चीन में ड्राइवरलेस कार पर मचा बवाल, अचानक रुकीं 100 से ज्यादा गाड़ियां, यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
Driverless car China: चीन में 100 से ज्यादा ड्राइवरलेस कारें अचानक रुक गईं, जिससे लोग अंदर फंस गए. इस घटना के बाद इन कारों की सुरक्षा और भरोसे को लेकर सवाल उठने लगे हैं. आइए विस्तार से जानते हैं.

चीन में ड्राइवरलेस कारों से जुड़ी एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसने इस नई टेक्नोलॉजी की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी के मुताबिक, बाइडू कंपनी की Apollo Go ड्राइवरलेस टैक्सियां अचानक चलते-चलते रुक गईं. यह घटना रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है, जब 100 से ज्यादा कारें एक साथ सड़क पर ठप हो गईं. सबसे चिंताजनक बात ये रही कि ये कारें बीच सड़क और ट्रैफिक के बीच ही रुक गईं. इससे न सिर्फ ट्रैफिक बाधित हुआ, बल्कि कार में बैठे यात्री भी अंदर फंस गए. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह समस्या किसी टेक्नोलॉजी खराबी यानी सॉफ्टवेयर गड़बड़ी की वजह से हुई थी. हालांकि, कंपनी या अधिकारियों की तरफ से अभी तक पूरी जानकारी सामने नहीं आई है.
यात्रियों के लिए कैसे बनी खतरनाक स्थिति?
दरअसल, इस घटना के दौरान कार में बैठे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. यात्रियों ने बताया कि गाड़ी अचानक रुक गई और स्क्रीन पर एक मैसेज आया कि ड्राइविंग सिस्टम में खराबी है और कुछ ही समय में मदद पहुंच जाएगी, लेकिन जब लंबे समय तक कोई सहायता नहीं आई, तो लोगों को खुद ही कदम उठाना पड़ा. कई यात्रियों ने SOS बटन का इस्तेमाल किया और किसी तरह गाड़ी से बाहर निकले. स्थिति और भी खतरनाक तब हो गई जब कुछ कारें फ्लाईओवर पर रुक गईं. वहां तेज रफ्तार से गाड़ियां गुजर रही थीं, जिससे बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया था. इस तरह की स्थिति में अगर समय पर मदद न मिले, तो यह बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है.
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
ये पहली बार नहीं है जब ड्राइवरलेस कारों में इस तरह की समस्या आई हो. इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं. दिसंबर 2025 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में Waymo कंपनी की कारें अचानक रुक गई थीं, जिसकी वजह बिजली से जुड़ी समस्या थी. इसके अलावा अगस्त 2025 में चीन के ही चोंगकिंग शहर में एक रोबोटैक्सी सड़क पर बने गड्ढे में गिर गई थी. इन घटनाओं से यह साफ होता है कि भले ही यह टेक्नोलॉजी नई और मॉडर्न है, लेकिन अभी इसमें कई कमियां हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गाड़ियां इंसानी गलती को कम कर सकती हैं, लेकिन टेक्नोलॉजीी खराबी अपने आप में बड़ा खतरा बन सकती है.
Baidu का बड़ा प्लान
बाइडू कंपनी ड्राइवरलेस कारों के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही है. वुहान शहर को इसका बड़ा टेस्टिंग सेंटर माना जाता है, जहां 1000 से ज्यादा रोबोटैक्सी चल रही हैं. कंपनी अब इस सर्विस को दूसरे देशों जैसे दुबई, अबू धाबी और यूरोप तक फैलाने की तैयारी में है.
Source: IOCL


























