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गाड़ी का परमिट 5 साल बढ़ेगा? जानें किसे और कैसे मिलेगा फायदा

Vehicle Permit Extension: सरकार ने EV, CNG और हाइड्रोजन कमर्शियल गाड़ियों की उम्र सीमा में 5 साल की राहत देने का ड्राफ्ट जारी किया है.

Vehicle Permit Extension: भारतीय सरकार इन दिनों ऑटोमोबाइल सेक्टर में काफी बदलाव करती नजर आ रही है. पहले एथेनॉल और अब गाड़ियों के परमिट को लेकर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. बता दें कि, हमारे देश में कमर्शियल वाहन चलाने वाले ट्रांसपोर्टर्स और गाड़ी मालिकों के लिए परमिट रिन्यूअल एक बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है. अक्सर गाड़ी मालिकों के मन में यह भ्रम रहता है कि क्या उनकी गाड़ी का परमिट 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है या नहीं.

लेकिन अब मोटर वाहन अधिनियम के तहत भारत में कमर्शियल गाड़ियों को दिए जाने वाले नेशनल परमिट और ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की मानक वैधता 5 साल के लिए ही तय की गई है. अगर आपकी गाड़ी का परमिट खत्म होने वाला है या आप नया कमर्शियल व्हीकल खरीदने की सोच रहे हैं तो जानिए कि 5 साल की परमिट बढ़ोतरी का नियम क्या है इसका फायदा किसे मिलता है और इसके लिए क्या-क्या शर्ते पूरी करनी होती हैं. इस खबर में पूरी डिटेल्स से हम बताने वाले हैं कि, आप कैसे अपने परमिट को बढ़ा सकते हैं.

इन गाड़ियों का 5 साल ज्यादा रहेगा परमिट?

आपको बता दें कि, मौजूदा नियमों के अनुसार नेशनल परमिट सिस्टम के तहत चलने वाले डीजल-पेट्रोल कमर्शियल वाहनों के लिए गाड़ी के प्रकार के आधार पर 12 साल या 15 साल की अधिकतम उम्र सीमा तय है. लेकिन सरकार के नए प्रस्ताव के तहत केवल बैटरी चालित, हाइड्रोजन फ्यूल और सीएनजी से चलने वाले कमर्शियल वाहनों की परिचालन उम्र को 5 साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी. यानी पात्र ग्रीन गाड़ियां अब 12 और 15 साल के बजाय 17 साल और 20 साल तक नेशनल परमिट पर सड़कों पर दौड़ सकेंगी.

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कब से लागू हो सकता है यह नियम?

जानकारी दें दे कि, फिलहाल यह सरकार का एक ड्राफ्ट नियम है. मंत्रालय ने इस पर जनता, वाहन मालिकों और विशेषज्ञों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. इस 30 दिन की अवधि के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार करके अंतिम नियम को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा. गजट में अधिसूचित होने की तारीख से ही यह नियम आधिकारिक रूप से लागू माना जाएगा.


गाड़ी का परमिट 5 साल बढ़ेगा? जानें किसे और कैसे मिलेगा फायदा

बीएस-4 या बीएस-6, किन पर लागू होगा नियम?

बता दें कि, यह नियम इंजन एमिशन (BS-4 या BS-6) के बजाय ईंधन के प्रकार और परमिट की श्रेणी पर आधारित है. जिसके चलते यह छूट केवल इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और प्राकृतिक गैस से चलने वाले नॉन-पॉल्यूटिंग कमर्शियल वाहनों पर लागू होगी. वहीं, यह नियम पारंपरिक डीजल या पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियों पर लागू नहीं होगा. साथ ही यह केवल नेशनल परमिट के तहत आने वाले वाहनों के लिए है न कि सभी सामान्य लोकल वाहनों के लिए.

कितनी फीस देने के बाद बढ़वा सकेंगे परमिट?

आपको बता दें कि, परमिट प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाने के लिए सरकार ने हर साल रिन्यूअल के झंझट को खत्म कर एक बार में अधिकतम 5 साल तक का इलेक्ट्रॉनिक्स नेशनल परमिट ऑथराइजेशन चुनने का विकल्प दिया है.

  • सालाना फीस: 16,500 रुपये प्रति वर्ष (फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.
  • 5 साल का कुल शुल्क: यदि आप एक साथ 5 साल का नेशनल परमिट चुनते हैं तो आपको 82,500 रुपये की फीस जमा करनी होगी.

वहीं, यह पूरी आवेदन और ऑथराइजेशन प्रक्रिया वाहन पोर्टल के जरिए पूरी तरह से पेपरलेस और डिजिटल होगी.


गाड़ी का परमिट 5 साल बढ़ेगा? जानें किसे और कैसे मिलेगा फायदा

कितने दिन पहले करना होगा अप्लाई?

मिली जानकारी के हिसाब से बता दें कि, ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, वाहन मालिकों को अपने मौजूदा परमिट या अस्थायी रजिस्ट्रेशन के एक्सपायर होने से 30 दिन पहले ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा. वहीं, इसके अलावा ड्राफ्ट में बिना बॉडी वाले खाली चेसिस के लिए 6 महीने के अस्थायी रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया गया है. ताकि बॉडी फिटिंग का काम आराम से पूरा हो सके. यदि वर्कशॉप में काम में देरी होती है तो इसे 30-30 दिनों के लिए आगे भी बढ़ाया जा सकेगा.

क्या होगा फायदा?

अब बात करते हैं इस आने वाले समय में फायदा कैसे मिलेगा तो आपको बता दें कि, इलेक्ट्रिक और सीएनजी ट्रकों व बसों की शुरुआती कीमत डीजल गाड़ियों से ज्यादा होती है. 5 साल अतिरिक्त परिचालन अवधि मिलने से ट्रांसपोर्टर्स अपनी गाड़ी की लागत आसानी से निकाल सकेंगे और बार-बार आरटीओ के चक्कर काटने से भी मुक्ति मिलेगी.

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हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

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