RC घर भूल गए तो कटेगा चालान? जान लें असली नियम
Traffic Police Rules: क्या कार या बाइक की आरसी घर भूल जाने पर ट्रैफिक पुलिस चालान काट सकती है? जानिए सड़क परिवहन मंत्रालय के असली नियम, डिजिलॉकर और एम-परिवहन ऐप से चालान से बचने का आसान तरीका.

Traffic Police Rules: अक्सर हम जब भी घर से अपनी बाइक या कार लेकर निकलते हैं तो जल्दबाजी में अपने गाड़ी की आरसी लेना भूल जाते हैं. लेकिन जब रास्ते में ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के लिए रोकती है और सबसे पहले गाड़ी की आरसी मांगती है और आरसी न होने के चलते हमें लगता है कि अब चालान काटना तय है. कई बार पुलिसकर्मी भी ओरिजिनल या फिजिकल आरसी न होने पर जुर्माना भरने की बात कहने लगते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कानूनन आरसी का ओरिजिनल पेपर साथ न होने पर भी आपका चालान नहीं कट सकता.
आपको बता दें कि, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने डिजिटल इंडिया के तहत देश भर में चालान और चेकिंग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अगर आप सही तरीका और नियम जानते हैं तो आप बिना किसी परेशानी के ट्रैफिक पुलिस को डिजिटल दस्तावेज दिखाकर चालान से बच सकते हैं. तो चलिए जानतें हैं कि आरसी घर छूट जाने पर कानून क्या कहता है और आप चालान से कैसे बच सकते हैं.
डिजिटल आरसी भी है मान्य
आपको बता दें कि, भारत सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय के नियमों के मुताबिक यदि आप अपनी आरसी की ओरिजिनल फिजिकल कॉपी घर भूल गए हैं तो आपको घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. क्योंकि, सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ऐप्स जैसे डिजिलॉकर या एम-परिवहन में रखी वर्चुअल आरसी कानूनी रूप से ओरिजिनल डॉक्यूमेंट के बराबर ही मान्य है.
बता दें कि, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत इन ऐप्स में दिखाये गए डिजिटल पेपर्स को खारिज करना गैर-कानूनी है. अगर ट्रैफिक पुलिसकर्मी चेकिंग के समय आपसे कागजात मांगता है तो आप अपने स्मार्टफोन में एम-परिवहन ऐप खोलकर वर्चुअल आरसी या डिजिलॉकर में सेव आरसी दिखा सकते हैं. पुलिसकर्मी अपने पास मौजूद मशीन से आपकी स्क्रीन पर बना क्यूआर कोड स्कैन करके गाड़ी की पूरी डिटेल जांच लेंगे और आपको कोई चालान नहीं भरना पड़ेगा.

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स्क्रीनशॉट नहीं होता है मान्य
जानकारी दें दे कि, डिजिटल आरसी दिखाते समय लोग अक्सर एक बहुत बड़ी गलती कर बैठते हैं. कई ड्राइवर अपने मोबाइल गैलरी में रखी आरसी की सामान्य फोटो, पीडीएफ फाइल या वॉट्सएप पर आया स्क्रीनशॉट पुलिस को दिखाने लगते हैं. ध्यान रहे कि सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स के तहत फोन गैलरी की फोटो या किसी अन्य ऐप पर रखे स्क्रीनशॉट को ऑफिशियल डॉक्यूमेंट नहीं माना जाता है.
ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मी आपका बिना आरसी का चालान काट सकते हैं. इसलिए हमेशा सरकार के आधिकारिक एम-परिवहन या डिजिलॉकर ऐप को ही अपने फोन में एक्टिव रखें और उसी के जरिए डिजिटल आरसी जनरेट करके दिखाएं.

15 दिनों का मिलता है समय
अब बात करतें हैं कि, अगर चेकिंग के दौरान ऐप नहीं चला तब क्या कर सकते हैं. इस मौके पर भी तुरंत चालान कटने से बचा जा सकता है. सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 139 के अनुसार यदि आपके पास मौके पर कोई कागजात नहीं हैं तो आपके पास संबंधित पुलिस अथॉरिटी या आरटीओ ऑफिस में 15 दिनों के भीतर अपना असली डॉक्यूमेंट पेश करने का कानूनी अधिकार होता है.
आप पुलिसकर्मी को बता सकते हैं कि आप 15 दिनों के भीतर अपनी ओरिजिनल आरसी सबमिट कर देंगे. इसके बाद पुलिस आपका भारी चालान काटने के बजाय एक टोकन स्लिप दे सकती है जिसे दिखाकर आप बाद में 100 रुपये की मामूली प्रोसेसिंग फीस भरकर मामला रफा-दफा करा सकते हैं.
ट्रैफिक पुलिस की मनमानी पर शिकायत
बता दें कि, अगर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी एम-परिवहन या डिजिलॉकर में रखी डिजिटल आरसी को मानने से इनकार करता है और जबरदस्ती चालान काटने पर अड़ जाता है तो हालत में आप उन्हें सड़क परिवहन मंत्रालय के उस नोटिफिकेशन और आईटी एक्ट का हवाला दे सकते हैं जिसके तहत देश भर में डिजिटल आरसी को वैधता मिली हुई है.
यदि फिर भी अधिकारी नहीं मानते तो आप चालान रसीद पर यह दर्ज करने को कह सकते हैं कि आपने डिजिटल आरसी दिखाई थी. इसके बाद आप संबंधित शहर के ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम, सीनियर पुलिस अधिकारियों या परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर इस जबरन काटे गए चालान को रद्द कराने के लिए आसानी से अपील कर सकते हैं.
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