करीब 5 साल के लिए होगा. कंपनी का कहना है कि फाइनेंसिंग का समय खत्म होने के बाद बैटरी की ओनरशिप ग्राहक को बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के मिल जाएगी. इस मॉडल को Ecofy के साथ साझेदारी में पेश किया गया है. अगर BAAS प्लान न लिया जाए तो इस बाइक की कीमत करीब 2.49 लाख रुपये हो सकती है.
रेंज और परफॉर्मेंस
Ultraviolette X-47 को एक पावरफुल इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के रूप में पेश किया गया है. कंपनी के अनुसार यह बाइक एक बार चार्ज करने पर लगभग 323 किलोमीटर की रेंज दे सकती है. इस बाइक में करीब 39 bhp की पावर और 100 Nm टॉर्क मिलता है. परफॉर्मेंस की बात करें तो यह बाइक 0 से 60 kmph की स्पीड सिर्फ 2.7 सेकंड में पकड़ सकती है. इसकी टॉप स्पीड लगभग 145 kmph बताई जा रही है. इसके बैटरी पैक पर 5 साल की वारंटी भी दी जाती है.
BAAS प्लान के फायदे
BAAS प्लान का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बाइक की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है. इससे उन लोगों के लिए इलेक्ट्रिक बाइक खरीदना आसान हो जाता है जो एक साथ ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते. इसके अलावा बैटरी पर वारंटी होने के कारण ग्राहकों को बैटरी से जुड़ी चिंता भी कम रहती है. कई लोगों के लिए मंथली सब्सक्रिप्शन देना बेहतर विकल्प बन सकता है. हालांकि BAAS प्लान के कुछ नुकसान भी हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि आपको हर महीने बैटरी के लिए अलग से भुगतान करना होगा. इसके अलावा बाइक को दोबारा बेचते समय प्रक्रिया थोड़ी मुश्किल हो सकती है, क्योंकि बैटरी की ओनरशिप अलग होती है. इसी वजह से कई ग्राहक अभी भी सीधे बैटरी के साथ बाइक खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं.
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Source: IOCL
























