Car Accessories:कार खरीदते वक्त शोरूम से मिलने वाली एसेसिरीज असली है या नकली, कैसे पता करें?
Car Accessories: नई कार के साथ मिलने वाली एसेसिरीज खरीदने से पहले पार्ट नंबर, QR कोड, बिल, वारंटी और फिटिंग जरूर जांचें. इससे असली और नकली एसेसिरीज की पहचान करना आसान हो जाता है.

Car Accessories: नई कार खरीदते समय ज्यादातर लोग इंजन, फीचर्स और माइलेज पर ध्यान देते हैं, लेकिन शोरूम से मिलने वाली एसेसरीज़ की जांच करना अक्सर भूल जाते हैं. कई बार ग्राहकों को ओरिजिनल बताकर आफ्टरमार्केट या लोकल एसेसरीज़ दे दी जाती हैं, जिनकी गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों पर सवाल उठ सकते हैं. ऐसे में कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप पता लगा सकते हैं कि कार के साथ मिलने वाली एसेसरीज असली है या नहीं.
ओरिजिनल एसेसरीज की पहचान ऐसे करें
सबसे पहले एसेसरीज की पैकेजिंग और उस पर लगे ब्रांड लोगो को ध्यान से देखें. असली एसेसरी पर कंपनी का नाम, पार्ट नंबर, बारकोड या QR कोड और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी जानकारी साफ छपी होती है. पैकेजिंग खराब, बिना ब्रांडिंग या प्रिंटिंग में गलती दिखे तो सतर्क हो जाएं. यदि QR कोड दिया गया है तो उसे स्कैन करके भी जानकारी जांच सकते हैं.
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बिल और पार्ट नंबर जरूर मिलाएं
कार खरीदते समय एसेसरीज का अलग से बिल या इनवॉइस मांगें. बिल में एसेसरीज का नाम और पार्ट नंबर लिखा होना चाहिए. इस पार्ट नंबर को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, कैटलॉग या अधिकृत सर्विस सेंटर से मिलाकर पुष्टि की जा सकती है. साथ ही यह भी पूछें कि एसेसरीज पर कंपनी की वारंटी मिल रही है या नहीं. ओरिजिनल एसेसरी पर आमतौर पर वारंटी उपलब्ध होती है.
फिटिंग और क्वालिटी भी देती है बड़ा संकेत
असली एसेसरी कार में बिना किसी गैप के फिट होती है और उसकी फिनिशिंग बेहतर होती है. वहीं नकली या कम गुणवत्ता वाली एसेसरी में ढीलापन, खराब प्लास्टिक, हल्का वजन, रंग में अंतर या फिटमेंट की समस्या दिखाई दे सकती है. यदि शोरूम किसी एसेसरी को कंपनी की ओरिजिनल बता रहा है, तो उससे लिखित पुष्टि लेना भी बेहतर रहता है. जरूरत पड़ने पर अधिकृत सर्विस सेंटर से उसकी जांच कराई जा सकती है.
इन बातों का ध्यान रखें
- वारंटी कार्ड जरूर लें, ताकि जरूरत पड़ने पर क्लेम किया जा सके.
- इंस्टॉलेशन गाइड मिलने से सही फिटिंग और इस्तेमाल की जानकारी मिलती है.
- बिल में पार्ट नंबर और एसेसरी का नाम साफ लिखा होना चाहिए.
- सर्टिफिकेट या कंपनी के दस्तावेज मिलें तो उन्हें संभालकर रखें, ये एसेसरी के ओरिजिनल होने का बड़ा प्रमाण होते हैं.
- डीलर की प्रामाणिकता: हमेशा अधिकृत डीलर (Authorized Dealership) से ही एक्सेसरीज लें और इसका पक्का बिल (GST Invoice) लें, जिस पर पार्ट नंबर स्पष्ट रूप से लिखा हो.
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