इस तरह करेंगे ड्राइविंग तो गिर जाएगा आपकी कार का माइलेज, जानें सही तरीका
तेज acceleration, अचानक braking, ज्यादा speed और गलत tyre pressure आपकी कार का माइलेज घटा सकते हैं. जानें बेहतर fuel efficiency के लिए सही driving habits

कार का माइलेज सिर्फ इंजन या ईंधन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि आपकी ड्राइविंग आदतों का भी इस पर बड़ा असर पड़ता है. अगर आप बार-बार तेज एक्सीलरेशन करते हैं, अचानक ब्रेक लगाते हैं या जरूरत से ज्यादा स्पीड पर कार चलाते हैं, तो इंजन को ज्यादा ईंधन खर्च करना पड़ता है. अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार aggressive driving यानी तेज स्पीड, तेज acceleration और अचानक braking से हाईवे पर fuel economy करीब 15 से 30 फीसदी तक और stop-and-go ट्रैफिक में 10 से 40 फीसदी तक कम हो सकती है.
इसका मतलब यह नहीं है कि हर कार में माइलेज इतनी ही मात्रा में गिरेगा, क्योंकि सड़क, ट्रैफिक, कार का मॉडल और ड्राइविंग परिस्थितियां भी असर डालती हैं. इसलिए अगर आप बेहतर माइलेज चाहते हैं तो अचानक रफ्तार बढ़ाने और बार-बार तेज ब्रेक लगाने के बजाय smooth driving करना सबसे आसान तरीका है.
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स्पीड भी बन सकती है माइलेज की दुश्मन.
हाईवे पर लगातार बहुत तेज स्पीड से कार चलाने पर भी ईंधन की खपत बढ़ती है. जैसे-जैसे स्पीड बढ़ती है, हवा का resistance भी बढ़ता है और इंजन को कार को आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इसलिए हाईवे पर तय speed limit के अंदर एक स्थिर और संतुलित रफ्तार बनाए रखना आमतौर पर ज्यादा efficient होता है. लगातार accelerator दबाने और फिर ब्रेक लगाने के बजाय आगे के ट्रैफिक को देखकर पहले से गति कम करना भी मददगार हो सकता है. जहां उपलब्ध हो, cruise control का इस्तेमाल समतल हाईवे पर एक स्थिर गति बनाए रखने में मदद कर सकता है. हालांकि पहाड़ी, बहुत ज्यादा ट्रैफिक या घुमावदार रास्तों पर इसका इस्तेमाल परिस्थितियों के अनुसार ही करना चाहिए.
टायर में कम हवा भी बढ़ा सकती है ईंधन की खपत.
माइलेज कम होने की वजह सिर्फ ड्राइविंग नहीं, कार की स्थिति भी हो सकती है. टायर में जरूरत से कम हवा होने पर rolling resistance बढ़ सकता है और इंजन को कार चलाने के लिए ज्यादा ऊर्जा लगानी पड़ सकती है. इसलिए टायर प्रेशर हमेशा कार निर्माता की बताई हुई recommended pressure पर रखना चाहिए. यह जानकारी आमतौर पर ड्राइवर साइड के दरवाजे के फ्रेम या owner's manual में दी जाती है. टायर की sidewall पर लिखा maximum pressure वाहन के लिए recommended pressure नहीं होता. NHTSA के मुताबिक टायर प्रेशर को कम से कम महीने में एक बार और लंबी यात्रा से पहले cold tyres पर जांचना चाहिए. साथ ही कार में बेवजह भारी सामान रखने से बचें, क्योंकि अतिरिक्त वजन भी efficiency को प्रभावित कर सकता है.
लंबे समय तक इंजन चालू रखना भी सही नहीं.
अगर कार खड़ी है और आपको आगे बढ़ना नहीं है, तो बिना जरूरत इंजन चालू रखकर लंबे समय तक इंतजार करने से ईंधन बेवजह खर्च होता है. इसी तरह एयर कंडीशनिंग और दूसरी electrical सुविधाओं का इस्तेमाल भी परिस्थितियों के अनुसार करना चाहिए, हालांकि गर्म मौसम में AC बंद करके असुविधाजनक या असुरक्षित तरीके से ड्राइव करना सही तरीका नहीं है. कार की नियमित सर्विसिंग भी जरूरी है, क्योंकि खराब maintenance इंजन की efficiency को प्रभावित कर सकती है. इसलिए बेहतर माइलेज के लिए कोई एक जादुई तरीका नहीं है. smooth acceleration, नियंत्रित speed, सही tyre pressure, अनावश्यक idling से बचना, अतिरिक्त वजन कम रखना और समय पर maintenance जैसे कई छोटे कदम मिलकर fuel efficiency बेहतर रखने में मदद करते हैं.
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