आपकी इलेक्ट्रिक कार कहीं खतरा तो नहीं? आग से बचाने के लिए अपनाएं ये 5 जरूरी टिप्स
इलेक्ट्रिक कार में आग लगने की वजह बैटरी ओवरहीटिंग, गलत चार्जिंग, खराब वायरिंग या एक्सीडेंट के बाद बैटरी डैमेज हो सकती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि EV मालिकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की पॉपुलेरिटी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन हाल ही में सामने आई Mahindra BE 6 EV में आग लगने की घटना ने EV सेफ्टी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यह घटना EV मालिकों के लिए एक चेतावनी है कि तकनीक के साथ-साथ सावधानी और सही इस्तेमाल भी उतना ही जरूरी है. इलेक्ट्रिक कारों में आग लगने की बड़ी वजहें बैटरी ओवरहीटिंग, गलत चार्जिंग, खराब वायरिंग या एक्सीडेंट के बाद बैटरी डैमेज हो सकती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आग से बचने के लिए कौन-सी 5 सेफ्टी टिप्स हर EV मालिक को जरूर अपनानी चाहिए.
Mahindra BE 6 में आग लगने की असली वजह
कार के डेटा के अनुसार, वाहन को करीब 10 मिनट तक लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया, जबकि उसका रियर-राइट टायर पूरी तरह पंक्चर था. इसके बावजूद ड्राइव जारी रखी गई. टायर प्रेशर अलर्ट बार-बार आए, ESP और TCS सिस्टम लगातार काम करते रहे और ज्यादा घर्षण की वजह से टायर ज्यादा गर्म हो गया. वीडियो विश्लेषण से साफ हुआ कि आग की शुरुआत टायर के रबर से हुई, न कि बैटरी से.
1. बैटरी हेल्थ की रेगुलर जांच जरूरी
EV की बैटरी सबसे अहम हिस्सा होती है. समय-समय पर अधिकृत सर्विस सेंटर पर बैटरी की जांच कराना जरूरी है, ताकि ओवरहीटिंग, सूजन या किसी तकनीकी खराबी का समय रहते पता चल सके. ओवरचार्जिंग से बचना और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को अपडेट रखना भी बेहद जरूरी है.
2. सही चार्जिंग केबल का इस्तेमाल करें
हमेशा कंपनी की ओर से सर्टिफाइड चार्जर और केबल का ही उपयोग करें. सस्ते या लोकल चार्जर से शॉर्ट सर्किट और ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ जाता है. चार्जिंग के दौरान जगह का हवादार होना भी जरूरी है, ताकि गर्मी बाहर निकल सके.
3. पार्किंग में बरतें समझदारी
बहुत ज्यादा गर्म जगहों पर लंबे समय तक EV पार्क करने से बैटरी पर दबाव बढ़ सकता है. कोशिश करें कि गाड़ी छायादार और सुरक्षित जगह पर खड़ी हो, जहां आसपास कोई ज्वलनशील सामान न हो.
4. सॉफ्टवेयर अपडेट को नजरअंदाज न करें
EV की सेफ्टी काफी हद तक सॉफ्टवेयर पर निर्भर करती है. समय-समय पर मिलने वाले अपडेट बैटरी मैनेजमेंट और थर्मल कंट्रोल को बेहतर बनाते हैं, इसलिए इन्हें जरूर इंस्टॉल करें.
5. Warning Signs को हल्के में न लें
अगर डैशबोर्ड पर अलर्ट आए, अजीब गंध महसूस हो या धुआं दिखे, तो तुरंत गाड़ी रोकें और प्रोफेशनल मदद लें. समय पर लिया गया फैसला बड़ी दुर्घटना को टाल सकता है.
यह भी पढ़ें:-
Car Mileage Guide: कितनी स्पीड पर गाड़ी देती है सबसे बेहतर माइलेज? ये टिप्स जानना जरूरी
Source: IOCL

























