अब बिना इंजन बदले E100 फ्यूल पर भी चलेगी आपकी गाड़ी, बस करना होगा आपको ये काम
Flex Fuel Conversion Kit: नई कन्वर्जन किट में ऐसे सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक मॉड्यूल लगाए जाते हैं जो फ्यूल की क्वालिटी और उसमें मौजूद एथेनॉल की मात्रा को पहचानते हैं. आइए डिटेल्स जानते हैं.

भारत में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते सरकार लगातार एथेनॉल बेस्ड फ्यूल को बढ़ावा दे रही है. अब मार्केट में E100 यानी 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों को लेकर चर्चा है. लाखों कार मालिकों के मन में यह सवाल है कि क्या उनकी मौजूदा पेट्रोल कारें भी इस नए फ्यूल पर चल पाएंगी या फिर उन्हें नई गाड़ी खरीदनी पड़ेगी? इसी बीच एक ऐसी तकनीक सामने आई है जो पुरानी पेट्रोल कारों को बिना इंजन बदले E100 एथेनॉल पर चलाने में मदद कर सकती है.
भारत में एक खास फ्लेक्स-फ्यूल कन्वर्जन किट की टेस्टिंग की जा रही है. यह किट कार के इंजन को पूरी तरह बदलने की बजाय उसके फ्यूल सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम में जरूरी बदलाव करती है. इसकी मदद से गाड़ी यह पहचान सकती है कि टैंक में पेट्रोल है या इथेनॉल है.
कन्वर्जन किट को लेकर की गई टेस्टिंग
ISMA और IIT दिल्ली ने मिलकर फ्लेक्स फ्यूल कन्वर्जन किट को लेकर टेस्टिंग की. इसमें BS4 मारुति सुजुकी स्विफ्ट और BS6 मारुति डिजायर पर यह टेस्ट किया गया. BS6 व्हीकल ने 5 हजार किलोमीटर तो BS4 व्हीकल ने ट्रायल के दौरान 1 हजार किलोमीटर की दूरी तय की, जोकि प्योर एथेनॉल फ्यूल के साथ तय की गई.
कैसे काम करेगी फ्लेक्स-फ्यूल कन्वर्जन किट?
E100 नॉर्मल पेट्रोल से काफी अलग होता है. इसका केमिकल नेचर अलग होने के चलते इसे जलाने के लिए ज्यादा फ्यूल की जरूरत पड़ती है. इसके साथ ही यह नमी को भी आकर्षित करता है, जिससे फ्यूल लाइन, सील और दूसरे पार्ट्स पर असर पड़ सकता है. यही वजह है कि पेट्रोल कारें सीधे E100 पर नहीं चल सकतीं. इसके लिए कुछ खास बदलाव जरूरी होते हैं.
नई कन्वर्जन किट में ऐसे सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक मॉड्यूल लगाए जाते हैं जो फ्यूल की क्वालिटी और उसमें मौजूद एथेनॉल की मात्रा को पहचानते हैं. इसके बाद इंजन कंट्रोल यूनिट (ECU) फ्यूल की आपूर्ति और दहन प्रक्रिया को उसी हिसाब से कंट्रोल करती है. इससे कार पेट्रोल और एथेनॉल दोनों तरह के फ्यूल पर बेहतर तरीके से चल सकती है.
कम खर्च में लोग कर सकेंगे अपग्रेड
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है तो पुराने कार मालिकों को नई फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. लोग कम खर्च में अपनी मौजूदा कार को अपग्रेड कर सकेंगे. इससे कार मालिकों की लागत भी बचेगी और सरकार के एथेनॉल यूज को बढ़ाने के टारगेट को भी मदद मिलेगी.
एथेनॉल फ्यूल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कृषि उत्पादों जैसे गन्ना, मक्का और दूसरे जैविक स्रोतों से तैयार किया जाता है. इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो सकती है और पर्यावरण को होने वाला नुकसान भी घट सकता है. हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि E100 पर पूरी तरह जाने के लिए फ्यूल वितरण व्यवस्था, वाहन तकनीक और सर्विस नेटवर्क में कई बदलाव करने होंगे.
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